Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

जॉगिंग Vs वॉकिंग: डायबिटीज के मरीजों के लिए क्या करना है ज्यादा फायदेमंद? एक्सपर्ट से जानें

Jogging Vs Walking For Diabetes: डायबिटीज में शुगर बैलेंस रखना बेहद जरूरी होता है जिसमें एक्सरसाइज मददगार साबित हो सकता है लेकिन सवाल ये है कि इन दोनों में से डायबिटीज मैनेज करने में कौन ज्यादा प्रभावी है?

Jogging Vs Walking For Diabetes: डायबिटीज के मरीजों के लिए शुगर बैलेंस रखना कई बार मुश्किल हो जाता है खासकर इस स्ट्रेस भरी लाइफस्टाइल में। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है कि अपनी डाइट के अलावा आप एक्टिव लाइफस्टाइल के साथ रेगुलर एक्सरसाइज करने पर ध्यान दें। आज Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore से बात करेंगे कि डायबिटीज के मरीजों के लिए वॉकिंग और रनिंग में से कौन सी एक्सरसाइज ज्यादा फायदेमंद है। किसे करने से हम ज्यादा शुगर पचा सकते हैं और कैलोरी बर्न कर सकते हैं। साथ ही हम ये भी जानेंगे कि लंबे समय तक किस एक्सरसाइज को किया जा सकता है।

वॉकिंग या रनिंग: डायबिटीज में क्या है फायदेमंद?

डॉ. पूजा पिल्लई बताती हैं कि वॉक करना दोनों ही डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं लेकिन तेज चलना यानी वॉकिंग अक्सर बेहतर शुरुआती विकल्प होता है। आप इसे ऐसे समझ सकते हैं कि

डायबिटीज में वॉकिंग

डायबिटीज में वॉकिंग जोड़ों के लिए आरामदायक होता है, नियमित रूप से किया जा सकता है, और मांसपेशियों को ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का उपयोग करने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा वॉकिंग करने से इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार हो सकता है। अधिकांश दिनों में लगभग 30-45 मिनट तक वॉकिंग करना उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है जो बहुत भारी भरकम एक्सरसाइज नहीं कर पाते हैं तो इसे करना शुरू कर रहे हैं, जिनका वजन अधिक है या जिन्हें जोड़ों में तकलीफ है।

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PubMd Central में प्रकाशित इस शोध मे बताया गया है कि टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस के मरीजों में चलने-फिरने से ग्लाइसेमिक कंट्रोल बेहतर हो सकता है। इस स्टडी का मकसद क्लिनिकल ट्रायल्स और टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस के मरीजों के लिए जानकारी उपलब्ध कराना है।

डायबिटीज में जॉगिंग

डॉ. पूजा पिल्लई बताती हैं कि जॉगिंग ज्यादा तेज एक्सरसाइज है और हृदय संबंधी स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है और उन लोगों के लिए कम समय में अधिक कैलोरी जला सकती है जो पहले से ही रेगुलर एक्सरसाइज करने में सहज हैं। तो अगर आप पहले से ही रेगुलर एक्सरसाइज कर रहे हैं को आप जॉगिंग कर सकते हैं।

PubMd Central में प्रकाशित एक और शोध में बताया गया है कि टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस वाले मरीजों में शॉर्ट-टर्म ब्लड ग्लूकोज पर लगातार जॉगिंग करने का अच्छा असर दिखा है। इस शोध में बताया गया है कि डायबिटीज के मरीजों को जॉगिंग करने से शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

वॉकिंग           जॉगिंग
आरामदेह एक्सरसाइज जिस हर कोई हमेशा कर सकता है        इंटेंस एक्सरसाइज जिसे कम लोग कर सकते हैं
मांसपेशियों को ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का उपयोग करने में मदद करता है  कम समय में ज्यादा कैलोरी जला सकती है
इंसुलिन संवेदनशीलता में आराम से सुधार करती है इंसुलिन संवेदनशीलता में तेज सुधार
संतुलित तरीके से शुगर पचाने में मददगार शुगर कंट्रोल करने में तेजी से मददगार

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क्या है ज्यादा फायदेमंद?

सबसे जरूरी बात यह है कि तेजी से करने के बजाय लगातार करते रहना ज्यादा मायने रखता है। इसलिए, डायबिटीज से जुड़े फायदे पाने के लिए जॉगिंग करना जरूरी नहीं है। खाने के बाद तेजी से वॉक करने से भी ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने से रोका जा सकता है क्योंकि एक्टिव मांसपेशियां खून से ग्लूकोज़ सोख लेती हैं। फिटनेस बेहतर होने पर धीरे-धीरे जॉगिंग शुरू की जा सकती है, लेकिन अचानक तेजी से दौड़ना शुरू करने से जोड़ों, मांसपेशियों या टेंडन में चोट लगने का ख़तरा बढ़ सकता है, खासकर उन लोगों में जिनका वजन ज्यादा है या जो लंबे समय से शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहे हैं।

डायबिटीज में कितनी देर वॉक करें?

American Diabetes Association के अनुसार हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम गति से वॉक करना, यानी हफ्ते में 5 दिन, रोजाना लगभग 30 मिनट वॉक करना डायबिटीज के मरीजों को शुगर मैनेज करने में मदद कर सकता है।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. पूजा पिल्लई का सुझाव है कि डायबिटीज वाले ज्यादातर लोगों को तेजी से टहलने से शुरुआत करनी चाहिए और अगर सहज महसूस हो तो धीरे-धीरे जॉगिंग की ओर बढ़ना चाहिए। साथ ही, स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां बनती हैं और ग्लूकोज का इस्तेमाल बेहतर होता है, जिससे और फायदे मिल सकते हैं। जो लोग इंसुलिन या ऐसी डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं जिनसे ब्लड शुगर कम हो सकता है, उन्हें एक्सरसाइज और ब्लड शुगर की निगरानी के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए, खासकर तब जब वे एक्सरसाइज की स्पीड बढ़ा रहे हों। आखिरकार, सबसे अच्छा विकल्प वही गतिविधि है जिसे सुरक्षित और नियमित रूप से किया जा सके, क्योंकि कभी-कभार जॉगिंग करके छोड़ देने के बजाय लगातार 30 मिनट तक तेजी से वॉक करना डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए ज्यादा फायदेमंद है।

FAQ

  • डायबिटीज में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?

    डायबिटीज में सबसे ज्यादा फाइबर और रफेज का सेवन करना चाहिए जो कि शुगर पचाने में तेजी से मदद कर सकता है। इसके अलावा आप प्रोटीन से भरपूर फूड्स ले सकते हैं।
  • डायबिटीज से शरीर में क्या होता है?

    डायबिटीज में शरीर की शुगर पचाने की क्षमता कम हो जाती है। ये इंसुलिन प्रोडक्शन कम होने की वजह से होता है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 24, 2026 19:54 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr. Pooja Pillai

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