Tue Oct 20, 2026 | 09:22 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

गले की खराश से हैं परेशान? इन 5 घरेलू उपायों से मिलेगा आराम

बदलते मौसम में गले की खराश से राहत पाने के लिए मुलेठी, तुलसी, पुदीना, बहेड़ा और गिलोय जैसे प्रभावी घरेलू उपाय फायदेमंद होते हैं। ये जड़ी-बूटियां गले की सूजन कम करके इंफेक्शन से लड़ने में मदद करती हैं। 
गले की खराश से हैं परेशान? इन 5 घरेलू उपायों से मिलेगा आरामगले की खराश से हैं परेशान? इन 5 घरेलू उपायों से मिलेगा आराम

बदलते मौसम, सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन, धूल-मिट्टी या ज्यादा बोलने के कारण अक्सर गले में खराश की समस्या हो सकती है। ऐसे में कई बार कुछ लोगों को निगलने में तकलीफ, गले में सूखापन या लगातार खिचखिच की समस्या महसूस होना आम बात है। गले में होने वाली इस खराश की समस्या से राहत पाने के लिए लोग कई तरह के उपायों को आजमाते हैं। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं, जो गले की खराश से राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं। गिलोय, मुलेठी और तुलसी जैसी जड़ी बूटियां गले की सूजन को कम करने और गले के इंफेक्शन से लड़ने में प्रभावी होती हैं। 

गले की खराश से राहत के लिए घरेलू उपाय 

डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि गले की खराश के लिए ऐसे हर्ब्स की जरूरत होती है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-वायरल, एंटी-माइक्रोबियल और सूजन को शांत करने वाले गुणों से भरपूर हों। इसलिए, आप इन उपायों को आजमा सकते हैं। 

1. मुलेठी 

गले की खराश के लिए मुलेठी का इस्तेमाल आयुर्वेद में काफी फायदेमंद माना गया है। यह स्वाद में मीठा होता है और गले को आराम देने में मदद भी करता है। आयुर्वेद में मुलेठी को गले से जुड़ी समस्याओं से राहत के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। मुलेठी में मौजूद ग्लाइसीराइजिन नाम का तत्व गले की सूजन और जलन को शांत करता है और यह एक नेचुरल एक्सपेक्टोरेंट के रूप में भी काम करता है, जो बलगम को पतला करके बाहर निकालने में मदद करता है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मुलेठी का ज्यादा या लंबे समय तक सेवन हानिकारक हो सकता है। 

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2. तुलसी 

तुलसी का इस्तेमाल आयुर्वेद में एक बेहतरीन औषधि के रूप में किया जाता है। तुलसी की चाय का इस्तेमाल गले में होने वाली खराश या असुविधा से राहत दिला सकती है। तुलसी अपने एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जानी जाती है। तुलसी में मौजूद ये गुण गले के इंफेक्शन से लड़ते हैं और सूजन को कम करते हैं, जिससे दर्द और चुभन से राहत मिलती है। 

3. पुदीना

पुदीना या पिपरमिंट भी अपने ताजगी देने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। इससे गले को ठंडक और आराम मिलता है। पुदीना में मेंथॉल नाम का एक्टिव कंपाउंड होता है, जो गले की सूजन को शांत करने, दर्द से राहत दिलाने और बलगम को पतला करके बाहर निकालने में मदद करता है। गर्म पुदीने की चाय पीने से गला नम होता है और तुरंत आराम मिलता है। 

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4. बहेड़ा 

गले की खराश, खांसी और कफ को दूर करने में बहेड़ा एक बहुत ही असरदार आयुर्वेदिक औषधि मानी जाती है। बहेड़ा में कफ को पतला करने वाले गुण होते हैं, जो कफ को बाहर निकालकर गले को आराम देने में प्रभावी होता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और कसैले गुण गले में होने वाली सूजन और दर्द को शांत करते हैं। 

5. गिलोय 

गले की खराश और जलन को दूर करने में गिलोय काफी प्रभावी माना जाता है। गिलोय में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं, जो गले में होने वाली सूजन, खराश और चुभन को शांत करता है। यह वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी लड़ता है, जो गले में होने वाले दर्द और असुविधा से राहत दिलाता है। 

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क्या कहती है स्टडी? 

साल 2023 में Family Practice जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, स्विट्जरलैंड और फ्रांस में डॉक्टरों के पास इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर एक रिसर्च की गई थी। इसमें बताया गया कि गले की खराश, सर्दी और खांसी होने पर घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। इस स्टडी में पाया गया कि गले की तकलीफों के लिए शहद, नींबू, थाइम और हर्बल चाय काफी असरदार साबित हुई हैं। इन उपायों की मदद से लोगों को गले की खराश में काफी आराम मिला और यह बहुत असरदार साबित हुआ। 

गले की खराश से राहत के अन्य उपाय 

डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, गले में होने वाले आम खराश की समस्या से राहत पाने के लिए आप इन जड़ी-बूटियों के अलावा कुछ अन्य उपायों को भी आजमा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं- 

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • हर्बल चाय का सेवन करें
  • स्मोकिंग या धूल-धुएं जैसी चीजों से दूर रहें
  • गर्म नमक-पानी से गरारे करें 
  • बहुत ज्यादा तीखा और गर्म खाने से बचें

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर गले में खराश की समस्या कई दिनों तक बनी रहती है या तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, निगलने में मुश्किल होना या लगातार गले में सूजन की समस्या होती है तो घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। गले में खराश का कारण वायरल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन, एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स या अन्य कारण हो सकते हैं, जिसके बारे में जानना बहुत जरूरी है। इसलिए, लंबे समय तक गले में होने वाली असुविधा से राहत के लिए उसके होने के सही कारणों का पता लगाना बहुत जरूरी है। 

निष्कर्ष 

डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि गले में खराश की समस्या से राहत दिलाने में तुलसी, मुलेठी, बहेड़ा और गिलोय जैसी चीजों का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इन्हें सीमित और सही तरीके से लेना जरूरी है। अगर आपको लगातार गले में खराश की समस्या बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। 

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • गले में इन्फेक्शन के लक्षण क्या हैं?

    गले में इंफेक्शन होने पर आमतौर पर खराश, निगलने में तेज दर्द और गले में सूखापन महसूस होता है। इसके अलावा, गले में सूजन, टॉन्सिल लाल होना, हल्का बुखार और आवाज का भारी होना या बैठ जाना भी इसके अहम लक्षण हैं। 
  • गले में खिच खिच के क्या कारण हैं?

    गले में खिचखिच की समस्या होने के पीछे कई कारण शामिल हैं, जिसमें सर्दी-जुकाम, वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन और गले का सूखापन शामिल हैं। इसके अलावा, धूल-मिट्टी, प्रदूषण और पेट से एसिड ऊपर आने के कारण भी यह समस्या हो सकती है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 27, 2026 21:19 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma