Wed Sep 23, 2026 | 07:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vikash Goyal , Cardiologist

एंग्जायटी अटैक और हाई बीपी दोनों के लक्षण होते हैं एक जैसे, कैसे पहचानें अंतर? डॉक्टर से जानें

एंग्जायटी अटैक और हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण अक्सर मिलते-जुलते होते हैं, जिससे लोग कंफ्यूज हो जाते हैं। इनके कारण, समय और पहचान के तरीके अलग-अलग हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।
एंग्जायटी अटैक और हाई बीपी दोनों के लक्षण होते हैं एक जैसे, कैसे पहचानें अंतर? डॉक्टर से जानेंएंग्जायटी अटैक और हाई बीपी दोनों के लक्षण होते हैं एक जैसे, कैसे पहचानें अंतर? डॉक्टर से जानें

आज के भागदौड़ भरे जीवन में एंग्जायटी अटैक और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना बहुत आम बात हो गई है। इन दोनों ही स्थितियों के लक्षण काफी हद तक एक दूसरे से मिलते-जुलते होते हैं। गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल का कहना है कि इन दोनों की समस्याओं में दिल की धड़कन का तेज होना, सीने में भारीपन महसूस होना और चक्कर आना शामिल है। यही कारण है कि लोग अक्सर इन दोनों स्थितियों के बीच कंफ्यूज हो जाते हैं और अंतर को समझ नहीं पाते है। इसलिए, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि एंग्जायटी और हाई ब्लड प्रेशर के बीच अंतर को कैसे समझें?

एंग्जायटी और हाई ब्लड प्रेशर में अंतर 

डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि कई लोग एंग्जायटी या पैनिक अटैक को हाई ब्लड प्रेशर समझ लेते हैं क्योंकि दोनों में सीने में बेचैनी, दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना, चक्कर आना और सांस फूलने जैसे लक्षण नजर आते हैं। हालांकि, ये दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं, इनके बारे में पता भी अलग-अलग तरीकों से चलता है और इलाज के तरीके भी अलग-अलग होते हैं। 

अंतर  एंग्जायटी अटैक हाई बीपी 
शुरुआत  अचानक शुरू होती है और कुछ ही मिनटों में तेज हो जाती है। अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती है, कई बार बिना किसी साफ लक्षण के भी ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है। 
कारण  मानसिक तनाव, डर, सदमा या घबराहट शारीरिक तनाव, नमक का ज्यादा सेवन, जेनेटिक या खराब लाइफस्टाइल
लक्षण  हाथ-पैर कांपना, शरीर का सुन्न होना, सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना तेज सिरदर्द होना, धुंधला दिखाई देना, नाक से खून आना या थकान महसूस होना 
समय  आमतौर पर 10 से 30 मिनट तक रहता है और खुद शांत हो जाता है। स्थिति कंट्रोल में आने तक या दवा लेने तक लंबे समय तक बना रह सकता है।
पहचानने का तरीका  लक्षणों के आधार पर  ब्लड प्रेशर मॉनिटर से सही माप

एंग्जायटी अटैक क्या है?

डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि एंग्जायटी अटैक, बहुत ज्यादा तनाव या डर के कारण शरीर की एक प्रतिक्रिया होती है। यह अक्सर अचानक होता है और इसके साथ ही दिल की धड़कन का तेज होना, शरीर का कांपना, कंट्रोल खोने का एहसास होना या किसी अनहोनी का डर महसूस हो सकता है। एंग्जायटी अटैक के दौरान, शरीर की फाइट ऑर फ्लाइट प्रतिक्रिया के कारण ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ सकता है, लेकिन अटैक खत्म होने और शरीर पर काबू पाने के बाद यह आमतौर पर नॉर्मल हो जाता है। 

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StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, एंग्जायटी डिसऑर्डर बायोप्सिकोसोशल कारकों के आपसी मेल के कारण होते हैं। जेनेटिक कारणों से तनाव या दर्दनाक स्थितियों के साथ मिलकर गंभीर लक्षण या सिंड्रोम पैदा होते हैं। एंग्जायटी दवाइयां, हर्बल दवाइयां, नशीले पदार्थों का सेवन, सदमा या ट्रॉमा, बचपन का कोई बुरा अनुभव और पैनिक डिसऑर्डर जैसे कारणों से हो सकती है। 

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हाई ब्लड प्रेशर की पहचान कैसे करें?

डॉ. विकास गोयल के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) को अक्सर साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है। इसके लक्षण तब तक दिखाई नहीं देते हैं, जब तक कि यह दिल, दिमाग या किडनी जैसे जरूरी अंगों को नुकसान नहीं पहुंचाता है। एंग्जायटी अटैक के विपरीत, हाइपरटेंशन एक लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है, जिसमें नियमित जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव और जरूरत पड़ने पर दवाइयों के जरिए लंबे समय तक इलाज की जरूरत होती है। 

WHO के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर तब होता है जब आपके ब्लड वेसल्स में दबाव बहुत ज्यादा हो जाता है। यह एक आम समस्या है, लेकिन इलाज न कराने पर गंभीर हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में इसके लक्षण दिखाई नहीं दे सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ाने वाली चीजों में उम्र बढ़ना, जेनेटिक, ज्यादा वजन या मोटापा, शारीरिक रूप से एक्टिव रहना, नमक ज्यादा खाना और बहुत ज्यादा शराब का सेवन करना शामिल हैं। 

एंग्जायटी और हाई ब्लड प्रेशर के बीच अंतर क्या हैं?

डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि एंग्जायटी और हाई ब्लड प्रेशर के बीच मुख्य अंतर यह है कि एंग्जायटी अटैक कभी-कभी आते हैं और आमतौर पर कुछ ही मिनटों में ठीक हो जाते हैं। जबकि हाई ब्लड प्रेशर तब भी बना रहता है जब व्यक्ति पूरी तरह नॉर्मल महसूस कर रहा हो। हाई ब्लड प्रेशर का पता लगाने का एक अकेला तरीका यह है कि इसे कई बार सही ब्लड प्रेशर मॉनिटर से मापा जाए। 

हार्ट हेल्थ को सुरक्षित रखने के उपाय

डॉ. विकास गोयल के मुताबिक, हार्ट हेल्थ को बेहतर और सुरक्षित रखने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं- 

  • हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
  • नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करें
  • नमक का सेवन कम करें
  • तनाव को मैनेज करें
  • रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें
  • समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं

डॉ. विकास गोयल कहते हैं कि अगर आपको अक्सर एंग्जायटी जैसे लक्षण महसूस हों या ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहे तो खुद से बीमारी का अंदाजा लगाने के स्थान पर किसी डॉक्टर से सलाह लें ताकि समस्या के सही कारण का पता चल सके। 

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डॉक्टर से कब मिलें?

अगर आपको अचानक सीने में दर्द, सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ, बेहोशी, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस हो या ब्लड प्रेशर लगातार 180/120 mmHg से ज्यादा रहे, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। ब्लड प्रेशर ज्यादा होने के साथ ये लक्षण नजर आना हाई बीपी का संकेत होता है। इन संकेतों को नजरअंदाज करने से स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है। 

निष्कर्ष 

डॉ. विकास गोयल का कहना है कि भले ही एंजायटी और हाई ब्लड प्रेशर के शुरुआती लक्षण मिलते-जुलते हों, लेकिन इनके कारण और शरीर पर पड़ने वाले असर पूरी तरह अलग-अलग होते हैं। सही पहचान के लिए ब्लड प्रेशर मशीन से जांच करें और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को अपने दोस्तों या किसी करीबी से शेयर करें। किसी भी गंभीर स्थिति में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। 

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • एंग्जायटी के लक्षण क्या-क्या होते हैं?

    एंग्जायटी के लक्षणों में ज्यादा बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होना, हाथ-पैर कांपना, सांस फूलना और लगातार नकारात्मक या बुरे विचार आना शामिल हैं। 
  • एंग्जायटी किसकी कमी से होती है?

    एंग्जायटी मुख्य रूप से दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन, ज्यादा तनाव, जेनेटिक और कुछ पोषक तत्वों की कमी के कारण हो सकती है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 08, 2026 20:30 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Vikash Goyal

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