Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

हर 2-3 घंटे में होती है चाय पीने की क्रेविंग? जानें आपका शरीर आपको क्या संकेत कर रहा है

हर दो-तीन घंटे में चाय पीना स्वास्थ्य के लिहाज से सही नहीं है। यह कई तरह से सेहत पर बुरा असर डालता है। जानने के लिए पूरे लेख को पढ़ें।

कुछ लोगों को चाय की तलब बहुत ज्यादा होती है, इतनी कि हर दो-तीन घंटे में एक प्याला चाय जरूर पीते हैं। आपने सुना होगा कि गर्मियों में चाय ज्यादा नहीं पीनी चाहिए। इससे एसिडिटी, एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन जैसी कई समस्याएं होती हैं। बहरहाल, क्या आपने सोचा है कि कुछ लोगों को हर 2-3 घंटे में चाय पीने की चाह क्यों होती है? कहीं यह किसी शारीरिक या मानसिक समस्या का संकेत तो नहीं है? आइए, जानते हैं Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से।

बार-बार चाय की तलब के कारण

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1. कैफीन की लत

अगर किसी को प्रत्येक दो-तीन घंटे में चाय पीने की क्रेविंग हो रही है, तो यह साफ दर्शाता है कि उन्हें कैफीन की लत है। चाय में कैफीन होता है, जो एक नेचुरल स्टिमुलेंट है। चाय पीने से एनर्जी का स्तर तेजी से बढ़ जाता है। 2-3 घंटे बाद ही इसके असर में तेजी से गिरावट आने लगती है। शरीर दोबारा एनर्जी बूस्ट की मांग करता है।

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2. एनर्जी क्रैश

कुछ लोगों को बहुत ज्यादा मीठी चाय पसंद आती है। इसका मतलब है कि वे चाय में अधिक मात्रा में चीनी का उपयोग करते हैं। चीनी से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है और उतनी ही तेजी से क्रैश भी करता है। ऐसे में शरीर में सुस्ती छा जाती है। इसे दूर करने के लिए दो-तीन घंटे में ही दोबारा चाय पीने लगते हैं।

3. आदत होना

कुछ लोगों में चाय एक आदत है। जो लोग लंबे समय से रूटीन के तहत हर दो-तीन घंटे में चाय पी रहे हैं, उन्हें हर छोटे-बड़े ब्रेक में चाय चाहिए होती है। असल में, काम से ब्रेक लेने का यह एक बेहतरीन तरीका होता है और इससे बोरियत भी दूर होती है। हालांकि, अधिक मात्रा में चाय पीना सही नहीं है।

4. तनाव और थकावट से राहत

जो लोग लगातार काम करते हैं, उन्हें अक्सर एक जैसा काम करते हुए थकान और तनाव महसूस होने लगता है। अगर ऐसे में वे ब्रेक न लें, तो उनकी प्रोडक्टिविटी भी बाधित होती है। वहीं, चाय में मौजूद एल-थेनाइन नामक एमिनो एसिड दिमाग को शांत करता है और स्ट्रेस कम करता है। इसलिए जब भी काम का दबाव बढ़ता है, लोग रिलैक्स होने के लिए हर कुछ घंटों में चाय ढूंढ़ते हैं। चाय पीने से उनके तनाव का स्तर भी कम होता है।

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निष्कर्ष

वैसे तो दिन भर में दो-तीन कप चाय पीने में कोई बुराई नहीं है। हां, अगर आप हर दो-तीन घंटे में एक एक चाय की तलाश करते हैं, तो यह सही नहीं है। इसका असर आपके समग्र स्वास्थ्य पर पड़ता है, जैसे एसिडिटी और नींद की कमी। अगर ब्रेक लेने के चलते चाय पी रहे हैं, तो बेहतर है कि आप इसके दूसरे विकल्प तलाशें। गर्मियों में आप छाछ या हर्बल टी को चुन सकते हैं।

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FAQ

  • क्या हर 2 घंटे में चाय पीना नुकसानदायक है?

    हां, इतनी ज्यादा चाय पीने से शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ती है, जिससे एसिडिटी, डिहाइड्रेशन, भूख न लगना और नींद का बाधित होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • हर दो-तीन घंटे में चाय की आदत को कैसे सुधारें?

    चाय की क्रेविंग होने पर उसकी जगह एक गिलास पानी पिएं या इलायची चबाएं। अगर चाय पीने का मन हो, तो छोटे कप में चाय पिएं।
  • दिनभर में कितनी चाय पीना सुरक्षित है?

    सेहत के लिहाज से दिनभर में 2 से 3 छोटे कप चाय पीना काफी होता है।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 25, 2026 08:40 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 25, 2026 08:40 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi

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