आयुर्वेद के मुताबिक, कुलथी की दाल (Kulthi Dal or Horse Gram) कफ और वात दोष को संतुलित करने में मदद करती है। यह पाचन के लिए फायदेमंद मानी जाती है। यह दाल मसूर की दाल जैसी दिखती है, इसका रंग हल्का काला और भूरा होता है। गर्म तासीर के कारण पहाड़ी इलाकों में ये दाल ज्यादा खाई जाती है। इसमें प्रोटीन होता है इसलिए इसे खाकर शरीर को एनर्जी मिलती है और थकान एवं कमजोरी दूर होती है। 100 ग्राम कुलथी की दाल में लगभग 320 कैलोरी होती है और करीब 22 ग्राम प्रोटीन होता है। आइए जानते हैं सेहत के लिए यह दाल क्यों फायदेमंद है और इसका सेवन कैसे करें? साथ ही जानते हैं किन लोगों को इस दाल से परहेज करना चाहिए? बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
1. वेट लॉस डाइट में शामिल करें कुलथी दाल

जो लोग वेट लॉस कर रहे हैं, वे अपनी डाइट में कुलथी की दाल को शामिल कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन और फाइबर होता है जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव हो सकता है जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है। साल 2019 में International Journal Of Research And Analytical Reviews में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के अनुसार, वेट लॉस में यह दाल फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, इसे शरीर की जरूरत के मुताबिक खाएं। इसके कार्ब्स और प्रोटीन होता है। यह एक तरह का कंप्लीट फूड है जिसे संतुलित तरीके से डाइट में शामिल किया जा सकता है।
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2. सर्दी और खांसी में है फायदेमंद
बार-बार सर्दी होती है, गले में कफ जमा रहता है, कफ के कारण सांस लेने में परेशानी होती है या साइनस की परेशानी है, तो कुलथी की दाल का सेवन कर सकते हैं। इस दाल की गर्म तासीर सर्दी-जुकाम के लक्षणों को दूर करने में मदद करती है। कुलथी दाल के पानी में सोंठ का पाउडर मिलाकर पीने से राहत मिल सकती है।
3. किडनी के मरीजों के लिए बेहतर विकल्प है
कुलथी की दाल किडनी स्टोन के मरीजों के लिए फायदेमंद मानी जाती है। इसकी गर्म तासीर शरीर से छोटे स्टोन या उनके कणों को पेशाब के रास्ते बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कुलथी की दाल किडनी स्टोन का इलाज नहीं है और केवल इसकी गर्म तासीर के आधार पर स्टोन निकलने का दावा नहीं किया जा सकता। किडनी स्टोन होने पर पर्याप्त पानी पीना और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। साथ ही, यह मूत्रवर्धक आहार मानी जाती है यानी इसका सेवन करने से पेशाब के प्रवाह को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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4. भूख न लगने की समस्या में ये दाल है फायदेमंद
जिन लोगों को भूख नहीं लगती है या भोजन करने का मन नहीं करता वे भी कुलथी की दाल का सेवन कर सकते हैं। पेट में गैस, खट्टी डकार या हिचकी आने की समस्या को दूर करने के लिए कुलथी की दाल का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
5. पाचन क्रिया बेहतर होती है
भोजन को अच्छी तरह से पचाने में कुलथी की दाल मदद करती है। यह पाचन क्रिया को सपोर्ट करती है जिससे भोजन ठीक ढंग से पचता है और अपच की समस्या से बचाव होता है। कुलथी की दाल का सूप पी सकते हैं या दाल को पकाकर खा सकते हैं।
6. जोड़ों की सेहत के लिए है फायदेमंद
कुलथी की दाल में कैल्शियम, आयरन और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जिन लोगों को जोड़ों में दर्द है या जोड़ों में सूजन है, उनके लिए कुलथी की दाल का सेवन फायदेमंद हो सकता है। अर्थराइटिस के मरीज भी इसका सेवन कर सकते हैं। कुलथी की दाल को बाजरे की रोटी या मल्टीग्रेन रोटी के साथ खाया जा सकता है।
7. लिवर की सेहत को भी बेहतर बनाती है कुलथी दाल
कुलथी की दाल हिपेटो प्रोटेक्टिव मानी जाती है यानी जिन लोगों को लिवर से संबंधित समस्या है, उनके लिए कुलथी की दाल का सेवन फायदेमंद हो सकता है। जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या है, टोटल कोलेस्ट्रॉल लेवल ज्यादा है, स्प्लीन बढ़ी हुई है, ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल ज्यादा है, जो लोग सेडेंटरी लाइफस्टाइल में रहते हैं, वेट गेन की टेंडेंसी है, जिन्हें ठंड ज्यादा लगती है वे भी इस दाल का सेवन कर सकते हैं। कुलथी की दाल इन सभी समस्याओं को दूर करती है।
कुलथी दाल का सेवन कैसे करें?
- 15 से 20 ग्राम दाल को पानी में उबालें।
- जब पानी आधा हो जाए, तो उसे छानकर पी सकते हैं।
- पानी में सेंधा नमक डालकर काढ़ा या सूप के फॉर्म में पी सकते हैं।
- कुलथी की दाल को 1 टीस्पून घी के तड़के के साथ खा सकते हैं। इसे मल्टीग्रेन रोटी के साथ खा सकते हैं।
- कुलथी की दाल का सेवन लंच में करना चाहिए, रात को इसे खाने से बचें।
किन लोगों को कुलथी दाल से परहेज करना चाहिए?
- पित्त दोष असंतुलित है या पित्त प्रकृति है यानी हार्टबर्न, एसिडिटी की समस्या है, तो कुलथी की दाल से परहेज करें।
- पेशाब में जलन है, तो इस दाल से परहेज करें क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।
- जिन लोगों को ब्लड डिसऑर्डर हैं, उन्हें भी कुलथी की दाल से परहेज करना चाहिए।
- ऐसी महिलाएं जिन्हें पीरियड्स में ब्लीडिंग ज्यादा होती है।
- पाइल्स में जलन या ब्लीडिंग होने पर भी इस दाल का सेवन न करें।
निष्कर्ष:
कुलथी की दाल प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। 100 ग्राम कुलथी की दाल में करीब 22 ग्राम प्रोटीन होता है। इससे थकान और कमजोरी दूर होती है, वेट लॉस में मदद मिलती है, किडनी स्टोन के मरीजों के लिए फायदेमंद है, भूख न लगने की समस्या दूर होती है, पाचन क्रिया, जोड़ों और लिवर की बेहतर होती है। दाल को पकाकर या सूप एवं काढ़ा के फॉर्म में ले सकते हैं। जिन लोगों को ब्लड डिसऑर्डर है, पाइल्स की समस्या, पेशाब में जलन या पित्त दोष है उन्हें इस दाल के सेवन से परहेज करना चाहिए।
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FAQ
क्या कुलथी की दाल कब्ज में फायदेमंद है?
कुलथी की दाल में फाइबर होता है जो कब्ज से बचाव करने में मदद करता है। कब्ज दूर करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन भी करना चाहिए।क्या डायबिटिक मरीज कुलथी की दाल खा सकते हैं?
कुलथी की दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है इसलिए डायबिटिक मरीज इसे खा सकते हैं। कुलथी की दाल में फाइबर और प्रोटीन होता है, इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
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Sep 11, 2026 14:46 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha