बाजरे का नाम सुनते ही दादी-नानी का दुलार याद आ जाता है। बचपन में स्कूल की छुट्टियों में जब दादी-नानी के गांव जाते थे, तब बाजरे की खिचड़ी चखने का मौका मिलता था। आजकल लोग रिफाइंड फूड्स की जगह पारंपरिक और पौष्टिक भोजन की ओर फिर से मुड़ रहे हैं इसलिए बाजरा फिर से चर्चा में है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे आम बोलचाल में देसी सुपरफूड भी कहा जाता है। आइए जानते हैं बाजरे की खिचड़ी सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
साल 2025 में Bajra In Nutrition Security And Health नामक एक रिव्यू आर्टिकल के मुताबिक, बाजरा पोषण से भरपूर अनाज है। बाजरा ग्लूटेन-फ्री होता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं। इसलिए इसे डायबिटिक मरीजों के लिए भी सेहतमंद अनाज माना जाता है। हालांकि, डायबिटीज में इसे कितनी मात्रा में खाना है, यह व्यक्ति की डाइट पर निर्भर करता है।
100 ग्राम बाजरे की खिचड़ी में कितनी कैलोरी होती हैं?

100 ग्राम बाजरा में करीब 360 कैलोरी होती है। वहीं 100 ग्राम बाजरे की खिचड़ी में करीब 125 से 150 कैलोरी हो सकती हैं। ध्यान रखें कि खिचड़ी की कैलोरी उसकी रेसिपी पर निर्भर करती है। बाजरा, दाल, पानी और तेल एवं घी की मात्रा बदलने से कैलोरी भी बदलती है।
1. बाजरे की खिचड़ी खाकर थकान और कमजोरी दूर होती है
बाजरे में फाइबर, प्रोटीन, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन पोषक तत्वों की मदद से शरीर को एनर्जी मिलती है। इसे संतुलित आहार के रूप में लिया जाए, तो इसे खाकर थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद मिलती है।
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2. वेट मैनेजमेंट में मदद मिलती है
बाजरे की खिचड़ी में फाइबर और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इस तरह ओवरईटिंग से बचने में मदद मिलती है और फूड क्रेविंग्स शांत होती है। हालांकि, वेट लॉस के लिए केवल एक अनाज का सेवन काफी नहीं है, इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। साथ ही खिचड़ी को ज्यादा तेल या घी के साथ बनाया जाए, तो कैलोरी और वजन बढ़ सकता है।
3. पाचन के लिए फायदेमंद है बाजरे की खिचड़ी
बाजरे की खिचड़ी में फाइबर होता है और फाइबर भोजन को पचाने में मदद करता है और बाउल मूवमेंट आसान हो जाता है। फाइबर के मौजूद होने से पेट भी जल्दी भर जाता है। हालांकि, बाजरे की मात्रा को धीरे-धीरे बढ़ाएं और खिचड़ी के सेवन के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी का भी सेवन करें।
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4. ग्लूटेन-फ्री विकल्प है
बाजरा प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री अनाज है। जो लोग ग्लूटेन-फ्री डाइट लेना चाहते हैं या जिन्हें ग्लूटेन एलर्जी है, वे बाजरे की खिचड़ी, दलिया, रोटी वगैरह का सेवन कर सकते हैं।
5. मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है
बाजरा में मैग्नीशियम पाया जाता है। मैग्नीशियम शरीर में कई खास क्रियाओं के लिए जरूरी होती है। मसल और नर्व फंक्शन, एनर्जी और हड्डियों की सेहत के लिए बाजरे का सेवन फायदेमंद हो सकता है। बाजरे की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।
निष्कर्ष:
बाजरे की खिचड़ी में फाइबर होता है, यह पाचन और बाउल मूवमेंट के लिए फायदेमंद आहार है। इसे खाकर पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव होता है इसलिए यह वेट मैनेजमेंट में भी मदद करती है। बाजरे की खिचड़ी खाकर थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद मिलती है। यह एक ग्लूटेन फ्री विकल्प है और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। 100 ग्राम बाजरा में करीब 360 कैलोरी होती है। वहीं 100 ग्राम बाजरे की खिचड़ी में करीब 125 से 150 कैलोरी हो सकती हैं। इसे अधिक तेल या घी के साथ बनाने पर कैलोरी बढ़ सकती हैं इसलिए इंग्रीडिएंट्स पर गौर करें।
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FAQ
क्या बाजरा खाने से गैस हो सकती है?
हां, कुछ लोगों को बाजरा का ज्यादा सेवन करने से गैस या ब्लोटिंग हो सकती है। इसका कारण बाजरा में मौजूद फाइबर भी हो सकता है। बाजरा का सेवन एक साथ अधिक मात्रा में करने से बचें।क्या आयरन की कमी में बाजरा खा सकते हैं?
बाजरा आयरन का एक स्रोत है, लेकिन आयरन की कमी होने पर केवल बाजरे पर निर्भर न रहें बल्कि इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाएं।
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Sep 09, 2026 18:00 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha