Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

कमजोरी के लिए सप्लीमेंट्स के बजाय अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय, बढ़ेगी ताकत रहेंगे एक्टिव

शारीर‍िक कमजोरी के कारण अक्‍सर लोग सप्‍लीमेंट्स का सेवन करते हैं, लेक‍िन जब सप्‍लीमेंट्स से भी राहत न म‍िले, तो कुछ आसान आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ले सकते हैं। ये उपाय थकान दूर करके एनर्जी बढ़ाते हैं।

काम करने के बाद सामान्‍य थकान होना आम बात है, लेक‍िन शारीर‍िक कमजोरी होने पर व्‍यक्‍त‍ि को हर समय थकान महसूस होती है, काम में मन नहीं लगता, ध्‍यान क्षमता कमजोर हो जाती है, काम पर फोकस करने में द‍िक्‍कत होती है और हर समय मांसपेश‍ियों में दर्द महसूस होता रहता है। शारीर‍िक कमजोरी को दूर करने के ल‍िए कई लोग सप्‍लीमेंट्स का सेवन करते हैं, लेक‍िन जब सप्‍लीमेंट्स से भी मदद न म‍िले, तो कुछ आसान और नेचुरल आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ले सकते हैं जो शरीर को एनर्जी देने में मदद कर सकते हैं। इन उपायों को जानने के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. भीगे हुए बादाम

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शारीर‍िक कमजोरी को दूर करने के ल‍िए रातभर भ‍िगोए हुए बादाम का सेवन सुबह के समय कर सकते हैं। इससे शरीर को हेल्‍दी फैट्स, प्रोटीन और व‍िटाम‍िन ई म‍िलेगा। इससे शरीर में एनर्जी बनी रहेगी और द‍िमाग की कार्यक्षमता को भी सपोर्ट म‍िलेगा। न‍ियम‍ित रूप से बादाम का सेवन करने से थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद म‍िल सकती है।

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2. शतावरी चूर्ण का सेवन

शतावरी को आयुर्वेद में रसायन औषधी माना जाता है। यह एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है ज‍िसकी तासीर ठंडी होती है। इसका इस्‍तेमाल ताकत और एनर्जी बढ़ाने के ल‍िए क‍िया जाता है। शतावरी चूर्ण कमजोरी और थ‍कान को दूर करने में मदद करता है। साल 2025 में Frontiers In Nutrition नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, शतावरी की मदद से मांसपेशियों की कार्यक्षमता में सुधार और थकान में कमी देखी गई।

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3. भीगे हुए इंजीर

अंजीर का सेवन उन लोगों के ल‍िए फायदेमंद हो सकता है ज‍िन्‍हें अक्‍सर कमजोरी और थकान होती है। अंजीर को रातभर भ‍िगोकर रखें और सुबह खाएं। इससे पाचन बेहतर हो सकता है और शरीर को प्राकृत‍िक ऊर्जा म‍िलती है। अंजीर में फाइबर, आयरन और कई जरूरी म‍िनरल्‍स पाए जाते हैं। ये म‍िनरल्‍स शरीर को पोषण देने में मदद करते हैं।

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4. सीजनल फल

शारीर‍िक कमजोरी को दूर करने के ल‍िए मौसमी फलों का सेवन करें। इनमें व‍िटाम‍िन्‍स, म‍िनरल्‍स और एंटीऑक्‍सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है। ये शरीर को एनर्जी देते हैं और इम्‍यून‍िटी को सपोर्ट करते हैं। रोजाना अलग-अलग प्रकार के फलों को डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं। इससे द‍िनभर एक्‍ट‍िव रहने में मदद म‍िलेगी।

न‍िष्‍कर्ष:

सप्‍लीमेंट्स लेने के बाद भी अगर शारीर‍िक कमजोरी को दूर करने में परेशानी हो रही है, तो आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ले सकते हैं जैसे शतावरी चूर्ण, भीगे हुए बादाम, भीगे हुए अंजीर और सीजनल फलों का सेवन भी कर सकते हैं।

FAQ

  • शारीर‍िक कमजोरी को दूर करने के ल‍िए क्‍या करें?

    शारीर‍िक कमजोरी को दूर करने के ल‍िए पर्याप्‍त नींद लें, हल्‍की एक्‍सरसाइज करें, शरीर की ताकत और एनर्जी लेवल को चेक करने के ल‍िए डॉक्‍टर की सलाह पर ब्‍लड टेस्‍ट कराएं।
  • शारीर‍िक कमजोरी होने पर क्‍या खाएं?

    शारीर‍िक कमजोरी होने पर दाल, अंडा, दूध, दही, हरी सब्‍ज‍ियां, मौसमी फल, मेवे और साबुत अनाज को शाम‍िल करें। इससे शरीर को एनर्जी म‍िलती है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 15, 2026 18:17 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 15, 2026 18:17 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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