Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

काढ़ा ही नहीं, सर्दी-जुकाम में राहत दिला सकते हैं आयुर्वेद के ये 5 असरदार उपाय

सर्दी-जुकाम में कड़वा काढ़ा पीने के बजाय कुछ आसान आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ले सकते हैंं जो गले की खराश दूर करते हैं, बलगम से राहत द‍िलाते हैं और इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। जानें ऐसे 5 उपायों के बारे में। 

कई शहरों में मानसून दस्‍तक दे चुका है। मानसून में सर्दी-जुकाम के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं ज‍िसके कारण लोगों को समझ नहीं आता क‍ि इलाज के ल‍िए दवाएं लें या देसी उपचार अपनाएं, लेक‍िन आपको बता दें क‍ि तबीयत ब‍िगड़ने पर सबसे पहले डॉक्‍टर के पास जाकर जांच कराना चाह‍िए ताक‍ि लक्षणों के मुताब‍िक बीमारी का पता चल सके। इसके बाद डॉक्‍टर की सलाह के मुताब‍िक उपचार कराएं। हालांक‍ि कुछ ऐसे आयुर्वेदि‍क उपाय हैं, जो सर्दी-जुकाम होने पर मुख्‍य इलाज के साथ भी इस्‍तेमाल क‍िए जा सकते हैं। इन आयुर्वेद‍िक उपायों से न‍ सि‍र्फ सर्दी-जुकाम के लक्षण दूर होंगे, बल्‍क‍ि इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने में भी मदद म‍िलेगी। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. मुलेठी और तुलसी

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मुलेठी की मदद से खांसी की समस्‍या को दूर करने में मदद म‍िलती है। साल 2019 में Plant and Human Health नामक जर्नल में प्रकाश‍िक एक स्‍टडी के मुताब‍िक, मुलेठी खांसी, सर्दी, ब्रोंकाइटिस और ऊपरी श्वसन तंत्र की समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है। इससे गले को आराम म‍िलता है और दूसरी ओर तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। तुलसी का सेवन करने से इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने में मदद म‍िलती है। मुलेठी और तुलसी का सेवन करने से गले और श्वसन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद मि‍लती है। सर्दी-जुकाम होने पर मुलेठी और तुलसी से बनी चाय का सेवन कर सकते हैं।

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2. पिप्पली और शहद

पिप्पली की मदद से कफ को संतलुि‍त करने में मदद म‍िलती है और बलगम से राहत म‍िलती है। वहीं शहद गले को आराम देता है और खांसी को कम करने में मदद करता है। प‍िप्‍पली के चूर्ण को थोड़ी मात्रा में शहद के साथ म‍िलाकर ले सकते हैं। इस उपाय को कफ वाली खांसी से राहत के ल‍िए इस्‍तेमाल क‍िया जाता है।

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3. अजवाइन और हल्दी

अगर सर्दी-जुकाम के साथ पेट फूलना या पाचन की समस्‍या हो, तो अजवाइन की मदद ले सकते हैं। अजवाइन पाचन को बेहतर करता है और गैस एवं ब्‍लोट‍िंग जैसी समस्‍याओं को कम करने में मदद करता है। दूसरी ओर, हल्‍दी अपने एंटीऑक्‍सीडेंट और इम्‍यून‍िटी बढ़ाने वाले गुणों के ल‍िए जानी जाती है। गुनगुने पानी में हल्‍दी और थोड़ी मात्रा में अजवाइन को म‍िलाकर सेवन कर सकते हैं।

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4. अदरक और शहद

अदरक को सर्दी-जुकाम के घरेलू इलाज के ल‍िए असरदार माना जाता है। अदरक और शहद का सेवन करने से खांसी से राहत म‍िलती है। शहद के साथ अदरक का सेवन करने से गले को आराम म‍िलता है। अदरक का रस न‍िकालकर उसमें एक चम्‍मच शहद म‍िलाएं और द‍िन में एक से दो बार सेवन करें।

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5. काली मिर्च और तुलसी

काली म‍िर्च को आयुर्वेद में कफ कम करने के ल‍िए असरदार माना जाता है। यह श्वसन मार्ग को साफ रखने और गले में जमा बलगम को कमर करने में मदद करती है। तुलसी के साथ इसे सर्दी-जुकाम होने पर लेंगे, तो गले को आराम म‍िलेगी। तुलसी की पत्तियों और काली म‍िर्च को पानी में उबालकर हर्बल ड्र‍िंक तैयार करें और इसका सेवन करें।

न‍िष्‍कर्ष:

सर्दी-जुकाम से राहत के ल‍िए मुलेठी-तुलसी, पिप्पली-शहद, अजवाइन-हल्दी, अदरक-शहद और काली मिर्च-तुलसी जैसे कॉम्‍ब‍िनेशन ट्राई कर सकते हैं। इन आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद से गले को आराम म‍िलेगा और इम्‍यूनिटी भी मजबूत होगी।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 11, 2026 14:31 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 11, 2026 14:31 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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