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क्या फास्ट वॉक करें तो 5,000 कदम भी फिट रहने के लिए पर्याप्त हैं? एक्सपर्ट से जानें

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना हर किसी की प्राथमिकता बन चुका है, लेकिन सवाल यह है कि क्या रोजाना तेज चाल से सिर्फ 5000 कदम चलना सेहत को फायदा दे सकता है?

आज की बिजी लाइफस्टाइल में लोगों के पास जिम जाने या लंबा वर्कआउट करने का समय कम ही होता है। ऐसे में वॉकिंग सबसे आसान एक्सरसाइज मानी जाती है, न किसी खास उपकरण की जरूरत, न महंगे मेंबरशिप की, बस एक जोड़ी आरामदायक जूते जरूरी होते हैं लेकिन सवाल यह है कि चलना कितना और किस गति से सही होता है। कई लोग रोजाना 10000 स्टेप्स पूरे करने की होड़ में रहते हैं तो कुछ लोगों को लगता है कि अगर वे रोजाना तेज चलकर 5000 कदम भी पूरे करते हैं तो इससे भी फिर रह सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या फास्ट वॉक करें तो 5,000 कदम भी फिट रहने के लिए पर्याप्त हैं? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, उत्तम नगर में स्थित योग जंक्शन के योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम से बात की-

क्या रोजाना तेज चाल से सिर्फ 5000 कदम चलना सेहत को फायदा दे सकता है?

योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार, ''संख्या से ज्यादा जरूरी है आपकी चाल की क्वालिटी और नियमितता। अगर आप 5000 कदम तेज गति से चलते हैं, जिससे आपकी दिल की धड़कन बढ़ती है और हल्का पसीना आता है, तो यह शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।'' तेज गति से चलना यानी ब्रिस्क वॉकिंग, सामान्य टहलने से ज्यादा असरदार होती है। जब आप तेज चलते हैं तो आपकी कैलोरी बर्न ज्यादा होती है, मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और दिल का फंक्शन बढ़ता है। योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम बताते हैं कि तेज चलने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है। इससे थकान कम होती है और दिनभर एनर्जी बनी रहती है। अगर 5000 कदम 30 से 35 मिनट में पूरे हो जाते हैं और इस दौरान आपकी सांसें थोड़ी तेज चलती हैं, तो इसे प्रभावी वॉक माना जा सकता है।

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स्टडी क्या कहती है?

NIH की स्टडी के अनुसार, हेल्दी वयस्कों के लिए प्रति दिन 7,000 से 10,000 कदम पर्याप्त माने जाते हैं। यदि आप तेजी से चलते हैं, तो कम से कम 3,000-5,000 कदम 'ब्रिस्क वॉकिंग' के होने चाहिए।

किन लोगों के लिए 5000 कदम पर्याप्त हैं?

हर व्यक्ति की उम्र, वजन, स्वास्थ्य स्थिति और लाइफस्टाइल अलग होती है, जो लोग पूरी तरह इनएक्टिव लाइफस्टाइल से एक्टिव लाइफस्टाइल की ओर बढ़ रहे हैं, उनके लिए 5000 कदम एक अच्छा शुरुआती लक्ष्य हो सकता है। योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार, ''अगर किसी को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या जोड़ों में दर्द की समस्या है, तो शुरुआत में 5000 कदम चलना भी बड़ा बदलाव ला सकता है। धीरे-धीरे इसे 7000 या 8000 कदम तक बढ़ाया जा सकता है।'' हालांकि, जो लोग पहले से फिट हैं और वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए 5000 कदम पर्याप्त नहीं हो सकते। ऐसे लोगों को वॉक के साथ योग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या अन्य एक्सरसाइज भी शामिल करनी चाहिए।

Is 5000 steps enough if you walk fast

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एक्सपर्ट की सलाह

अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है, तो सिर्फ 5000 कदम पर्याप्त नहीं हो सकते। इसके लिए बैलेंस डाइट, पर्याप्त नींद और नियमित एक्सरसाइज जरूरी है। तेज चाल से 5000 कदम चलने पर औसतन 150-250 कैलोरी तक बर्न हो सकती है, जो व्यक्ति के वजन और गति पर निर्भर करती है। योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम का मानना है कि वजन घटाने के लिए रोजाना कम से कम 45-60 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी जरूरी होती है। ऐसे में 5000 कदम एक शुरुआत हो सकती है, लेकिन इसे धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहेगा।

निष्कर्ष

अगर आप तेज चाल से 5000 कदम रोजाना चल रहे हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। हालांकि, इसे समय के साथ और बढ़ाना चाहिए। योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम का कहना है कि फिटनेस कोई रेस नहीं है। छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

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FAQ

  • वजन कम करने के लिए कितना चलना चाहिए?

    वजन कम करने के लिए रोज कम से कम 8,000-10,000 कदम चलना जरूरी है। इसके साथ ही हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल भी फॉलो करें।
  • रोज कितने कदम चलना हेल्दी माना जाता है?

    आमतौर पर 7,000 से 10,000 कदम रोज चलना अच्छा माना जाता है। हालांकि, यह व्यक्ति की उम्र, वजन, फिटनेस लेवल और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
  • 50 की उम्र में कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए?

    50 की उम्र में रोजाना वॉक के साथ-साथ योग और एक्सरसाइज में प्लैंक, स्क्वैट्स, पुश-अप्स कर इससे शरीर को ताकत बढ़ाने में मदद मिल सकती है। 

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Akanksha Tiwari
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