पित्ती की समस्या जिन भी लोगों को होती है वे समझ नहीं पाते कि इस स्थिति से कैसे निपटें। दरअसल, पित्ती स्किन की एक बीमारी है जिसे मेडिकल भाषा में अर्टिकेरिया (Urticaria) कहते हैं। इसमें त्वचा पर खुजली वाले, उभरे हुए दाने या चकत्ते नजर आते हैं। ये तब होते हैं जब आपका शरीर हिस्टामाइन और दूसरे केमिकल छोड़ता है। इससे छोटे ब्लड वेसेल्स से तरल पदार्थ रिसकर स्किन टिशूज में चला जाता है। इससे छोटे दानों से लेकर बड़े चकत्तों तक हो सकते हैं और आमतौर पर 24 घंटे रह सकते हैं। देखने में ये स्थिति परेशान करने वाली हो सकती है और कई बार आपको समझ नहीं आएगा कि करें क्या? ऐसे में इस स्थिति का तुरंत इलाज जानने के लिए हमने रजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की।
पित्ती होने पर तुरंत क्या करें?
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं कि हालांकि, पित्ती ठीक होने पर 24 घंटे लग सकते हैं पर तुरंत रात के लिए आप कुछ उपायों को आजमा सकते हैं जैसा कि American Academy of Dermatology Association ने सुझाव दिया है
1. शरीर को ज्यादा गर्म होने से बचाएं
पित्ती शरीर के ज्यादा गर्म होने पर अक्सर निकल आती है इसलिए आपको करना ये है कि सबसे पहले शरीर को ठंडा करने के लिए ठंडी पट्टी (कोल्ड कंप्रेस) का इस्तेमाल करें। इसके लिए आप एक साफ कपड़े में बर्फ के टुकड़े लपेटकर इस्तेमाल खुजली वाली जगह पर लगा सकते हैं। आपको कुछ ही देर में बेहर महसूस होगा।
2. हल्के और ढीले कपड़े पहनें
पित्ती होने के बाद आपको हल्के और ढीले कपड़े पहनना चाहिए ताकि स्किन के साथ कपड़ों की रगड़ कम से कम हो। साथ ही कोशिश करें कि कॉटन कपड़े पहनें जो कि आरामदेह हो और आप बेहतर महसूस करें ताकि आपकी त्वचा भी सांस ले सके। इसके अलावा ध्यान दें कि जिन कपड़ों को आप पहन रहे हैं कहीं इसकी क्वालिटी इतनी खराब तो नहीं कि आपको पित्ती परेशान कर रही है।
3. स्ट्रेस कम लें
भले ही आपने ध्यान न दिया हो लेकिन स्ट्रेस की वजह से भी आपको पित्ती की समस्या हो सकती है। दरअसल, स्ट्रेस से शरीर में एड्रेनालिन रिलीज होता है जिससे पित्ती उभरते हैं और 30 से 60 मिनट तक रहते हैं। ऐसे में कोशिश करें कि ठंडा पानी पिएं, लंबी सांस लें और थोड़ा घूमकर आएं।
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4. एंटी-इच लोशन और बिना खुशबू वाले मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें
पित्ती कम करने के लिए खुजली कम करने वाली एंटी-इच लोशन जैसे प्रामोक्सिन (pramoxine) का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही बिना खुशबू वाले मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करके त्वचा को रूखा होने से बचाएं। हालांकि, अपने मन से कुछ भी इस्तेमाल न करें, डॉक्टर द्वारा बताया लोशन इस्तेमाल करें।

पित्ती के कारणों पर दें ध्यान
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं कि अगर किसी को भी पित्ती की समस्या है तो उसे ध्यान देना चाहिए कि ये स्थिति आई कैसे है? ऐसे में सबसे पहले टिगर्स की पहचान करें जैसे NIH की ये रिसर्च इस बारे में कुछ जानकारी देती है।
- आपने खाया क्या है जैसे डाइट में मूंगफली और दूसरे नट्स से आपको एलर्जी हो सकती है। अंडे और सी फूड्स से भी पित्ती उछलने का कारण हो सकते हैं।
- अगर आपको पहले से ही लेटेक्स से एलर्जी है, तो केले, चेस्टनट, कीवी या आम खाने से पित्ती हो सकती है।
- एक्सरसाइज और इमोशनल स्ट्रेस से भी पित्ती की समस्या हो सकती है।
- किसी दवा, कीड़े के काटने या डंक मारने से रिएक्शन के रूप में पित्ती हो सकती है।
- टाइट कपड़े पहनने से भी पित्ती की दिक्कत हो सकती है।
- इम्यून सिस्टम से जुड़ी कोई समस्या होने पर।
- दूषित पानी या सूरज की तेज रोशनी से भी आपको पित्ती हो सकती है।
- कुछ प्रिजर्वेटिव, विटामिन और दूसरे सप्लीमेंट से भी ये समस्या हो सकती है।
- कुछ मसाले भी पित्ती को टिर्गर कर सकते हैं।
- कॉस्मेटिक्स, स्किन केयर प्रोडक्ट्स, टूथपेस्ट या दूसरी चीजों से पित्ती हो सकती है।
- कई दवाइयां, जैसे एंटीबायोटिक्स, एस्पिरिन और इबुप्रोफेन, इसकी वजह बन सकती हैं।
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डॉक्टर के पास कब जाएं?
अगर आपको पित्ती हुई है और अगले कुछ घंटों में ये खुद से सही नहीं हो रहा तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि कभी-कभी खुद से इसका कारण पता नहीं चल पाता। American Academy of Dermatology Association बताती है कि क्रोनिक हाइव्स लंबे समय तक रहने वाले चकत्ते वाले लगभग 50% लोगों को कभी पता नहीं चल पाता कि उनके लक्षण क्यों उभर रहे हैं। भले ही आपको कारण पता न चले, फिर भी इलाज से आपकी त्वचा साफ हो सकती है और नए चकत्ते बनने से रोके जा सकते हैं इसलिए समय रहते डॉक्टर के पास जाएं।
निष्कर्ष:
पित्ती से परेशान होने की जरूरत नहीं है पर समय पर सही इलाज जरूरी है इसलिए डर्मेटोलॉजिस्ट की मदद लें। साथ ही अपनी दवा सही समय पर लें। अगर आप बताई गई मात्रा या समय से कम दवा लेते हैं, तो इलाज बेअसर हो सकता है।
FAQ
क्रॉनिक अर्टिकेरिया क्या है?
क्रॉनिक अर्टिकेरिया ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में बार-बार पित्ती निकलते हैं लगभग 6 हफ्तों के लिए। ये कई बार खुजली वाले हो सकते हैं और आपको काफी असहज कर सकते हैं।अर्टिकेरिया में क्या नहीं खाना चाहिए?
अर्टिकेरिया में आपको हिस्टामाइन बढ़ाने वाली चीजों के सेवन से बचना चाहिए जैसे कि ज्यादा तेल मसाले वाली चीजों से। प्रोसेस्ड, फर्मेंडेट और प्रिजरवेटिव फूड्स से। इसके अलावा खट्टे फल और सी-फूड्स के सेवन से बचें।
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Aug 10, 2026 17:14 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra