Fri Oct 9, 2026 | 07:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

भूख है या सिर्फ क्रेविंग, कैसे पहचानें अंतर? जानें डॉक्टर से

अक्सर लोग असली भूख और फूड क्रेविंग में अंतर नहीं समझ पाते हैं, जिससे अनहेल्दी खाने की आदतें बढ़ने लगती हैं। इसलिए, फूड क्रेविंग और असली भूख के बीच अंतर समझना बहुत जरूरी है ताकि हेल्दी रहा जा सके। 
भूख है या सिर्फ क्रेविंग, कैसे पहचानें अंतर? जानें डॉक्टर सेभूख है या सिर्फ क्रेविंग, कैसे पहचानें अंतर? जानें डॉक्टर से

अक्सर लोग तनाव, बोरियत या अचानक कुछ मीठा या चटपटा खाने की क्रेविंग को भूख समझ लेते हैं। समय पर खाना खाने के बाद भी उन्हें बार-बार अनहेल्दी स्नैक्स खाने की इस आदत को मेडिकल की भाषा में इमोशनल ईटिंग या फूड क्रेविंग के रूप में जाना जाता है। फूड क्रेविंग होने पर बार-बार कुछ भी खाने की आदत वजन बढ़ने, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर जैसी बीमारियों को तेजी से बढ़ा सकती हैं। इसलिए, हर व्यक्ति के लिए जरूरी है कि वह असली भूख और फूड क्रेविंग के बीच सही अंतर को समझ सके। इसलिए, आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से इस बारे में जानते हैं।

भूख और क्रेविंग में अंतर

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि जब तक व्यक्ति असली भूख और क्रेविंग इन दोनों शारीरिक संकेतों के बीच अंतर नहीं समझ पाएगा, तब तक खान-पान पर कंट्रोल करना संभव नहीं हो सकता है। इसलिए, आप इस आसान तरीके से असली भूख और क्रेविंग के बीच अंतर को समझ सकते हैं।

लक्षण  असली भूख क्रेविंग
शुरुआत  धीरे-धीरे बढ़ती है अचानक होती है और बहुत तेज होती है।
भोजन की पसंद   दाल-चावल, रोटी, सब्जी या कोई भी भोजन जो भूख को शांत करती है। सिर्फ खास चीजों को खाने की इच्छा होना जैसे पिज्जा, बर्गर, चॉकलेट आदि।

संकेत 

पेट में गुड़गुड़ाहट और हल्की कमजोरी महसूस होना। मुंह में पानी आना, मन में सिर्फ भोजन के बारे में ही विचार रहना।

संतुष्टि 

पेट भरने पर व्यक्ति खाना बंद कर देता है। पेट भरने के बाद भी खाने की इच्छा बनी रहना।

खाने के बाद 

शरीर में एनर्जी और संतुष्टि महसूस होना। अक्सर ग्लानि, पछतावा या भारीपन महसूस होता है।

क्रेविंग होने के कारण

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, क्रेविंग होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें शामिल हैं-

1. स्ट्रेस और कोर्टिसोल हार्मोन

तनाव के दौरान शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ता है, जो दिमाग को हाई-कैलोरी यानी शुगर और फैट से भरपूर फूड्स खाने का संकेत देता है।

साल 2015 में Journal of Health Psychology जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाला तनाव हमारे दिमाग के उन हिस्सों को एक्टिव कर देता है, जो आदतों और खाने की तेज क्रेविंग को कंट्रोल करते हैं, जिससे हमारा मन हाई कैलोरी और स्वादिष्ट भोजन की तरफ जाता है।

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2. नींद की कमी

लगातार सिर्फ 5 से 6 घंटे सोने से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन ग्रेनिन बढ़ जाता है और पेट भरने का संकेत देने वाला लेप्टिन कम हो जाता है, जो आप ज्यादा खाने के लिए मजबूर होते हैं।

साल 2013 में Nature Communications जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, नींद की कमी भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन में बदलाव लाती है और कैलोरी की खपत को बढ़ाती है। कम नींद लेने से दिमाग का सही फैसला लेने वाला हिस्सा कमजोर हो जाता है, जिससे भोजन को लेकर क्रेविंग बढ़ जाती है।

3. पोषक तत्वों की कमी

शरीर में प्रोटीन, फाइबर और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों की कमी होने के कारण भी दिमाग बार-बार मीठा या नमकीन खाने की इच्छा बहुत तेजी से बढ़ सकती है।

4. इंसुलिन स्पाइक

शरीर में इंसुलिन स्पाइक के कारण भी फूड क्रेविंग बढ़ सकती है। दरअसल, ज्यादा रिफाइंड कार्ब्स जैसे मैदा या चीनी खाने के कुछ देर बाद ब्लड शुगर लेवल अचानक गिरने लगता है, जिससे व्यक्ति को फिर से खाने की क्रेविंग ट्रिगर होती है।

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क्रेविंग को कंट्रोल करने के टिप्स

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि क्रेविंग कंट्रोल करने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें-

1. 15-मिनट का नियम

किसी फूड की क्रेविंग सिर्फ 15 से 20 मिनट तक रहती है। अगर इस समय आप अपनी क्रेविंग पर कंट्रोल करते हैं तो आपको फायदा मिल सकता है। इसलिए, जब भी आपको तेज खाने की क्रेविंग हो तो तुरंत 1 गिलास ठंडा पानी पिएं और खुद को किसी काम में व्यस्त कर लें।

2. प्रोटीन और फाइबर इनटेक बढ़ाएं

अपनी डाइट को संतुलित रखने की कोशिश करें। खासकर प्रोटीन और फाइबर से भरपूर पनीर, अंडे, दालें, और हरी सब्जियां खाने में जरूर शामिल करें। ये फूड्स आपके पाचन को धीमा करके पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं।

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3. हाइड्रेट रहें

डिहाइड्रेशन भी अक्सर फूड क्रेविंग का कारण बनता है, जिस वजह से लोग प्यास और भूख के बीच के अंतर को समझ नहीं पाते हैं। इसलिए, जब भी आपके बिना समय कुछ खाने का मन हो या भूख जैसा एहसास हो तो सबसे पहले पानी पिएं।

4. नींद पूरी करें

रोजाना रात में 7 से 8 घंटे की अच्छी और पर्याप्त नींद लेना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। अच्छी और गहरी नींद लेने से भूख कंट्रोल करने वाले हार्मोन्स को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि अगर आपको बार-बार ज्यादा मीठा खाने की क्रेविंग होती है या खाना खाने के तुरंत बाद फिर से भूख लगती है तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस या प्री-डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसे सिर्फ क्रेविंग समझकर नजरअंदाज न करें, बल्कि अपने डॉक्टर से मिलकर HBA1C और ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूर करवाएं।

निष्कर्ष

असली भूख और क्रेविंग के बीच के अंतर को समझना बहुत आसान है। आप इसके लक्षण, क्या खाने का मन है, खाना खाने के बाद पेट भरा या नहीं और इसकी शुरुआत कैसे होती है? इन बातों का ध्यान रखकर आसानी से अंतर को समझ सकते हैं। ध्यान रहे, क्रेविंग कुछ समय की होती है, इसलिए अगर समय रहते आपने इस पर काबू नहीं पाया तो यह आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
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FAQ

  • ज्यादा क्रेविंग होने पर क्या करें?

    ज्यादा क्रेविंग होने पर एक गिलास पानी पिएं, थोड़ा टहलें या अपना ध्यान भटकाने की कोशिश करें। अगर फिर भी क्रेविंग कंट्रोल न हो तो जंक फूड की जगह मखाना, फल या डार्क चॉकलेट जैसे हेल्दी विकल्प चुन सकते हैं।
  • ज्यादा मीठा खाने का मन क्यों करता है?

    ज्यादा मीठा खाने का मन शरीर में एनर्जी की कमी, तनाव, पोषक तत्वों की कमी और दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम के एक्टिव होने के कारण करता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 21, 2026 20:37 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh