कई लोग गर्दन दर्द और अकड़न की समस्या से परेशान रहते हैं। यह समस्या आम हो चुकी है। लंबे समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल का झुककर इस्तेमाल करने या गलत पोश्चर में रहने से गर्दन पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इसके कारण लोगों को गर्दन में अकड़न और खिंचाव की समस्या होती है। इस स्थिति में आराम करने से ये समस्या कम हो सकती है। इसके अलावा, गर्दन से जुड़ी समस्याओं से राहत के लिए नियमित रूप से कुछ एक्सरसाइज को भी किया जा सकता है। ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Subhash Dhiware, Consultant Orthopaedics, Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital Navi Mumbai से जानें।
गर्दन दर्द से राहत के लिए एक्सरसाइज
डॉ. सुभाष के अनुसार, गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को आराम देने के साथ-साथ उनकी लचक और ताकत बनाए रखना भी जरूरी है। इसके लिए कुछ हल्की एक्सरसाइज को किया जा सकता है। इन एक्सरसाइज को करने से गर्दन दर्द से राहत मिल सकती है। ऐसे में ध्यान रहे, इन एक्सरसाइज को करते समय शरीर के रिएक्शन पर ध्यान देना जरूरी है।
1. नेक टिल्ट्स (Neck Tilts)
इस एक्सरसाइज के लिए सीधे बैठें या खड़े हों और अपने कंधों को रिलैक्स करें। अब सिर को धीरे-धीरे एक कंधे की ओर झुकाएं। गर्दन के दूसरी तरफ हल्का खिंचाव महसूस हो सकता है। इस स्थिति में लगभग 10 से 15 सेकेंड तक रहें।
इसके बाद सिर को वापस सीधी स्थिति में लाएं और दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएं। ध्यान रहे, गर्दन को झुकाते समय किसी तरह का जोर या तेज मूवमेंट न करें। इस एक्सरसाइज को करने से गर्दन में हल्का स्ट्रेच करने में मदद मिलती है।
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2. चिन टक्स (Chin Tucks)
सीधे बैठें और सामने की ओर देखें। अब बिना सिर को ऊपर या नीचे झुकाए अपनी ठुड्डी को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाएं। ऐसा करते समय चेहरे पर हल्का-सा डबल चिन जैसा दिखाई दे सकता है।
इस स्थिति में 5 सेकेंड तक रहें और फिर नॉर्मल स्थिति में लौट आएं। इसे 8 से 10 बार दोहराया जा सकता है। यह एक्सरसाइज गर्दन की स्थिति को बेहतर बनाए रखने और इससे जुड़ी मांसपेशियों को एक्टिव करने में मदद कर सकती है।
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3. नेक रोटेशन (Neck Rotation)
सीधे बैठकर या खड़े होकर शुरुआत करें। अपने कंधों को स्थिर रखते हुए सिर को धीरे-धीरे एक तरफ घुमाएं। जहां तक आराम से गर्दन घूम सके, वहीं तक जाएं। गर्दन को जबरदस्ती घुमाने या कंधों को साथ में मोड़ने की कोशिश न करें।
कुछ सेकेंड के लिए इस स्थिति में रुकें और फिर सिर को बीच में लाएं। इसके बाद दूसरी तरफ गर्दन घुमाएं। इस प्रक्रिया को 5 से 10 बार दोहराया जा सकता है। पूरी एक्सरसाइज के दौरान गर्दन की स्पीड स्लो और आरामदायक होनी चाहिए।
4. शोल्डर ब्लेड स्क्वीज (Shoulder Blade Squeeze)
गर्दन के साथ-साथ ऊपरी पीठ की मांसपेशियों पर भी ध्यान देना जरूरी है। सीधे बैठें या खड़े हों और शरीर के पोश्चर को नॉर्मल बनाए रखें। अब दोनों कंधों के पीछे मौजूद शोल्डर ब्लेड्स (कंधे की हड्डियों) को धीरे-धीरे एक-दूसरे की ओर लाने की कोशिश करें।
इसके बाद शोल्डर ब्लेड्स को हल्का नीचे की ओर लाते हुए लगभग 5 सेकेंड तक इस स्थिति को बनाए रखें फिर रिलैक्स करें। इसे करीब 10 बार दोहराया जा सकता है। ऊपरी पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने से गर्दन पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
5. अपर ट्रेपेजियस स्ट्रेच (Upper Trapezius Stretch)
सीधे बैठें और कंधों को ढीला छोड़ दें और सिर को धीरे-धीरे एक तरफ (कान को कंधे की तरफ) झुकाएं। जरूरत महसूस होने पर हाथ को सिर के किनारे पर हल्के से रखकर स्थिति बनाए रखने में मदद ली जा सकती है।
ध्यान रखें कि हाथ से सिर को खींचे नहीं, सिर्फ हल्का दबाव डालें। इस स्ट्रेच को 10 से 15 सेकेंड तक बनाए रखने के बाद नॉर्मल स्थिति में लौटें और दूसरी तरफ भी इसे दोहराएं।
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6. नेक एक्सटेंशन और फ्लेक्सन (Neck Extension and Flexion)
इस एक्सरसाइज की शुरुआत सीधे बैठकर करें। धीरे-धीरे अपनी ठुड्डी को छाती की ओर लाएं। इसके बाद सिर को वापस शुरुआती स्थिति में ले आएं। अगर ऐसा करना पूरी तरह आरामदायक है और दर्द नहीं हो रहा हो, तो सिर को हल्का पीछे ले जाकर ऊपर की ओर देखने की कोशिश की जा सकती है।
ध्यान रहे, गर्दन की हर एक्सरसाइज बहुत धीरे करें। अगर पीछे की ओर देखने पर दर्द या कोई असहजता महसूस हो, तो उस एक्सरसाइज को छोड़ा जा सकता है।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2023 में Journal of Clinical Medicine में प्रकाशित गर्दन के क्रोनिक दर्द के इलाज के लिए जब एक्सरसाइज थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है, तो प्रोग्राम को हर व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग बनाना बहुत जरूरी होता है। शरीर पर एक्सरसाइज का असर कैसा होता है, इसे ध्यान में रखते हुए, दर्द के हर तरह फिनोटाइप: जैसे दर्द कहां से आ रहा है - नोसिसेप्टिव, न्यूरोपैथिक और नोजिप्लास्टिक के हिसाब से अलग-अलग एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है।
एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
डॉ. सुभाष बताते हैं, गर्दन की एक्सरसाइज करते समय तेज, झटकेदार या अचानक होने वाली एक्टिविटीज से बचना चाहिए। सभी एक्सरसाइज धीरे-धीरे और आराम से की जानी चाहिए।
किसी एक्सरसाइज से दर्द बढ़ता है या चक्कर, सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी महसूस होने जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखते हैं, तो एक्सरसाइज को तुरंत रोक दें। इसके अलावा, एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
गर्दन के दर्द से बचने के लिए अपनाएं रोज की आदतें
डॉ. सुभाष का कहना है, सिर्फ एक्सरसाइज करना ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है, जिससे गर्दन दर्द की समस्या से समय रहते बचा जा सके।
- कंप्यूटर पर काम करते समय सही पोश्चर में बैठें।
- स्क्रीन की ऊंचाई या दूरी ऐसी रखें कि लंबे समय तक गर्दन नीचे न झुकानी पड़े।
- लगातार स्क्रीन देखने के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना भी फायदेमंद हो सकता है।
- मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते समय गर्दन को लंबे समय तक नीचे झुकाकर रखने से बचें। ऐसा करने से दर्द को दोबारा होने से रोका जा सकता है।
- दिनभर में थोड़े-थोड़े समय पर गर्दन और कंधों को आराम देना बेहतर आदत हो सकती है।
ध्यान रहे, सबसे जरूरी बात है कि नियमित तौर पर हल्की-फुल्की एक्टिविटी करते रहना, खासकर एक्सरसाइज सेशन के बीच, फायेदमंद है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. सुभाष कहते हैं, अगर गर्दन में दर्द लंबे समय तक बना रहता है या ज्यादा परेशानी महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ताकि किसी भी गंभीर समस्या से समय रहते बचा जा सके।
निष्कर्ष
गर्दन दर्द की समस्या से राहत के लिए नेक टिल्ट्स, चिन टक्स, नेक रोटेशन, शोल्डर ब्लेड स्क्वीज, अपर ट्रेपेजियस स्ट्रेच और नेक एक्सटेंशन और फ्लेक्सन को किया जा सकता है। इनसे मांसपेशियों को रिलैक्स करने और गर्दन दर्द की समस्या से राहत देने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, गर्दन दर्द की समस्या से राहत के लिए रोज की कुछ आदतों में भी बदलाव किया जा सकता है।
गर्दन दर्द से राहत के लिए हल्की एक्सरसाइज करें, सही पोश्चर में बैठें और स्क्रीन से बीच-बीच में ब्रेक लेने से गर्दन की जकड़न और मांसपेशियों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। लगातार या गंभीर दर्द को सिर्फ एक्सरसाइज के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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FAQ
गर्दन में दर्द क्यों होता है?
लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठे रहने, मांसपेशियों में खिंचाव आने, गलत तकिए पर सोने, स्ट्रेस में रहने, उम्र बढ़ने और नसों के दबने जैसी समस्याओं के कारण गर्दन में दर्द हो सकता है।एक्सरसाइज करने के क्या फायदे हैं?
एक्सरसाइज करने से वजन कम करने, स्ट्रेस को कम करने, हार्ट को हेल्दी रखने, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, इम्यूनिटी बूस्ट करने, मांसपेशियों को रिलैक्स करने और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मदद मिलती है।
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Aug 19, 2026 11:14 IST
Modified By : Priyanka Sharma Aug 19, 2026 11:14 IST
Modified By : Priyanka SharmaAug 19, 2026 11:14 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Subhash Dhiware