Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

वेट लॉस के ल‍िए 10k कदम चलना वाकई जरूरी है? एक्‍सपर्ट से जानें

वेट लॉस (Weight Loss) के ल‍िए 10 हजार कदम चलने का चैलेंज फैशन बन चुका है। हर कोई यह ट्रेंड फॉलो कर रहा है। एक्‍सपर्ट्स से जानते हैं क‍ि‍ इसकी वाकई जरूरत है या नहीं?

बीते कुछ सालों में वेट लॉस (Weight Loss) के ल‍िए 10 हजार कदम चलने का फार्मूला काफी सुनने को म‍िला। फ‍िटनेस फ्रीक्‍स में रोजाना 10 हजार कदम चलने की होड़ लग गई। कई लोग तो गर्व से सोशल मीड‍िया पर वीड‍ियो डालते हुए नजर आए ज‍िसमें उन्‍होंने 10 हजार कदम चलने का चैलेंज पूरा क‍िया। क्‍या आपने कभी सोचा है क‍ि वेट लॉस या अच्‍छी सेहत के ल‍िए वाकई 10 हजार कदम चलना जरूरी है? एक्‍सपर्ट्स की मानें, तो 10 हजार कदम, जापान के एक मार्केट‍िंग स्‍लोगन से पॉपुलर हुआ है, असल में सेहत के ल‍िए यह कि‍तना जरूरी है? इस सवाल का जवाब आगे एक्‍सपर्ट से जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Naveen Bhamri Cardiologist, HOD & Director Interventional Cardiology At Max Super Speciality Hospital, New Delhi और Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

 

 

 

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वेट लॉस के ल‍िए कदम नहीं मूवमेंट जरूरी है

Dr. Naveen Bhamri ने बताया क‍ि फ‍िट रहने के ल‍िए या वेट लॉस के ल‍िए ज्‍यादा कदम चलने पर फोकस करने के बजाय ज्‍यादा से ज्‍यादा मूवमेंट करने पर फोकस होना चाह‍िए। अगर आप पूरे दि‍न बैठकर काम करते हैं और उठने का समय नहीं म‍िलता, तो यह स्‍थ‍िति‍ वेट लॉस के साथ-साथ बीमार‍ियों का कारण भी बन सकती है। अगर आपके पास चलने का समय नहीं भी है, तो भी मूवमेंद बदलते रहें। एक ही अवस्‍था में लगातार बैठने से मोटापा बढ़ सकता है।

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चलें ज्‍यादा और बैठें कम

  • Dr. Naveen Bhamri ने बताया क‍ि चलने से इंसुल‍िन सेंस‍िट‍िव‍िटी बढ़ती है ज‍िससे शुगर लेवल को कंट्राेल करने में मदद म‍िलती है।
  • चलने से पूरी बॉडी का मूवमेंट होता है और बोन हेल्‍थ भी बेहतर रहती है और अर्थराइट‍िस जैसी बीमार‍ियों का खतरा भी कम होता है।
  • चलने से सि‍ट‍िंग ब्रेक म‍िलता है। डेस्‍क जॉब वर्कर्स के ल‍िए स‍िट‍िंग ब्रेक जरूरी है।
  • चलने से मेटाबॉल‍िज्‍म बढ़ता है और वजन घटाने में आसानी होती है।
  • चलने से स्‍ट्रेस हार्मोन और कोर्टि‍सोल लेवल इंप्रूव होता है ज‍िससे अच्‍छी नींद आती है और तनाव महसूस नहीं होता।

वेट लॉस कैलोरी ड‍ेफ‍िस‍िट पर न‍िर्भर करता है

Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि वेट लॉस (Weight Loss) कैलोरी डेफ‍िस‍िट पर न‍िर्भर करता है। इसका मतलब है क‍ि आप जि‍तना खाते हैं, उससे थोड़ी ज्‍यादा कैलोरी बर्न करें। कई लोगों के ल‍िए छह से आठ हजार कदम चलने से ही मेटाबॉल‍िज्‍म रेट बढ़ता है, हार्ट की सेहत बेहतर होती है और वजन कम करने में मदद म‍िलती है। अगर आप ज्‍यादा एक्‍ट‍िव नहीं हैं, तो चार से पांच हजार कदम चलने से शुरुआत करें।

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चलने के साथ इंटेंसिटी भी मायने रखती है

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अगर आप रोजाना 20 से 30 म‍िनट तेज चलते हैं, उस दौरान सांस थोड़ी फूल जाए, तो वह ज्‍यादा कदम चलने से ज्‍यादा असरदार हो सकता है। Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि वॉक के साथ स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग, रोज की एक्‍ट‍िव‍िटी जैसे सफाई, सीढ़ियां चढ़ने आद‍ि पर भी फोकस करें। पूरे हफ्ते की कुल एक्टिविटी पर ध्यान दें, न कि किसी टारगेट पर। अगर 10k स्‍टेप्‍स आपके लिए काम करता है और आपकी लाइफस्टाइल में फिट बैठता है, तो अच्‍छी बात है, लेकिन अगर इससे आपको स्ट्रेस होता है, तो यह जरूरी नहीं है। कंस‍िस्‍टेंट आदतें हर बार सख्त स्टेप काउंट से बेहतर होती हैं।

द‍िनभर में छह से आठ हजार कदम चलना काफी है: JAMA Study

जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (Journal of the American Medical Association) के मुताब‍िक, दस हजार कदम चलना जरूरी नहीं है। यह एक मि‍थक है। अगर आप रोजाना छह से आठ हजार कदम भी चलते हैं, तो सेहत को बेहतर बना सकते हैं। स्‍टडी में यह बताया गया क‍ि जो 2700 कदम प्रत‍ि द‍िन चले, उनमें बीमार‍ियों का जोख‍िम ज्‍यादा द‍िखा। वहीं 4400 कदम चलने वाले लोगों में बीमार‍ियों का जोख‍िम 41% कम पाया गया। इसके बाद जैसे-जैसे कदमों की संख्‍या बढ़ी, बीमार‍ियों का खतरा कम होता नजर आया। यह स्‍थ‍ित‍ि 7500 कदम प्रति‍द‍िन तक देखी गई। उसके बाद नतीजे स्‍थ‍िर हो गए। इस आधार पर कहा गया क‍ि फ‍िट रहने के ल‍िए, बीमार‍ियों से बचने के ल‍िए और वेट लॉस के ल‍िए दस हजार कदम चलना जरूरी नहीं है, रोज छह से आठ हजार स्‍टेप्‍स पूरे करना भी काफी है।

न‍िष्‍कर्ष:

वेट लॉस के ल‍िए दस हजार कदम चलना जरूरी नहीं है। हेल्‍दी डाइट लें, समय-समय पर मूवमेंट बनाए रखें और रोजाना छह से आठ हजार कदम चलकर भी आप वजन घटा सकते हैं।

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FAQ

  • वेट लॉस के ल‍िए क्‍या करें?

    वेट लॉस के ल‍िए घर का बना ताजा खाना खाएं, प्रोटीन और फाइबर को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं, रोज एक्‍सरसाइज करें और कंस‍िस्‍टेंट रहें।
  • वेट लॉस के ल‍िए क‍ितने कदम चलें?

    वेट लॉस के ल‍िए लगातार अच्‍छी स्‍पीड पर चलें। रोज ब्र‍िस्‍क वॉक करें और पांच से छह हजार कदम चलें, तो वजन कम करने में मदद म‍िलेगी। 
  • वेट लॉस के ल‍िए क्‍या न करें?

    वेट लॉस के ल‍िए क‍िसी भी ऐसी फैंसी चीज को फॉलो न करें, खासकर ऐसी कोई भी चीज न करें जो आप हर द‍िन न कर पाएं। वेट लॉस के ल‍िए एक ही जगह पर बैठने की आदत न अपनाएं, प्रोसेस्‍ड चीजें न खाएं और र‍िफाइंड चीनी का सेवन न करें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 19, 2026 15:29 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 19, 2026 15:29 IST

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  • Jan 19, 2026 15:29 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

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