Sun Oct 11, 2026 | 02:28 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

काढ़ा ही नहीं, सर्दी-जुकाम में राहत दिला सकते हैं आयुर्वेद के ये 5 असरदार उपाय

सर्दी-जुकाम में कड़वा काढ़ा पीने के बजाय कुछ आसान आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ले सकते हैंं जो गले की खराश दूर करते हैं, बलगम से राहत द‍िलाते हैं और इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। जानें ऐसे 5 उपायों के बारे में। 
काढ़ा ही नहीं, सर्दी-जुकाम में राहत दिला सकते हैं आयुर्वेद के ये 5 असरदार उपायकाढ़ा ही नहीं, सर्दी-जुकाम में राहत दिला सकते हैं आयुर्वेद के ये 5 असरदार उपाय

कई शहरों में मानसून दस्‍तक दे चुका है। मानसून में सर्दी-जुकाम के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं ज‍िसके कारण लोगों को समझ नहीं आता क‍ि इलाज के ल‍िए दवाएं लें या देसी उपचार अपनाएं, लेक‍िन आपको बता दें क‍ि तबीयत ब‍िगड़ने पर सबसे पहले डॉक्‍टर के पास जाकर जांच कराना चाह‍िए ताक‍ि लक्षणों के मुताब‍िक बीमारी का पता चल सके। इसके बाद डॉक्‍टर की सलाह के मुताब‍िक उपचार कराएं। हालांक‍ि कुछ ऐसे आयुर्वेदि‍क उपाय हैं, जो सर्दी-जुकाम होने पर मुख्‍य इलाज के साथ भी इस्‍तेमाल क‍िए जा सकते हैं। इन आयुर्वेद‍िक उपायों से न‍ सि‍र्फ सर्दी-जुकाम के लक्षण दूर होंगे, बल्‍क‍ि इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने में भी मदद म‍िलेगी। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. मुलेठी और तुलसी

mulethi-for-cold-coughmulethi-for-cold-cough

मुलेठी की मदद से खांसी की समस्‍या को दूर करने में मदद म‍िलती है। साल 2019 में Plant and Human Health नामक जर्नल में प्रकाश‍िक एक स्‍टडी के मुताब‍िक, मुलेठी खांसी, सर्दी, ब्रोंकाइटिस और ऊपरी श्वसन तंत्र की समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है। इससे गले को आराम म‍िलता है और दूसरी ओर तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। तुलसी का सेवन करने से इम्‍यून‍िटी को मजबूत बनाने में मदद म‍िलती है। मुलेठी और तुलसी का सेवन करने से गले और श्वसन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद मि‍लती है। सर्दी-जुकाम होने पर मुलेठी और तुलसी से बनी चाय का सेवन कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- बार-बार सर्दी-जुकाम कर रहा है परेशान? दवा के साथ ये डाइट ट‍िप्‍स अपनाएं, म‍िलेगी लंबी राहत

2. पिप्पली और शहद

पिप्पली की मदद से कफ को संतलुि‍त करने में मदद म‍िलती है और बलगम से राहत म‍िलती है। वहीं शहद गले को आराम देता है और खांसी को कम करने में मदद करता है। प‍िप्‍पली के चूर्ण को थोड़ी मात्रा में शहद के साथ म‍िलाकर ले सकते हैं। इस उपाय को कफ वाली खांसी से राहत के ल‍िए इस्‍तेमाल क‍िया जाता है।

यह भी पढ़ें- सर्दी-खांसी में खुद से दवा ली तो पड़ सकता है भारी, डॉक्टर ने बताए चौंकाने वाले नुकसान

3. अजवाइन और हल्दी

अगर सर्दी-जुकाम के साथ पेट फूलना या पाचन की समस्‍या हो, तो अजवाइन की मदद ले सकते हैं। अजवाइन पाचन को बेहतर करता है और गैस एवं ब्‍लोट‍िंग जैसी समस्‍याओं को कम करने में मदद करता है। दूसरी ओर, हल्‍दी अपने एंटीऑक्‍सीडेंट और इम्‍यून‍िटी बढ़ाने वाले गुणों के ल‍िए जानी जाती है। गुनगुने पानी में हल्‍दी और थोड़ी मात्रा में अजवाइन को म‍िलाकर सेवन कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- Diljit Dosanjh सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए अपनाते हैं ये देसी नुस्खा, सर्दियों में होता है काफी फायदेमंद

4. अदरक और शहद

अदरक को सर्दी-जुकाम के घरेलू इलाज के ल‍िए असरदार माना जाता है। अदरक और शहद का सेवन करने से खांसी से राहत म‍िलती है। शहद के साथ अदरक का सेवन करने से गले को आराम म‍िलता है। अदरक का रस न‍िकालकर उसमें एक चम्‍मच शहद म‍िलाएं और द‍िन में एक से दो बार सेवन करें।

यह भी पढ़ें- सर्दियों में खांसी-जुकाम से बचना है? दिनचर्या में करें ये 5 बदलाव, रहेंगे हेल्‍दी

5. काली मिर्च और तुलसी

काली म‍िर्च को आयुर्वेद में कफ कम करने के ल‍िए असरदार माना जाता है। यह श्वसन मार्ग को साफ रखने और गले में जमा बलगम को कमर करने में मदद करती है। तुलसी के साथ इसे सर्दी-जुकाम होने पर लेंगे, तो गले को आराम म‍िलेगी। तुलसी की पत्तियों और काली म‍िर्च को पानी में उबालकर हर्बल ड्र‍िंक तैयार करें और इसका सेवन करें।

न‍िष्‍कर्ष:

सर्दी-जुकाम से राहत के ल‍िए मुलेठी-तुलसी, पिप्पली-शहद, अजवाइन-हल्दी, अदरक-शहद और काली मिर्च-तुलसी जैसे कॉम्‍ब‍िनेशन ट्राई कर सकते हैं। इन आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद से गले को आराम म‍िलेगा और इम्‍यूनिटी भी मजबूत होगी।

Read Next

→ डायबिटीज में जामुन की गुठली का काढ़ा पीने से मिलते हैं ये 5 फायदे

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 11, 2026 14:31 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 11, 2026 14:31 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma