Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

एनर्जी ड्रिंक पीने के क्या हैं नुकसान? एक्सपर्ट से जानें इसका लिवर और किडनी पर असर

लो एनर्जी महसूस होने पर लोग अक्‍सर एनर्जी ड्र‍िंक का सेवन करते हैं, लेक‍िन ये सेहत के ल‍िए हान‍िकारक होती है खासकर ल‍िवर और क‍िडनी पर इसका बुरा असर हो सकता है। एक्‍सपर्ट से जानें इसके नुकसान।

लोग लो एनर्जी की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए या एनर्जेट‍िक रहने के ल‍िए अक्‍सर एनर्जी ड्र‍िंक का सेवन करते हैं। एनर्जी ड्र‍िंक का सेवन करके कुछ समय के ल‍िए एनर्जी महसूस होती है। पढ़ाई या लगातार काम करने वाले लोग या एथलीट्स एनर्जी ड्र‍िंक का सेवन पसंंद करते हैं। हालांक‍ि हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स एनर्जी ड्र‍िंक्‍स को हेल्‍दी नहींं मानते क्‍योंक‍ि उसमें कैफीन, शुगर की अध‍िक मात्रा हो सकती है जो भले ही थोड़े समय के ल‍िए आपको राहत दे, लेक‍िन लंंबे समय तक इसका सेवन स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए हान‍िकारक हो सकता है खासकर ल‍िवर और क‍िडनी की सेहत के ल‍िए। एक्‍सपर्ट से जानें एनर्जी ड्र‍िंंक पीने के नुकसान। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

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एनर्जी ड्र‍िंक का सेवन क्‍यों नुकसानदायक है?

  • एनर्जी ड्र‍िंंक में ज्‍यादा शुगर हो सकती है ज‍िससे डायब‍िटीज का खतरा बढ़ सकता है।
  • एनर्जी ड्र‍िंक में अति‍र‍िक्‍त शुगर के कारण वजन बढ़ सकता है।
  • कैफीन के कारण एनर्जी ड्र‍िंक ज्‍यादा पीने से ड‍िहाइड्रेशन हो सकता है।
  • ज्‍यादा मात्रा में एनर्जी ड्र‍िंक पीने से पाचन समस्‍याएं जैसे गैस और एस‍िड‍िटी हो सकती है।

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क‍िडनी और ल‍िवर के ल‍िए क्‍यों हेल्‍दी नहींं है एनर्जी ड्र‍िंंक?

एनर्जी ड्र‍िंक में मौजूद अत‍िर‍िक्‍त शुगर, टॉरिन, ग्वाराना, हर्बल एक्सट्रैक्ट और अन्‍य तत्‍वों की अध‍िक मात्रा ल‍िवर पर दबाव डाल सकती है। खासकर अगर कोई व्‍यक्‍त‍ि लगातार एनर्जी ड्र‍िंक पीता है, तो ल‍िवर को इसे प्रोसेस करने में ज्‍यादा मेहनत करनी पड़ती है। वहींं क‍िडनी की सेहत के ल‍िए भी एनर्जी ड्र‍िंंक का अध‍िक सेवन नुकसानदायक हो सकता है क्‍योंक‍ि ज‍िन एनर्जी ड्र‍िंंक्‍स में कैफीन होता है, वह शरीर में जाकर ड‍िहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो क‍िडनी पर दबाव पड़ता है। साथ ही एनर्जी ड्र‍िंक का लंबे समय तक सेवन करने के कारण मोटापा, हाई बीपी और डायबि‍टीज का खतरा बढ़ सकता है ज‍िससे आगे चलकर क‍िडनी की सेहत खराब हो सकती है।

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क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2023 में Journal Of Biosciences And Medicines नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, एनर्जी ड्र‍िंक पीने वाले लोगों में हाई यूर‍िक एस‍िड द‍िखा ज‍िससे क‍िडनी पर बुरा असर हो सकता है। स्‍टडी में एनर्जी ड्र‍िंक के तत्‍व जैसे कैफीन, नियासिन, टॉरिन को क‍िडनी और ल‍िवर के ल‍िए हान‍िकारक बताया गया है।

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लो एनर्जी से बचने के ल‍िए क्‍या करें?

अगर लो एनर्जी महसूस होती, तो एनर्जी ड्र‍िंंक पीने के बजाय इन उपायों से बचाव करें-

  • न‍ियम‍ित एक्‍सरसाइज करें।
  • पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएंं।
  • संतुलित आहार लें।
  • ताजे फल और नट्स का सेवन करें।
  • डाइट में आयरन और प्रोटीन र‍िच फूड्स को शाम‍िल करें।

न‍िष्‍कर्ष:

एनर्जी ड्र‍िंक में अत‍िर‍िक्‍त शुगर और कैफीन के अलावा टॉरिन, ग्वाराना और अन्य हर्बल एक्सट्रैक्ट पाए जाते हैं। इनका अध‍िक सेवन करने से ल‍िवर और क‍िडनी की सेहत ब‍िगड़ सकती है इसल‍िए एनर्जी ड्र‍िंक्‍स का सेवन बार-बार नहीं करना चाह‍िए।

FAQ

  • क्या कभी-कभार एनर्जी ड्र‍िंक पीना सुरक्षित है?

    कभी-कभार सीमि‍त मात्रा में एनर्जी ड्र‍िंंक का सेवन कर सकते हैं, लेक‍िन इसे आदत बना लेना सही नहींं है। शुगर फ्री एनर्जी ड्र‍िंंक का व‍िकल्‍प चुन सकते हैं।
  • क‍िन लोगों को एनर्जी ड्र‍िंक का सेवन नहीं करना चाह‍िए?

    हाई बीपी, ह्रदय रोग, क‍िडनी या ल‍िवर के मरीज, गर्भवती मह‍िलाएं और लो इम्‍यूनटी वाले लोगों को डॉक्‍टर की सलाह के बगैर एनर्जी ड्र‍िंक का सेवन नहीं करना चाह‍िए।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 23, 2026 17:44 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 23, 2026 17:44 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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