आज लंबे समय तक बैठकर काम करने और स्क्रीन देखने की आदत के कारण गलत पोश्चर एक आम समस्या बन चुकी है। अक्सर गलत पोश्चर के बाद गर्दन में खिंचाव, कंधों में दर्द, कमर में अकड़न या पीठ भारी लगने जैसी शिकायत होती है। इसके बाद लोगों के मन में एक बड़ा सवाल आता है कि क्या गलत तरीके से बैठने की आदत रीढ़ की हड्डी को हमेशा के लिए खराब कर सकती है?
मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ का कहना है कि हर खराब पोश्चर का मतलब रीढ़ की हड्डी में स्थायी नुकसान होना नहीं है लेकिन समस्या को पूरी तरह नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से स्पाइन, डिस्क या हड्डियों से जुड़ी समस्या है, तो लंबे समय तक गलत पोश्चर परेशानी बढ़ा सकता है।
क्या गलत पोश्चर से रीढ़ की हड्डी खराब हो सकती है?
डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, लंबे समय तक गलत तरीके से बैठने या खड़े होने से शरीर की मसल्स और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हालांकि, हर खराब पोश्चर से रीढ़ की हड्डी में स्थायी नुकसान हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। समस्या की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि गलत पोश्चर कितने समय से है और इसके साथ कोई अन्य समस्या है या नहीं।
- जब हम लंबे समय तक गलत पोश्चर में रहते हैं, तो शरीर का वजन समान रूप से वितरित नहीं हो पाता।
- इससे गर्दन, कंधे और कमर की मसल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
- शुरुआत में दर्द, अकड़न और थकान जैसी समस्या हो सकती है। लंबे समय तक समस्या रहने पर रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो सकते हैं।
- सिर्फ गलत बैठने की आदत से हर व्यक्ति में रीढ़ की हड्डी को स्थायी नुकसान हो जाए, यह जरूरी नहीं है। कई मामलों में पोश्चर सुधारने, नियमित फिजिकल एक्टिविटी और मसल्स को मजबूत करने से समस्या में सुधार हो सकता है।
- अगर किसी व्यक्ति को पहले से रीढ़ की बीमारी, डिस्क की समस्या, चोट या हड्डियों से जुड़ी कमजोरी है, तो गलत पोश्चर परेशानी को बढ़ा सकता है।
- इसलिए लगातार दर्द को केवल पोश्चर की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
साल 2024 में Journal of Cardiovascular Disease Research में प्रकाशित स्टडी से पता चलता है कि काम करने वाले लोगों में लंबे समय तक गलत पॉश्चर में बैठने से रीढ़ की हड्डी के फंक्शन पर बुरा असर पड़ता है।
- इस स्टडी में पाया गया कि 78.9% लोगों में आगे की ओर झुका हुआ सिर (फॉरवर्ड हेड पॉश्चर) और 45.6% लोगों में मध्यम शारीरिक अक्षमता देखी गई।
- इसके अलावा, रोजाना 9 घंटे से ज्यादा काम करने वाले 84.7% पेशेवरों में पॉश्चर की समस्या ज्यादा पाई गई।
- ईएमजी (EMG) के रिजल्ट से यह भी साबित हुआ कि गलत पॉश्चर मांसपेशियों पर तनाव को काफी बढ़ा देता है।
मोबाइल देखने का पोश्चर पर असर
मोबाइल इस्तेमाल करते समय लोग अक्सर गर्दन को आगे की तरफ झुका लेते हैं। लंबे समय तक इस स्थिति में रहने पर गर्दन और ऊपरी पीठ की मसल्स पर दबाव बढ़ सकता है। इसी वजह से गर्दन में दर्द, कंधों में जकड़न और सिर में भारीपन महसूस हो सकता है।
इसे भी पढ़ें: रीढ़ की हड्डी को कमजोर कर सकती हैं ये 5 खराब आदतें, आज ही छोड़ें इन्हें
ऑफिस में बैठने का सही तरीका क्या है?
डॉ. अक्षय चुघ का कहना है कि अगर आपका काम लंबे समय तक बैठने का है, तो कुर्सी पर कमर को सहारा देकर बैठें और इसके लिए कुशन भी पीठ के नीचे लगा सकते हैं। दोनों पैर जमीन पर टिके हों और कंप्यूटर की स्क्रीन इतनी ऊंचाई पर हो कि उसे देखने के लिए गर्दन को लगातार नीचे न झुकाना पड़े। हर कम से कम 40 मिनट में उठकर चलना और शरीर की स्थिति बदलना भी जरूरी है। लगातार कई घंटे एक ही पॉश्चर में बैठे रहना सही नहीं है।

गलत पॉश्चर के संकेत
डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं कि अगर व्यक्ति को लगातार गर्दन या कमर में दर्द हो, हाथ या पैर में झुनझुनी हो, मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो, दर्द हाथ या पैर तक फैले और चलने या बैलेंस बनाने में परेशानी हो तो ये गलत पॉश्चर के संकेत हो सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: गलत तरीके से सोना आपकी रीढ़ की हड्डी को कैसे नुकसान पहुंचाता है? डॉक्टर से जानें
स्पाइन को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
डॉ. अक्षय चुघ सलाह देते हैं कि पोश्चर सुधारने के साथ नियमित फिजिकल एक्टिविटी बेहद जरूरी है। गर्दन, पीठ और पेट की मसल्स को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज मदद कर सकती हैं। हालांकि, अगर पहले से दर्द या स्पाइन की बीमारी है, तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है। इसके अलावा लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने के बीच छोटे ब्रेक लें और बैठने, खड़े होने तथा सोने की स्थिति पर ध्यान दें।
निष्कर्ष
गलत पोश्चर लंबे समय तक रहने पर गर्दन, कंधे और कमर की मसल्स पर ज्यादा दबाव डाल सकता है और दर्द व अकड़न जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। हालांकि, हर मामले में इससे रीढ़ की हड्डी को स्थायी नुकसान नहीं होता। समय रहते पोश्चर सुधारना, एक्टिव रहना और लगातार दर्द या झुनझुनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करना जरूरी है। अगर समस्या लगातार बनी रहती है या न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या गलत पोश्चर से सिरदर्द हो सकता है?
गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में लगातार तनाव कुछ लोगों में सिरदर्द या सिर में भारीपन से जुड़ा हो सकता है।कमर में दर्द और कमजोरी का क्या कारण है?
कमर दर्द के साथ शरीर और पैरों में कमजोरी, सुन्नपन या चलने में परेशानी हो तो इसे केवल गलत पोश्चर से न जोड़ें बल्कि डॉक्टर से सलाह लें और उचित इलाज कराएं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 10, 2026 18:39 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh