Fri Sep 11, 2026 | 09:12 PM IST

पथरी में कौन-सी दाल खानी चाहिए और किससे परहेज करना चाहिए, जानें

Pulses to Eat and Avoid in Stone: अगर आपको पथरी है, तो आप कुछ खास तरह की दाल खा सकते हैं और कुछ दालों से परहेज कर सकते हैं।

Pulses to Eat and Avoid in Stone in Hindi: पथरी से आजकल हर दूसरा व्यक्ति परेशान हैं। पथरी का दर्द कभी भी उठ सकता है, यह दर्द असहनीय हो सकता है। पथरी में शरीर में खनिज और लवणों से बने कठोर पदार्थ जमा हो जाते हैं। पथरी होने पर खाने-पीने का बहुत ध्यान रखना होता है। सही खान-पान से भी आप पथरी के दर्द से बच सकते हैं। पथरी में कुछ चीजों को खाने की सलाह दी जाती है, तो वहीं कुछ चीजों से परहेज करने को कहा जाता है। कौन-से फल और सब्जियां खानी चाहिए या नहीं खानी चाहिए, इस बारे में अधिकतर लोग जानते ही हैं। लेकिन पथरी में कौन-सी दाल खानी चाहिए और कौन-सी दाल नहीं खानी चाहिए, इस बारे में जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें। 

kulthi ki dal to eat in stone

पथरी में कौन-सी दाल खाएं?-Pulses to Eat in Stone

पथरी में कुल्थी की दाल खाना काफी फायदेमंद होता है। अगर आपको पथरी है, तो आप कुल्थी की दाल खा सकते हैं। कुल्थी की दाल स्टोन्स को छोटा करने में मदद कर सकती है। इससे स्टोन छोटे होते हैं और धीरे-धीरे पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकलने लगते हैं। पथरी होने पर आप अपनी रेगुलर डाइट में कुल्थी की दाल (Kulthi ki Dal in Stone) शामिल कर सकते हैं। लगातार 3 से 4 महीनों तक कुल्थी की दाल खाने से आपको पथरी से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा कुल्थी की दाल में फाइबर, आयरन और विटामिन सी भी पाया जाता है। ऐसे में यह दाल हेल्थ के लिए भी काफी लाभकारी होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को कुल्थी की दाल अपनी डाइट में जरूर शामिल करनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें- पित्ताशय की पथरी: आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज के घरेलू उपाय

पथरी में कौन-सी दाल न खाएं?- Pulses to Avoid in Stone

जिस तरह से पथरी होने पर कुल्थी की दाल खाना फायदेमंद होता है। उसी तरह कुछ खास तरह की दालें पथरी रोगियों के लिए नुकसानदायक भी हो सकती हैं। इसलिए पथरी होने पर इन दालों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

urad ki dal to avoid in stone

उड़द की दाल

पथरी के रोगियों को उड़द की दाल का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। उड़द की दाल खाने से शरीर में मौजूद स्टोन बढ़ सकता है। इस स्थिति में आपको तेज दर्द भी उठ सकता है। उड़द की दाल खाने से किडनी में गंदगी जमा हो सकती है और स्टोन बढ़ सकता है। पथरी में खासकर रात के समय काली उड़द की दाल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

चने की दाल

चने की दाल भी पथरी के रोगियों को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर आपको पेट, पित्ताशय या किडनी में स्टोन है, तो चने की दाल से परहेज करना चाहिए। चने की दाल खाने से स्टोन की समस्या बढ़ सकती है

सूखे बींस

अगर आपको पथरी है, तो आपको सूखे बींस का सेवन करने से भी बचना चाहिए। सूखे बींस खाने से पथरी की समस्या बढ़ सकती है। पथरी में सूखे बींस खाने के बाद आपको दर्द महसूस हो सकता है। इसलिए इसे खाने से बचें।

इसे भी पढ़ें- पथरी में अनार खाना चाहिए या नहीं? एक्सपर्ट से जानें इसका जवाब

राजमा

राजमा प्रोटीन का एक बेहतरीन स्त्रोत होता है। इसलिए पथरी रोगियों को राजमा खाने से भी परहेज करना चाहिए। बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन लेना पथरी रोगियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर स्टोन है, तो प्रोटीन का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

इसके अलावा पथरी में कच्चे चावल, टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च, भिंडी, मीट और अधिक मसालेदार भोजन खाने से भी बचना चाहिए। वैसे तो पथरी को सही खान-पान और परहेज से नियंत्रण में रखा जा सकता है। लेकिन अगर आपको पथरी का तेज दर्द बार-बार उठे, तो इस स्थिति में डॉक्टर सर्जरी की सलाह भी दे सकते हैं।

Read Next

अंडा खाने के बाद चाय पीनी चाहिए या नहीं? जानें एक्सपर्ट की राय

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Anju Rawat

Anju Rawat

Chief Sub Editor

जागरण न्यू मीडिया (Only My Health) में बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही अंजू रावत को प्रिंट मीडिया में 3 साल का अनुभव है। अंजू को हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों की अच्‍छी समझ है। वह पिछले 5 वर्षों से इन विषयों पर लेख लिखती आ रही हैं। अंजू ने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 02, 2022 10:09 IST

    Published By : Anju Rawat

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content