Fri Oct 23, 2026 | 01:37 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

ब्रिस्क वॉक Vs जॉगिंग, सेहत के लिए इन दोनों में से क्या है ज्यादा फायदेमंद?

Brisk Walk Vs Jogging: ब्रिस्क वॉक और जॉगिंग, दोनों ही एक आसान एक्सरसाइज है, लेकिन सवाल ये है कि इसका सेहत पर कैसा असर पड़ता है और कौन ज्यादा फायदेमंद है? जानते हैं एक्सपर्ट से।
ब्रिस्क वॉक Vs जॉगिंग, सेहत के लिए इन दोनों में से क्या है ज्यादा फायदेमंद?ब्रिस्क वॉक Vs जॉगिंग, सेहत के लिए इन दोनों में से क्या है ज्यादा फायदेमंद?

Brisk Walk Vs Jogging: ब्रिस्क वॉक और जॉगिंग, दोनों ही कुछ सबसे आसान एक्सरसाइज में से एक है। ये दोनों ही आसानी से लोग फॉलो कर सकते हैं। हालांकि, दोनों में काफी अंतर है। एक बेहद आरामदेहर एक्सरसाइज है तो दूसरा इंटेंस। ब्रिस्क वॉक को जहां आप लंबे समय तक कर सकते हैं वहीं जॉगिंग के लिए शरीर को थोड़ी प्रैक्टिस की जरूरत होती है। इसके अलावा दोनों सेहत के लिए अलग-अलग तरीके से काम करते हैं और फायदे भी काफी अलग हैं। कैसे? जानते हैं इस बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru की राय।

ब्रिस्क वॉक Vs जॉगिंग, सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि इन दोनों एक्सरसाइज में से कौन सा सेहत के लिए अच्छा है ये किसी व्यक्ति की फिटनेस पर निर्भर करता है। ब्रिस्क वॉकिंग, जॉगिंग से बेहतर है या नहीं, यह व्यक्ति की सेहत, उम्र और लक्ष्यों पर निर्भर करता है। इसे ऐसे समझें कि

ब्रिस्क वॉक के फायदे

ब्रिस्क वॉक एक कम-जोर वाली यानी लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज है, जो घुटनों, टखनों और कूल्हों पर ज्यादा दबाव डाले बिना दिल की धड़कन को बढ़ाती है। PubMed Central में प्रकाशित इस शोध में बताया गया है कि ब्रिस्क वॉक से दिल की सेहत बेहतर हो सकती है, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए ब्रिस्क वॉक काफी मददगार है। इसके अलावा भी ब्रिस्क के कई फायदे हैं जैसे

  • ब्रिस्क वॉक से वजन को सही रखने में सहायता मिलती है और स्टैमिना बढ़ता है।
  • ब्रिस्क वॉक करने से एंडोर्फिन रिलीज होता है जिससे तनाव कम होता है, एंग्जायटी से राहत मिलती है और मूड बेहतर होता है।
  • ब्रिस्क वॉक हड्डियों और मांसपेशियों के लिए बेहद फायदेमंद है। यह आपके शरीर के निचले हिस्से को टोन करता है और हड्डियों के कमजोर होने से बचाता है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है।
  • ब्रिस्क वॉक हमारे सर्कुलेटरी सिस्टम और नर्वस सिस्टम को हेल्दी रखने में मददगार है जिससे जल्दी और गहरी नींद आने में मदद मिलती है।

इसे भी पढ़ें: हफ्ते में सिर्फ एक दिन भी 75 मिनट तेज चलें, तो घट सकती है पेट की चर्बी, नई स्टडी में चौंकाने वाला दावा

जॉगिंग के फायदे

जॉगिंग, वॉकिंग की तुलना में ज्यादा जोरदार एक्सरसाइज है और आमतौर पर कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न करती है। इससे कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस बेहतर हो सकती है, पैरों की मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं और स्टैमिना बढ़ सकता है। इसके अलावा Researchgate में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के मामले म जॉगिंग, ब्रिस्क वॉक की तुलना में बेहतर पाया गया है। संक्षेप में, अगर आप अपनी कार्डियोरेस्पिरेटरी स्टेमिना, मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति को लगातार बढ़ाना चाहते हैं, तो मध्यम आयु वर्ग के पुरुषों के लिए जॉगिंग बेहद फायदेमंद एक्सरसाइज है।

joggingjogging

क्यों बेहतर है ब्रिस्क वॉक?

ब्रिस्क वॉक को नियमित रूप से जारी रखना भी आसान है इसलिए यह शुरुआती लोगों, बुज़ुर्गों और ऐसे लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है जिन्हें जोड़ों की समस्या है या जो ब्रेक के बाद फिर से एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं। जॉगिंग में जोड़ों पर ज़्यादा दबाव पड़ता है और यह हर किसी के लिए सही नहीं हो सकती, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें जोड़ों की कोई समस्या है, चोट लगी है या जिनकी फ़िटनेस का स्तर बहुत कम है। बहुत तेजी से शुरुआत करने या अचानक दूरी बढ़ाने से चोट लगने का खतरा भी बढ़ सकता है। जो लोग एक्सरसाइज में नए हैं, वे अपनी फिटनेस बेहतर होने के साथ-साथ धीरे-धीरे वॉकिंग से थोड़ी देर जॉगिंग करने की ओर बढ़ सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: रोज 30 मिनट Walk करने से मिले मुझे कई जबरदस्त फायदे, सांस फूलने की समस्या हुई कम-कमजोरी हुई दूर

निष्कर्ष:

ज्यादातर लोगों के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज वही है जिसे वे सुरक्षित और लगातार कर सकें। जो व्यक्ति नियमित रूप से 30-60 मिनट तक तेजी से चलता है, उसे बिना जॉगिंग किए भी सेहत से जुड़े कई फायदे मिल सकते हैं। जो लोग चलने में सहज हैं और हाई इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करना चाहते हैं, वे बीच-बीच में थोड़ी देर जॉगिंग कर सकते हैं और धीरे-धीरे इसका समय बढ़ा सकते हैं। ब्रिस्क वॉक से चलने के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से मांसपेशियों, हड्डियों और ओवरऑल फिटनेस के लिए अतिरिक्त फायदे मिल सकते हैं।

अगर किसी को कोई मेडिकल कंडीशन है, जोड़ों में तेज दर्द है या एक्सरसाइज के दौरान सीने में दर्द या असामान्य रूप से सांस फूलने जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो उन्हें जोरदार एक्सरसाइज शुरू करने से पहले किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से बात करनी चाहिए।

FAQ

  • ब्रिस्क वॉक कब करना चाहिए?

    ब्रिस्क वॉक को आप सुबह और शाम दोनों ही समय कर सकते हैं। सुबह आप शरीर के तमाम अंगों को बेहतर स्टार्ट देने के लिए ब्रिस्क वॉक कर सकते हैं। शाम को आप दिनभर का तनाव कम करने के लिए ब्रिस्क वॉक कर सकते हैं।
  • 1 घंटा जॉगिंग करने के क्या फायदे हैं?

    1 घंटा जॉगिंग करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। सबसे पहले तो शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, इसके बाद इससे फैट बर्न करने में मदद मिलती और मांसेपेशियों व हड्डियों की सेहत बेहतर होती है।

Read Next

→ डीप ब्रीद‍िंग (गहरी सांस लेने) से शरीर को मिल सकते हैं ये 7 फायदे, एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 27, 2026 19:52 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj