Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

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इंप्लांटेशन ब्लीडिंग और पीरियड ब्लीडिंग में अंतर कैसे पहचानें? समझा रहे हैं डॉक्टर

इंप्लांटेशन ब्लीडिंग और पीरियड ब्लीडिंग, दोनों एक दूसरे से कई मायनों में अलग होते हैं। इन्हें समझना मुश्किल नहीं है। इसका फ्लो, रंग और प्रवाह देखकर ही अंदाजा लगाया जा सके। कैसे? डाॅक्टर दे रही हैं पूरा जवाब।

महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या कंसीव करने के दौरान ब्लीडिंग हो सकती है और अगर हां, तो इसमें फर्क कैसे किया जा सकता है? इसका मतलब है कि कंसीव करने की कोशिश कर रही महिलाओं में ब्लीडिंग फ्लो देखते ही मन में कशमकश उठने लगती है कि क्या यह पीरियड की शुरुआत है या यह इंप्लांटेशन ब्लीडिंग है? सवाल है, इस फर्क को कैसे समझा जा सकता है? अगर आप भी उन महिलाओं में हैं, जो कंसीव करने की प्लानिंग कर रही हैं, तो इस लेख को ध्यान से जरूर पढ़ें। इस बारे में जानने के लिए हमने Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की है।

इंप्लांटेशन ब्लीडिंग क्या है?

इंप्लांटेशन ब्लीडिंग तब होती है जब एक फर्टिलाइज्ड एग गर्भाशय के अस्तर से जुड़ता है। यह आमतौर पर ओव्यूलेशन के लगभग 6 से 12 दिन बाद होता है, जो उनके पीरियड का समय भी होता है। जैसे ही भ्रूण गर्भाशय में इम्प्लांट होता है, छोटी-छोटी ब्लड वेसल्स टूट सकती हैं, जिससे लाइट स्पॉटिंग होती है।

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इंप्लांटेशन ब्लीडिंग पीरियड से कैसे अलग है?

Implantation Bleeding or Periods 2 (3)

ब्लड फ्लोः आमतौर पर इंप्लांटेशन ब्लीडिंग बहुत लाइट स्पॉटिंग होती है। इसमें सामान्यतः पैड लगाने की जरूरत नहीं होती है, वहीं पीरियड की बात करें, तो इसके पहले दो दिनों में ब्लीडिंग हैवी हो सकती है।

रंग अलग हो सकता हैः इंप्लांटेशन ब्लीडिंग हल्की गुलाबी, भूरे रंग की होती है। पीरियड का खून आमतौर पर डार्क या गाढ़ा रेड होता है। यह कई दिनों जारी रहता है और आखिरी दिनों में जाकर रंग में हल्के बदलाव देखे जा सकते हैं।

टाइम पीरियड कम होता हैः इंप्लांटेशन स्पॉटिंग कुछ घंटों से लेकर दो दिनों तक चलती है। मासिक धर्म में ब्लीडिंग तीन से सात दिनों के बीच रहता है।

ऐंठन हल्की होती हैः इंप्लांटेशन के दौरान कुछ महिलाओं को बहुत हल्की ऐंठन महसूस होती है। मासिक धर्म में भी कमर दर्द, पेट दर्द या ऐंठन की समस्या होती है, जो कि अधिक तीव्र होती है। सामान्यतः पीरियड्स में ऐसा पहले दो दिनों के दौरान ज्यादा होता है।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

इंप्लांटेशन ब्लीडिंग हानिकारक नहीं है, लेकिन महिला को हैवी ब्लीडिंग, पेट में तेज दर्द, चक्कर आना या खून के थक्के (clotting) आने को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये लक्षण हार्मोनल असंतुलन, गर्भपात या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी की ओर इशारा कर सकते हैं। इसके लिए जल्द से जल्द डॉक्टर ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है।

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निष्कर्ष

इंप्लांटेशन ब्लीडिंग पूरी तरह नाॅर्मल है। इसके बावजूद, महिलाओं के लिए यह जानना अधिक जरूरी होता है कि उन्हें ब्लीडिंग क्यों हो रही है? साथ ही, शरीर में प्रेग्नेंसी के नजर आ रहे अन्य लक्षणों पर भी गौर करना चाहिए ताकि समय रहते अस्पताल जाकर अपना ट्रीटमेंट करवाया जा सके।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या इंप्लांटेशन ब्लीडिंग के तुरंत बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट करना चाहिए?

    नहीं, इंप्लांटेशन के तुरंत बाद शरीर में hCG हार्मोन का स्तर इतना नहीं बढ़ता कि टेस्ट से प्रेग्नेंसी का पता चले।
  • क्या हर महिला को इंप्लांटेशन ब्लीडिंग होती है?

    नहीं, यह जरूरी नहीं है। अगर आपको स्पॉटिंग नहीं हुई है, तो भी आप गर्भवती हो सकती हैं।
  • क्या इंप्लांटेशन ब्लीडिंग के दौरान दवा लेना सेफ है?

    यदि आप कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं, तो बेहतर यही किसी भी तरह की दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

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Disclaimer

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 11, 2026 19:11 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 11, 2026 19:11 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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