Fri Sep 11, 2026 | 09:14 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

वात बढ़ने से जोड़ों में दर्द क्यों होता है? आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें

त्रिदोषों में से एक शरीर में वात दोष के बढ़ने के कारण व्यक्ति को जोड़ों में दर्द होने की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन ऐसा क्यों होती है? आइए लेख में जानें -

why does increased vata cause joint pain in hindi: अच्छे स्वास्थ्य के लिए अक्सर लोगों को शरीर में वात, पित्त और कफ जैसे त्रिदोषों को बैलेंस लगने की सलाह दी जाती है। इन तीनों में से किसी भी एक दोष के असंतुलित होने पर लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं दोषों में से एक है वात दोष। इसके असंतुलित होने पर व्यक्ति को जोड़ों में दर्द होने की समस्या होती है। ऐसे में कई बार लोगों के मन में सवाल उठता है कि ऐसा क्यों? ऐसे में आइए लेख में सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से जानें वात बढ़ने से जोड़ों में दर्द क्यों होता है?

वात बढ़ने से जोड़ों में दर्द क्यों होता है? - vata badhne se jodo mein dard kyu hota hai

डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, वात का मतलब है डिजनरेशन (degeneration) यानी शरीर के हिस्सों का टूटना। ये वायु है, यानी वात। श्लेषक कफ आयुर्वेद में कहा गया है कि श्लेषक कफ, मतलब जोड़ों में होने वाला साइनोवियल फ्लूड है उसकी कमी होने पर जोड़ घिसने लगते हैं, तो जो मेम्ब्रेन यानी जो झिल्ली है वो भी घिसने लगती है, इसिलिए जोड़ों में दर्द होता है। यह डिजनरेशन की वजह से होता है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को चोट लगी है, तो दर्द के कारण अलग हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें- क्या वाकई दही खाने से वात दोष बढ़ता है? जानें किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए

why does increased vata cause joint pain in hindi 1

जोड़ों में ड्राईनेस यानी चिकनाई की कमी

वात दोष के बढ़ने पर व्यक्ति के जोड़ों में सूखेपन आने लगता है और जोड़ों की चिकनाई कम हो जाती है। ऐसे में जोड़ रगड़ने लगते हैं और व्यक्ति को दर्द महसूस होने लगता है।

हड्डियों में बढ़ता है घर्षण

वात दोष बढ़ने के कारण लोगों के जोड़ों में चिकनाई के कम होने पर लोगों को हड्डियों में रगड़ने लगते हैं। इसके कारण लोगों को जोड़ों दर्द और सूजन आने की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें- जोड़ों के दर्द को दूर कर सकता है कचनार, जानें इसके फायदे

मांसपेशियों पर पड़ता है असर

वात दोष बढ़ने और जोड़ों में ड्राईनेस के कारण मांसपेशियों को अधिक महनत करनी पड़ती है, जिसके कारण मांसपेशियों पर स्ट्रेस बढ़ने, दर्द बढ़ने और सूजन आने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में सर्दियों के दौरान व्यक्ति को जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या बढ़ जाती है।

निष्कर्ष

वात दोष के बढ़ने पर व्यक्ति को जोड़ों में दर्द बढ़ने और सूजन आने की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसा वात दोष के बढ़ने के कारण जोड़ों का साइनोवियल फ्लूड कम हो जाता है, जिससे जोड़ घिसने के कारण हो सकता है। ध्यान रहे, जोड़ों से जुड़ी समस्या अधिक महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

All Images Credit- Freepik

Read Next

क्या आपको भी होता है बैठते ही Tailbone में दर्द? जानें इसके 5 बड़े कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Priyanka Sharma

Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 25, 2025 21:55 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Nov 25, 2025 21:55 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Nov 25, 2025 21:55 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Nov 25, 2025 21:55 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content