सिंहपर्णी को अंग्रेजी में डेंडिलियन (Dandelion) कहा जाता है। इस पौधे के फूल पीले होते हैं और इसकी पत्तियां नुकीली होती हैं। सिंहपर्णी की पत्तियां, जड़ और फूल सभी का इस्तेमाल किया जाता है। लोग चाय, हर्बल सप्लीमेंट वगैरह के रूप में इसका इस्तेमाल करते हैं। सिंहपर्णी में विटामिन्स, मिनरल्स और एंंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं इसलिए इसे एक खास जड़ी-बूटी माना जाता है। कई लोग यह मानते हैं कि वेट लॉस के लिए यह हर्ब असरदार मानी जाती है, लेकिन क्या वाकई इस बात में कोई सच्चाई है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
डेंडिलियन हर्ब से वेट लॉस में मदद नहींं मिलती

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया कि यह हर्ब पेट शामक होती है यानी पाचन तंंत्र के लिए फायदेमंंद मानी जाती है। डेंडिलियन में फाइबर, विटामिन ए, सी, के और कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। अगर कोई इसका सेवन करता है, तो उसे थोड़े समय के लिए पेट हल्का महसूस हो सकता है। इसमें मूत्रवर्धक (Diuretic) गुण भी पाए जाते हैं। हालांकि इससे वजन में कोई खास अंंतर देखने को नहीं मिलता है। इसका असर अस्थायी होता है और इसे वेट लॉस के लिए असरदार नहींं माना जा सकता।
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क्या कहती है स्टडी?
साल 2020 में Molecules नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, डेंडिलियन में कुछ ऐसे तत्व मौजूद थे जो फैट पचाने वाले एंजाइम को रोक सकते हैं जिससे मोटापे पर असर पड़ सकता है। हालांंकि यह स्टडी पशु आधारित थी और इंसानों में इसके फायदे साबित करने के लिए और स्टडी की जरूरत है। साथ ही स्टडी में सीधे तौर पर इस हर्ब को एंटी-ओबेसिटी गुणोंं वाला नहींं बताया है।
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किन लोगों को है डेंडिलियन हर्ब से बचने की जरूरत?
- जिन लोगोंं को पौधों से एलर्जी होती है, खासकर रैगवीड परिवार के पौधोंं से उन्हें डेंडिलियन से सावधान रहना चाहिए।
- साथ ही जो लोग डाययुरेटिक्स (Diuretics) या यूरिन बढ़ाने वाली दवाएं लेते हैं उन्हें भी इस हर्ब के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
- जाे लोग ब्लड प्रेशर या ब्लड शुगर कंट्रोल करने की दवाएंं ले रहे हैं उन्हें भी डॉक्टर की सलाह के बगैर डेंडिलियन हर्ब के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएंं, स्तनपान कराने वाली मांएं और गंभीर बीमारियों के मरीजोंं को भी हर्बल उत्पादों का इस्तेमाल शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
निष्कर्ष:
डेंडिलियन पाचन के लिए फायदेमंद होती है और इसमें मूत्रवर्धक गुण होते हैं, लेकिन इसका संबंध वेट लॉस के साथ सीधे तौर पर नहीं देखा गया है। यह पाचन समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी वगैरह को कम करती है। स्टडी में भी इसके फायदे वेट लॉस के साथ नहींं देखे गए हैं।
FAQ
डेंडिलियन के फायदे क्या हैं?
डेंडिलियन पाचन मजबूत बनाती है, सूजन कम करती है, लिवर की सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है।डेंडिलियन के साइड इफेक्ट्स क्या हैं?
कुछ लोगोंं को सिंंहपर्णी या डेंडिलियन के अधिक सेवन से पेट दर्द, गैस, दस्त या एलर्जी की समस्या हो सकती है। जो लोग बीपी या डायबिटीज की दवा लेते हैं उन्हें भी इसे लेने से बचना चाहिए।
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Jun 23, 2026 09:41 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jun 23, 2026 09:41 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma