Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vidya Tickoo , Consultant Endocrinologist & Diabetologist

थायराइड और मोटापे का क्‍या संबंध है? डॉक्‍टर से जानें लगातार बढ़ते वजन को कम करने के ट‍िप्‍स

मोटापा होने पर शरीर में जरूरत से ज्‍यादा फैट जमा होने लगता है। इसका संबंध अक्‍सर थायराइड के मरीजों के साथ देखा जाता है। जानते हैं थायराइड और मोटापे में क्‍या संबंध है और डॉक्‍टर से जानें मोटापे को कैसे कम क‍िया जा सकता है?

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थायराइड और मोटापे का अक्‍सर एक दूसरे के साथ गहरा संबंध बताया जाता है। जब थायराइड ग्रंथ‍ि कम या ज्‍यादा हार्मोन बनाती है, तो उसे थायराइड से संबंध‍ित समस्‍या का नाम द‍िया जाता है। थायराइड की दो कॉमन कंडीशन देखने को मि‍लती है। पहली है हाइपरथायराइड ज‍िसमें थायराइड ग्रंथ‍ि ज्यादा हार्मोन बनाती है और वजन घट सकता है। दूसरी है हाइपोथायराइड ज‍िसमें थायराइड ग्रंथि कम हार्मोन बनाती है और व्‍यक्‍त‍ि का वजन बढ़ सकता है। हाइपोथायराइड और मोटापे का संबंध कई लोगों में देखने को म‍िलता है इसल‍िए लोगों के मन में अक्‍सर यह सवाल आता है क‍ि थायराइड हार्मोन से मोटापा क्‍यों बढ़ जाता है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Vidya Tickoo, Consultant Endocrinologist & Diabetologist At Yashoda Hospitals, Hitech City, Hyderabad से बात की।

थायराइड से मेटाबॉल‍िज्‍म होता है धीमा और बढ़ता है वजन 

Dr. Vidya Tickoo ने बताया क‍ि थायराइड ग्‍लैंड T3 और T4 जैसे हार्मोन्‍स की मदद से मेटाबॉल‍िज्‍म को रेगुलेट करने का काम करती है। हाइपोथायराइड‍ इस प्रक्र‍िया को धीमा कर देता है ज‍ि‍सके कारण वजन बढ़ता है क्‍योंक‍ि शरीर कम कैलोरी बर्न करता है और शरीर मोटापे का श‍िकार हो जाता है।

क्‍या कहती हैं स्‍टडीज?

साल 2025 में Endocrine Practice में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, हाइपोथायराइड‍ की स्‍थ‍िति‍ में मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाता है और मोटापे का खतरा बढ़ सकता है। स्‍टडी में बताया गया है क‍ि थायराइड हार्मोन की कमी से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। मोटापे में कुछ लोगों में TSH और T3 के स्तर में बदलाव देखा जा सकता है।

American Thyroid Association के मुताब‍िक, जब शरीर में बेसल मेटाबोल‍िक रेट (BMR) लो होता है, तो कम कैलोरी बर्न होती हैं और वजन बढ़ने का र‍िस्‍क हो सकता है। हाइपोथायराइड की स्‍थि‍त‍ि में थायराइड हार्मोन कम बनते हैं और थायराइड हार्मोन की कमी से बेसल मेटाबोल‍िक रेट भी घट सकता है और व्‍यक्‍त‍ि मोटापे का श‍िकार हो जाता है।

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थायराइड और मोटापा एक साथ होना क‍ितना गंभीर है?

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Dr. Vidya Tickoo ने बताया क‍ि थायराइड और मोटापा एक साथ होना गंभीर समस्‍या है। हाइपोथायराइड‍ फैट ब्रेक डाउन होने की प्रक्र‍िया में रुकावट डालता है और मोटापे की स्‍थि‍त‍ि को और खराब कर देता है। इस वजह से एक ऐसी साइक‍िल बन जाती है ज‍िसे तोड़ना मुश्‍क‍िल हो सकता है। थायराइड और मोटापा एक साथ होने पर ये बीमार‍ियां हो सकती हैं-

1. हाई कोलेस्‍ट्रॉल और हार्ट ड‍िजीज

हाइपोथायराइड में मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाता है ज‍िससे एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बढ़ सकता है ज‍िससे धमन‍ियों में प्‍लाक जमा होने का खतरा बढ़ जाता है और हार्ट ड‍िजीज जैसे हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक का खतरा हो सकता है।

2. टाइप 2 डायब‍िटीज और इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस

मोटापा और थायराइड की स्‍थि‍त‍ि से कई लोगों में इंसुलि‍न रेजि‍स्‍टेंस का खतरा बढ़ सकता है। इससे टाइप 2 डायबि‍टीज भी हो सकती है। साल 2025 में Journal Of Endocrinology And Metabolism में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, जब टाइप 2 डायब‍िटीज के मरीजों को र‍िसर्च में शाम‍िल क‍िया गया, तो उनमें TSH हार्मोन का लेवल ज्‍यादा म‍िला ज‍िसके कारण उनमें बीपी और हार्ट ड‍िजीज, मोटापा और थायराइड का खतरा भी ज्‍यादा था।

3. जोड़ों में दर्द

ज‍िन लोगों का वजन मोटापे या थायराइड के कारण ज्‍यादा होता है, उनके घुटनों और जोड़ों पर ज्‍यादा दबाव पड़ता है। ज‍िन लोगों को थायराइड होता है उनकी मांसपेश‍ियों और जोड़ों में दर्द और अकड़न भी हो सकती है।

4. स्‍लीप एपनि‍या

जब वजन ज्‍यादा होता है, तो गले के आसपास फैट जमा होने लगता है। इससे सोते समय सांस में रुकावट होती है और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया का खतरा बढ़ सकता है।

5. इंफर्ट‍िलि‍टी

जब थायराइड हार्मोन असंतुल‍ित हो जाता है, तो मह‍िलाओं में ओव्‍यूलेशन की प्रक्र‍िया और पीर‍ियड साइक‍िल प्रभाव‍ित हो सकती है और कुछ मह‍िलाएं इंफर्टि‍ल‍िटी का शि‍कार हो सकती हैं। जो मह‍िलाएं मोटापे का श‍िकार होती हैं, उनमें यह र‍िस्‍क ज्‍यादा हो सकता है।

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थायराइड और मोटापा होने पर वजन घटाने के ट‍िप्‍स

  • रोजाना 30 म‍िनट वॉक करें।
  • हफ्ते में तीन बार स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग करें।
  • सात से आठ घंटे नींद लें।
  • स्‍ट्रेस कम करने के ल‍िए योग करें।
  • सेल्‍फ मेड‍िकेशन से बचें।
  • हर साल थायराइड की जांच कराएं।
  • दवा के साथ-साथ सही खानपान और एक्‍सरसाइज का ध्‍यान रखें।

डाइट ट‍िप्‍स

  • आयोडीन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं जैसे दही।
  • इसके अलावा डाइट में लीन प्रोटीन, सब्‍ज‍ियां, साबुत अनाज को शाम‍िल करें।
  • चीनी और प्रोसेस्‍ड फूड्स का सेवन सीम‍ित करें।

ये सावधान‍ियां बरतें

  • वजन को कंट्रोल करें।
  • सेल्‍फ मेड‍िकेशन से बचें।
  • हर साल थायराइड की जांच कराएं।
  • दवा के साथ-साथ सही खानपान और एक्‍सरसाइज का ध्‍यान रखें।

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थायराइड और मोटापे के लक्षणों में अंतर

थायराइड में ज्‍यादा ठंड या ज्‍यादा गर्मी लगना, हेयर फॉल, कब्‍ज, ड्राई स्‍क‍िन, वेट गेन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। वहीं मोटापे में अत‍िर‍िक्‍त चर्बी के कारण थकान होती है, जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

थायराइड और मोटापे का इलाज क्‍या है?

Dr. Vidya Tickoo ने बताया क‍ि थायराइड हार्मोन के संतुलन को सुधारने के ल‍िए डॉक्‍टर दवाओं की मदद लेते हैं। इसके साथ डाइट, एक्‍सरसाइज का ख्‍याल रखना होता है और TSH लेवल को छह से आठ हफ्तों तक मॉन‍िटर क‍िया जाता है।

हाइपोथायराइड के कारण हमेशा वजन बढ़ता है?

Dr. Vidya Tickoo ने बताया क‍ि हमेशा ऐसा नहीं होता। हाइपोथायराइड‍ के कारण मोटापा बढ़ेगा या नहीं, यह थायराइड की अवध‍ि, डाइट और एक्‍ट‍िव‍िटी लेवल जैसे कारकों पर न‍िर्भर करता है।

डॉक्‍टर से कब संपर्क करें?

  • अगर वजन अचानक बढ़ रहा हो।
  • लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना।
  • महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होना।
  • गर्दन में सूजन होना।
  • हाथ-पैरों में दर्द होना।

न‍िष्‍कर्ष:

थायराइड और मोटापे का कनेक्‍शन गहरा है। अगर थायराइड हो जाए, तो वजन बढ़ या घट सकता है और अगर व्‍यक्‍त‍ि मोटापे का श‍िकार हो जाए, तो उसे थायराइड हो सकता है। हाइपोथायराइड की स्‍थ‍िति‍ में थायराइड ग्रंथि कम हार्मोन बनाती है और व्‍यक्‍त‍ि का वजन बढ़ सकता है। इससे बचने के ल‍िए समय-समय पर जांच कराएं। हेल्‍दी डाइट, स्‍ट्रेस मैनेजमेंट, एक्‍सरसाइज की मदद लें। थायराइड और मोटापे की वजह से इंफर्टि‍ल‍िटी, इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस, टाइप 2 डायब‍िटीज, हार्ट ड‍िजीज, हाई कोलेस्‍ट्रॉल, स्‍लीप एपनि‍या जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

FAQ

  • क‍िस जांच से थायराइड में वजन घटने या बढ़ने की पुष्‍ट‍ि होती है? 

    TSH, T3, T4 की मदद से इसकी पुष्‍ट‍ि होती है। TSH लेवल ज्‍यादा होने का मतलब है थायराइड के कारण वजन बढ़ा हो सकता है।
  • क्‍या थायराइड मरीजों के ल‍िए वजन घटाना मुश्‍क‍िल होता है?

    असंतुल‍ित डाइट में मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाता है इसल‍िए वजन घटाने में मुश्‍क‍िल हो सकती है, लेक‍िन वजन घटाना नामुमक‍िन नहीं है। हेल्‍दी डाइट और लाइफस्‍टाइल के साथ थायराइड में वेट लॉस क‍िया जा सकता है।
  • क्‍या नॉर्मल थायराइड के साथ मोटापा हो सकता है?

    हां, ऐसा हो सकता है क‍ि व्‍यक्‍त‍ि का वजन ज्‍यादा हो, लेक‍िन थायराइड लेवल नॉर्मल हो। अनहेल्‍दी डाइट और खराब लाइफस्‍टाइल के कारण थायराइड में वजन बढ़ सकता है इसल‍िए इनसे बचना चाह‍िए।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 15:24 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 31, 2026 15:24 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Vidya Tickoo

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