प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है। यह शरीर की वृद्धि, मांसपेशियों को मजबूत बनाने, टिश्यू को रिपेयर करने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए बहुत जरूरी है। अक्सर यह माना जाता है कि सिर्फ अंडे, मांस या डेयरी प्रोडक्ट्स ही प्रोटीन का अच्छा सोर्स हैं, लेकिन शाकाहारी लोग भी सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाकर अपनी डाइट में हाई क्वालिटी प्रोटीन शामिल कर सकते हैं। अनाज और दालों का सही मेल शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने के साथ जरूरी अमीनो एसिड देने में मदद करता है, जिसे कम्प्लीट प्रोटीन कहा जाता है। प्रोटीन अमीनो एसिड से मिलकर बनता है, जिनमें से कुछ खुद नहीं बनते हैं। इसलिए, इन्हें फूड्स से पाना जरूरी है। ज्यादातर दालें और अनाज अपने आप में सभी जरूर अमीनो एसिड पर्याप्त मात्रा में नहीं देते हैं, लेकिन जब इन्हें एक साथ खाया जाता है तो वे एक दूसरे की कमी पूरी कर सकते हैं। इसलिए, आइए दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि अनाज और दालों को मिलाकर कम्प्लीट प्रोटीन कैसे बनाएं?
अनाज और दालों को एक साथ खाना क्यों फायदेमंद है?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि अनाज जैसे गेहूं, चावल, बाजरा और ज्वार में लाइसिन (Lysine) कम मात्रा में पाया जाता है, जबकि दालों में इसकी मात्रा काफी अच्छी पाई जाती है। वहीं दूसरी ओर, दालों में मेथियोनिन (Methionine) जरूरी मात्रा से कम होता है, जो अनाज में अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसलिए, इन दोनों का मिश्रण कम्प्लीट प्रोटीन माना जाता है।
अनाज और दाल मिलाकर कम्प्लीट प्रोटीन कैसे बनाएं?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, भारत के फूड्स अनाज और दालों का बेहतरीन मेल होते हैं। यह कॉम्बिनेशन शरीर को जरूरी अमीनो एसिड का बेहतर संतुलन देने में मदद करता है। इसलिए, आप इन कॉम्बिनेशन को ट्राई कर सकते हैं-
1. दाल और चावल
दाल और चावल भारतीय घरों का सबसे आम और कंफर्टिंग फूड माना जाता है। चावल में लाइसिन की मात्रा कम होती है, जबकि दालें इसकी कमी को पूरा करने का काम करती हैं। वहीं, दालों में मेथियोनिन कम होता है, जो चावल से मिल जाता है। इसलिए, यह एक संतुलित प्रोटीन कॉम्बिनेशन माना जाता है।
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2. राजमा-चावल
राजमा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं, जबकि चावल इसके साथ मिलकरप प्रोटीन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी काफी मददगार है।
3. खिचड़ी
मूंग दाल और चावल से बनी खिचड़ी हल्की, आसानी से पचने वाली औऱ पौष्टिक होती है। बीमारी के दौरान भी इसे खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह शरीर को एनर्जी देने और प्रोटीन की कमी को दूर करने में मदद करती है।
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4. इडली और सांभर
इडली और संभार हल्का और आसानी से पचने वाला फूड माना जाता है, जिसे अक्सर लोग ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर किसी भी समय अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यह कम्प्लीट प्रोटीन का अच्छा सोर्स है। इडली चावल और उड़द दाल से तैयार की जाती है, जबकि सांभर में भी दाल का इस्तेमाल होता है। यह मिश्रण प्रोटीन के साथ विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर होता है।
5. रोटी और दाल
गेंहू की रोटी के साथ अरहर, मसूर, मूंग या चना दाल का सेवन उत्तर भारत का एक ट्रेडिशनल फूड है। यह न सिर्फ पेट को देर तक हुआ महसूस कराने में मदद करता है, बल्कि शरीर को जरूरी अमीनो एसिड का अच्छा संतुलन भी होता है।
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6. बाजरे या ज्वार की रोटी और दाल
बाजरा और ज्वार जैसे मोटे अनाज फाइबर, आयरन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। जब इन्हें दाल के साथ मिलाकर खाया जाता है तो भोजन की प्रोटीन क्वालिटी और पोषक तत्व दोनों बढ़ जाते हैं।
निष्कर्ष
नॉनवेज फूड्स के अलावा शाकाहारी भोजन से भी आप पर्याप्त मात्रा में और अच्छी क्वालिटी वाला प्रोटीन पा सकते हैं। अनाज और दालों का सही कॉम्बिनेशन शरीर को जरूरी अमीनो एसिड देने में मदद करता है और संतुलित पोषण देता है। दाल-चावल, खिचड़ी, राजमा-चावल, इडली-सांभर और रोटी-दाल जैसे फूड्स न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि प्रोटीन की गुणवत्ता बढ़ाने का भी एक अच्छा सोर्स है।
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FAQ
सबसे ज्यादा प्रोटीन वाला खाना कौन सा है?
नॉर्मल फूड्स में सोयाबीन और चिकन ब्रेस्ट में सबसे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है।सुबह-सुबह प्रोटीन में क्या खाना चाहिए?
सुबह-सुबह प्रोटीन से भरपूर ब्रेकपास्ट करने से दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहती है और बार-बार भूख नहीं लगती है। इसलिए, आप अपने ब्रेकफास्ट में पनीर, स्प्राउट्स, दही और दालों का सेवन कर सकते हैं।
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Current Version
Jul 01, 2026 16:07 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jul 01, 2026 16:07 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra