नाभि का अपनी जगह से हटने को नाभि खिसकना कहते हैं। ये स्थिति तब होती है जब आपकी नाभि अपनी प्राकृतिक बीच की जगह से हट जाती है। ये शरीर के बीच के हिस्से की स्थिरता (कोर स्टेबिलिटी) और पाचन क्रिया पर असर डाल सकती है और पाचन क्रिया पूरी से प्रभावित हो जाता है। शुरुआत में हम में से बहुत से लोग इसके लक्षणों को समझ नहीं पाते जबकि इसे समझना बेहद आसान है लेकिन पहला सवाल ये है कि यह समस्या होती क्यों है? इस बारे में हमने Dr. Pooja Pillai से बात की। साथ ही खास जानकारी के लिए Dr. Anupama N K, Senior Consultant - Medical Gastroenterology, Aster CMI Hospital, Bangalore से बात की और समझा कि इसके लक्षणों की पहचान कैसे करें?
नाभि खिसकने का कारण
Dr. Pooja Pillai बताती हैं कि नाभि खिसकने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनके बारे में जानना जरूरी है क्योंकि इनकी वजह से अनजाने में आपकी नाभि खिसक सकती है। जैसे
- अचानक भारी चीजें उठाना
- अचानक मुड़ना या झुकना
- लंबे समय तक गलत पोस्चर में रहना
- पेट की कमजोर मांसपेशियां या कमजोर कोर स्ट्रेंथ
- कोई चोट जिससे पेट में अचानक खिंचाव आए
- पेट की सर्जरी
कैसे पता करें कि नाभि खिसक गई है?
Dr. Anupama N K, बताती हैं कि नाभि का खिसकना (Navel displacement) शब्द का इस्तेमाल कुछ पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों में किया जाता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा में इसे कोई मान्यता प्राप्त बीमारी नहीं माना जाता है। शरीर की बनावट, पेट की मांसपेशियों, वजन में बदलाव, गर्भावस्था या पहले हुई सर्जरी की वजह से नाभि की जगह स्वाभाविक रूप से थोड़ी अलग दिख सकती है। जिन लोगों को लगता है कि उनकी नाभि खिसक गई है उन्हें अपने शरीर में कई प्रकार के लक्षण महसूस हो सकते हैं जैसे
- पेट में बेचैनी
- पेट फूलना
- जी मिचलाना
- कुछ मामलों में नाभि खिसकने की वजह से कब्ज की समस्या होती है।
- आपको दस्त या पेट के आसपास भारीपन महसूस हो सकता है।
हालांकि, इन लक्षणों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे अपच, एसिडिटी, कब्ज़, संक्रमण या पेट की मांसपेशियों की समस्या। ऐसा कोई भरोसेमंद घरेलू टेस्ट नहीं है जिससे यह पक्का किया जा सके कि नाभि खिसक गई है।
इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में नाभि खिसक जाए तो क्या करना चाहिए और क्या नहीं, जानें एक्सपर्ट से
नाभि खिसकने का इलाज
डॉ. अनुपमा बताती हैं कि इलाज का मकसद नाभि को जबरदस्ती धक्का देकर या खींचकर अपनी जगह पर वापस लाने की कोशिश करने के बजाय, लक्षणों के असली कारण का पता लगाना होना चाहिए। पेट की जोरदार मालिश या छेड़छाड़ से बचें, खासकर तब जब बहुत ज्यादा दर्द हो।
अगर पेट में तकलीफ बनी रहती है, तो डॉक्टर पेट की जांच कर सकते हैं और तय कर सकते हैं कि और टेस्ट की जरूरत है या नहीं। अगर आपको पेट में बहुत ज्यादा या बढ़ता हुआ दर्द, बार-बार उल्टी, बुखार, मल या उल्टी में खून, पेट फूलना, बेहोशी, या नाभि के आस-पास कोई नई दर्दनाक गांठ महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

इसे भी पढ़ें: नाभि साफ न करने की गलती कहीं भारी न पड़ जाए, जान लें डर्मेटोलॉजिस्ट की चेतावनी
हालांकि, NIH की ये रिपोर्ट बताती है कि मेडिकल साइंस में इस स्थिति के इलाज पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है, सिवाय पारंपरिक चिकित्सा में इस पर काफी ध्यान दिया गया है। पारंपरिक चिकित्सा स्रोतों के अनुसार, यह बीमारी वयस्कों में बहुत आम है और पुरुषों की तुलना में महिलाएं इससे ज़्यादा प्रभावित होती हैं। अम्बिलिकल हर्निया के लिए सुझाए गए इलाज में
- हाथों से नाभि को उसकी जगह पर पहुंचाने वाले तरीके और खान-पान से जुड़े उपाय शामिल हैं।
- खान-पान के मामले में, अदरक, शहद, काली मिर्च, अजवाइन और दालचीनी के कुछ खास मिश्रणों के अलावा, मरीज़ों को पेट फूलने वाली चीजे न खाने की सलाह दी जाती है।
- पेट पर तेल से मालिश करना
- कपिंग थेरेपी
- नाभि पर गर्म पानी की थैली या प्याज के आकार की कोई चीज़ (जैसे गेहूं या नमक की पोटली) स्कार्फ से बांधकर 1 घंटे तक रखना।
- पेट की धड़कन को दबाकर महसूस करना और उसे वापस नाभि तक लाना
- पेट की मांसपेशियों को खींचने के लिए हाथों से किए जाने वाले तरीकों को नाभि खिसकने के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
निष्कर्ष:
संक्षेप में, अगर नाभि देखने में टेढ़ी-मेढ़ी या थोड़ी सी अपनी जगह से हटी हुई लगे, तो जरूरी नहीं कि यह किसी बीमारी का संकेत हो। अगर आपको कोई लक्षण महसूस हों, तो यह मानने के बजाय कि नाभि अपनी जगह से हट गई है, बेहतर होगा कि आप इसके असली मेडिकल कारण का पता लगाएं।
FAQ
पेट की नाभि हट जाए तो क्या करना चाहिए?
पेट की नाभि हट जाए तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए और लक्षणों को बताते हुए चेक करवाएं और सही इलाज लें। बिना किसी प्रोफेशनल के नाभि बिठाने की कोशिश न करें।नाभि खिसकने का घरेलू इलाज क्या है?
नाभि खिसकने पर आमतौर पर पीठ के बल लेटकर नाभि के आसपास गुनगुने तेल से मालिश की जाती है। इसके अलावा गर्म सिकाई भी की जाती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 10, 2026 16:57 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai