आज की भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हर व्यक्ति किसी न किसी चीज को लेकर परेशान रहता है। इसलिए, वर्तमान में कई लोग अचानक एंग्जायटी या बहुत ज्यादा घबराहट आने की समस्या से परेशान रहते हैं। जब एंग्जायटी अचानक ट्रिगर करती है तो दिल की धड़कन बहुत ज्यादा तेज, सांस फूलना और मन में अशांति महसूस होने जैसे लक्षण तेजी से बढ़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में दिमाग को शांत करने और शरीर के स्ट्रेस को कम करने के लिए कुछ शारीरिक गतिविधियां काफी कारगर साबित हो सकती हैं। इसलिए, आइए Praveen Gautam, Yoga Therapist at Yoga Junction, Uttam Nagar से जानते हैं कि अचानक होने वाली एंग्जायटी को शांत करने के लिए कौन सी शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए?
एंग्जायटी कम करने के लिए शारीरिक गतिविधियां
योग थेरेपिस्ट Praveen Gautam के अनुसार, एंग्जायटी कम करने के लिए आप इन शारीरिक गतिविधियों को अपना सकते हैं-
1. तेज चाल से चलना
ब्रिस्क वॉक यानी तेज चाल से चलना एंग्जायटी कम करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका होता है। जब आप 20 से 30 मिनट तक तेज गति में चलते हैं तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर होता है और दिमाग को ज्यादा ऑक्सीजन मिलता है। इससे तनाव को कम करने और मन को हल्का महसूस कराने में मदद मिलती है। साल 2025 में Journal of Cognitive Sciences and Human Development में प्रकाशित स्टडी में बताया गया है कि तेज चलना तनाव और एंग्जायटी को कम करने का एक प्रभावी तरीका है। नियमित रूप से तेज चलने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। इसलिए, अगर अचानक एंग्जायटी महसूस हो रही हो तो घर के बाहर पार्क या खुले स्थान पर तेज चलें। चलते समय आप अपनी सांसों पर ध्यान दें और आसपास के वातावरण को महसूस करें।
इसे भी पढ़ें: आपसे दूर होते ही रोने लगता है बच्चा? डॉक्टर से जानें बच्चों में सेपरेशन एंग्जायटी के कारण और निपटने के उपाय
2. दौड़ना या जॉगिंग करना
दौड़ना या हल्की जॉगिंग भी एंग्जायटी को कम करने का एक बेहतर तरीका है। दौड़ने से शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन निकलता है, जिसे फील गुड हार्मोन कहा जाता है। यह मन को शांत करने और तनाव को कम करता है। साल 2023 में Journal of Affective Disorders में प्रकाशित स्टडी से पता चलता है कि डिप्रेशन और एंग्जायटी से पीड़ित लोगों के लिए दौड़ना और डिप्रेशन की दवाएं मानसिक रूप से एक जैसा ही फायदा पहुंचाती हैं और दोनों ही मूड में सुधार करने में बराबर असरदार होते हैं। दवाएं सिर्फ मानसिक राहत देती हैं, जबकि दौड़ने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ दिल मजबूत होता है, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याएं कम होती हैं और दिल की बीमारियों का जोखिम भी कम होता है। शुरुआत में 10 से 15 मिनट हल्की जॉगिंग करें और धीरे-धीरे अपना समय बढ़ाएं।
3. ताई ची
ताई ची एक चाइनीज एक्सरसाइज है, जिसमें शरीर की धीमी और संतुलित गतिविधियों के साथ गहरी सांस ली जाती है। यह शरीर और मन के बीच के संतुलन को बनाने में मदद करती है। ताई ची करने से मन शांत होता है, फोकस बढ़ता है और घबराहट कम महसूस होती है। साल 2024 में Public Mental Health में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार बुजुर्गों में एंग्जायटी और डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार करने के लिए ताई ची का अभ्यास प्रभावशाली माना जाता है। खासतौर पर यांग शैली ताई ची ने एंग्जायटी के लक्षणों को कम करने में अहम भूमिका निभाई है।
-1783763618871.jpg)
4. जंपिंग
हल्की जंपिंग या जंपिंग जैक जैसी एक्सरसाइज शरीर में एनर्जी के फ्लो को बेहतर बनाती है और तनाव को कम करने में मदद करती है। कुछ मिनट तक जंपिंग करने से शरीर एक्टिव होता है और मन एंग्जायटी से हट जाता है। साल 2021 में Brain Science में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, रिदमिक रोप जंपिंग दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है, जो मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह एक्सरसाइज सेंट्रल नॉरपेनेफ्रिनर्जिक प्रणाली (central norepinephrinergic system) को एक्टिव करता है, जो दिमाग की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है।
इसे भी पढ़ें: बार-बार सांस फूलना अस्थमा है या सिर्फ एंग्जायटी? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान
5. अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अनुलोम-विलोम एक सिंपल और प्रभावी सांस लेने का अभ्यास है। इसमें एक नाक से सांस लेकर दूसरी नाक से छोड़ी जाती है। यह अभ्यास मन को शांत करने और तनाव को कम करने में बहुत उपयोगी माना जाता है। साल 2020 में Complementary Therapies in Clinical Practice में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, अनुलोम-विलोम प्राणायाम हमारे दिमाग और शरीर को शांत करने में बहुत असरदार माना जाता है। जब हम एक-एक करके दोनों नाक से सांस लेते और छोड़ते हैं तो यह हमारे नर्वस सिस्टम को संतुलित करता है, जिससे मानसिक तनाव और बेचैनी को कम करने में मदद मिलने लगती है।
निष्कर्ष
अचानक होने वाली एंग्जायटी को कंट्रोल करने में नियमित शारीरिक गतिविधियां अहम भूमिका निभा सकती हैं। तेज चाल से चलना, दौड़ना, ताई ची, जंपिंग और अनुलोम-विलोम जैसे एक्सरसाइज शरीर को एक्टिव रखते हैं और मन को शांत करने में मदद करते हैं।
Image Credit: Freepik
FAQ
एंग्जायटी के लक्षण क्या-क्या होते हैं?
एंग्जायटी होने पर ज्यादा घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना और बिना किसी कारण डर या बेचैनी महसूस होना शामिल है।। यह मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से आपको प्रभावित करती है।एंग्जायटी होने के कारण क्या है
एंग्जायटी किसी एक कारण से नहीं होती है। इसके होने के पीछे ज्यादा तनाव, जेनेटिक्स, दिमाग के केमिकल में असंतुलन या थायराइड जैसी शारीरिक बीमारियां शामिल हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 11, 2026 15:26 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Praveen Gautam