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Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

रोजाना सुबह उठते ही गले में सूखापन और खराश क्यों महसूस होता है? डॉक्टर से जानें

सुबह उठने पर गले में सूखापन और खराश महसूस होना आम है, जिसके कई कारण हो सकते हैं जैसे मुंह से सांस लेना, खर्राटे या डिहाइड्रेशन। इस समस्या से बचने के लिए सही पोजीशन में सोना और हाइड्रेटेड रहना जरूरी है। 

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दिन की शुरुआत हम सभी एक ताजगी के साथ करना पसंद करते हैं। हालांकि, बहुत से लोग सुबह उठते ही गले में रूखापन, खराश या चुभन जैसी समस्या महसूस होने से परेशान रहते हैं। कई बार यह समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि सुबह उठने के बाद मुंह से आवाज निकलना भी मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर रात में सोते समय मुंह से सांस लेने, कमरे में नमी की कमी या डिहाइड्रेशन की वजह से ऐसा होता है। इसके अलावा अन्य कई समस्याएं गले में सूखापन या असुविधा को बढ़ा सकते हैं। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं इसके बारे में।

सुबह गला सूखने और खराश होने के कारण

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि हमारे मुंह और गले में सैकड़ों लार ग्रंथियां होती हैं, जो लगातार लार बनाती हैं ताकि हमारा गला गीला और सुरक्षित रहे। जब इन ग्रंथियों को पर्याप्त मात्रा में नमी नहीं मिल पाती है तो गला सूखने की समस्या होने लगती है। साल 2012 में BMC Ear, Nose and Throat Disorders के रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, गले में सूखापन, खराश या जलन महसूस होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें सर्दी-जुकाम, इंफ्लुएंजा और अन्य बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन शामिल हैं। इसके अलावा, एयर कंडीशनर, वायु प्रदूषण और स्मोकिंग के कारण भी गले में असुविधा महसूस हो सकती है।

1. मुंह से सांस लेना

सुबह उठने के बाद गला सूखना और खराश महसूस होने का एक बड़ा कारण मुंह में सांस लेना है। नाक, हवा को फिल्टर और नम करके फेफड़ों तक भेजती है, लेकिन अगर रात में आपकी नाक बंद रहती है तो आप अनजाने में मुंह से सांस लेने लगते हैं। मुंह से गुजरने वाली हवा आपके गले और मुंह के लार को सूखा देती है, जिससे सुबह गला बहुत खुरदरा और छिला हुआ महसूस होता है।

2. खर्राटे और स्लीप एपनिया

अगर आप रात को तेज खर्राटे लेते हैं तो तेज हवा से आपके गले के नाजुक टिश्यू आपस में टकराते हैं और उनमें कंपन होता है। यह कंपन और लगातार मुंह खुला रहना मिलकर गले की पूरी नमी को खत्म कर देते हैं। इसके अलावा, 'ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया' (OSA) जैसी गंभीर बीमारी में भी सोते समय सांस बार-बार रुकने लगती है और मरीज हांफते हुए मुंह से सांस लेता है, जिससे सुबह गला बहुत ज्यादा सूख जाता है।

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3. एसिड रिफ्लक्स या GERD

कई लोगों को लगता है कि एसिड रिफ्लक्स का असर सिर्फ पेट और सीने में जलन तक सीमित होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। जब हम रात को सीधे लेटते हैं तो ग्रेविटी न होने के कारण पेट का एसिड फूड पाइप के जरिए ऊपर चढ़कर हमारे गले तक आ जाता है। यह एसिड रातभर गले की नाजुक परत को बर्न करता है, जिससे सुबह उठने पर गले में जलन, भारीपन, रूखापन या कुछ अटका हुआ महसूस होने लगता है।

4. डिहाइड्रेशन

अगर आप दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जब शरीर डिहाइड्रेटेड होता है तो लार ग्रंथियां कम लार बनाती हैं। सोने के दौरान 7 से 8 घंटे तक बिना पानी पिए रहते हैं, इसलिए, अगर आप पहले से ही डिहाइड्रेटेड हैं तो सुबह गला पूरी तरह सूखा हुआ महसूस होता है।

5. पर्यावरण और कमरे की सूखी हवा

अगर आप रात में सोने के दौरान एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं या सर्दियों में रूम हीटर का उपयोग करते हैं तो ये चीजें कमरे की हवा से सारी नमी सोख लेती हैं। जब आप इस वातावरण में सांस लेते हैं तो यह सीधे तौर पर आपके गले को सूखा सकता है।

सुबह गला सूखने की समस्या से कैसे बचें?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, सोकर उठने के बाद गला सूखने या खराश महसूस होने की समस्या से बचने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

1. नाक के रास्ते को साफ रखें

अगर आपको एलर्जी या साइनस के कारण नाक बंद होने की समस्या रहती है तो सोने से पहले भाप लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा आप डॉक्टर की सलाह पर नेजल स्प्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. करवट लेकर सोएं

सोने के दौरान पीठ के बल सीधे लेटने से खर्राटे और मुंह से सांस लेने की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए, आप हमेशा करवट लेकर सोने की कोशिश करें। इसके अलावा सोते समय एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए सिरहाने को थोड़ा ऊंचा रखें, ताकि समस्या से बचा जा सके।

3. ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें

अगर आपको AC या हीटर वाले कमरे में सोने की आदत है तो कमरे में एक छोटा ह्यूमिडिफायर चलाएं या फिर पानी से भरा एक बाउल रखें। ऐसा करने से यह हवा में नमी बनाए रखने और आपके गले को सूखने से बचाने में मदद कर सकता है।

4. सोने से ठीक पहले हैवी फूड न खाएं

एसिड रिफ्लक्स के कारण सुबह गले में सूखापन या खराश महसूस होने की समस्या हो सकती है। इसलिए, एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर रखें। सोने से पहले कैफीन और अल्कोहल लेने से बचें, क्योंकि ये चीजें डिहाइड्रेशन की समस्या को बढ़ाती हैं।

5. हाइड्रेटेड रहें

सुबह उठने के बाद गले में सूखापन या खराश महसूस होने की समस्या डिहाइड्रेशन के कारण होती है तो जरूरी है कि आप अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें। दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। सोने से ठीक पहले भी एक छोटा गिलास गुनगुना पानी पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है।

डॉक्टर से कब मिलें?

Dr. Akshay Chugh ने बताया कि आमतौर पर सुबह गले का सूखा महसूस होना एक आम समस्या है,जो ऊपर बताए उपायों की मदद से ठीक किया जा सकता है। अगर आपको इस सूखेपन के साथ गले में लगातार तेज दर्द रहता है, थूक निगलने या खाना चबाने में समस्या महसूस हो, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या आवाज का लगातार भारी होने की समस्या बनी रहे या फिर रात में अचानक दम घुटने का एहसास हो तो इन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन स्थितियों में आपको तुरंत डॉक्टर या ENT स्पेशलिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए।

निष्कर्ष

सोकर उठने के बाद गला सूखना एक सामान्य समस्या होती है, जिसे आप अपनी आदतों में कुछ बदलाव करके ठीक कर सकते हैं। हालांकि, अगर सुबह उठने के बाद गले में सूखेपन के साथ दर्द होने की समस्या, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या आवाज भारी होने की समस्या बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • गला सूखना कौन सी बीमारी का लक्षण है?

    गला सूखना आमतौर पर डिहाइड्रेशन या कम पानी पीने के कारण हो सकता है। हालांकि, अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो यह डायबिटीज, मुंह खोलकर सोने या एसिड रिफ्लक्स के लक्षण हो सकती है।
  • किस विटामिन की कमी से गला सूखता है?

    गला सूखने की समस्या मुख्य रूप से विटामिन ए और बी कॉम्प्लेक्स की कमी के कारण होती है। इसके अलावा, विटामिन सी की कमी मसूड़ों और गले में समस्या का कारण बन सकती है।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 19, 2026 15:56 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jul 19, 2026 15:56 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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