Fri Sep 11, 2026 | 08:57 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deepak Kumar Arora , Orthopaedics & Joint Replacement

फ्रोजन शोल्डर और कंधा खिसकने के लक्षण हो सकते हैं एक जैसे, डॉक्टर से जानें कैसे पहचानें फर्क

फ्रोजन शोल्डर और कंधा खिसकने - दोनों समस्याओं में दर्द और हाथ चलाने में परेशानी हो सकती है, लेकिन दोनों की वजह अलग होती है। यहां डॉक्टर से जानिए, इनके लक्षणों में क्या अंतर है और कैसे पहचानें।

कंधे में दर्द होने पर क्या यह फ्रोजन शोल्डर है या कंधा अपनी जगह से खिसक गया है? दोनों स्थितियों में कंधे में दर्द और हाथ चलाने में परेशानी हो सकती है लेकिन इनकी शुरुआत और लक्षण काफी अलग होते हैं। यही वजह है कि कई बार लोग कंधा खिसकने को भी सामान्य दर्द समझ लेते हैं या लंबे समय से हो रही जकड़न को चोट का असर मान लेते हैं। Max Hospital Patparganj के ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, कंधे की समस्या को पहचानने के लिए सिर्फ दर्द की तीव्रता यानी इंटेंसिटी देखना पर्याप्त नहीं है। दर्द कब शुरू हुआ, किसी तरह की चोट लगी थी या नहीं, हाथ कितना चल पा रहा है और कंधे की बनावट में कोई बदलाव आया है या नहीं, इन बातों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

फ्रोजन शोल्डर और कंधा खिसकने में क्या अंतर है?

ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, दोनों समस्याओं के बीच सबसे बड़ा अंतर इनके शुरू होने के तरीके में होता है। फ्रोजन शोल्डर आमतौर पर धीरे-धीरे विकसित होता है और इसमें कंधे की मूवमेंट लगातार कम होती जाती है। इसके विपरीत, कंधा खिसकना अक्सर किसी चोट या अचानक झटके के बाद तुरंत होता है।

तुलना फ्रोजन शोल्डर कंधा खिसकना (Dislocated Shoulder)
समस्या का कारण कंधे के जोड़ के टिश्यू और कैप्सूल में अंदरूनी सूजन और जकड़न आने से यह समस्या होती है। चोट लगने, गिरने, खेल के दौरान एक्सीडेंट या किसी तेज झटके के कारण यह समस्या होती है।
समस्या की शुरुआत यह समस्या धीरे-धीरे शुरू होती है और हफ्तों या महीनों के साथ बढ़ती जाती है। यह एक अचानक होने वाली घटना है जो दुर्घटना या आघात के तुरंत बाद सामने आती है।
मुख्य लक्षण कंधे में लगातार दर्द और हाथ उठाने, पीछे ले जाने या घुमाने में गंभीर जकड़न महसूस होना। अचानक तेज दर्द, कंधे की आकृति या आकार में साफ बदलाव दिखना और हाथ का पूरी तरह सुन्न होना या हिल न पाना।
रात के समय स्थिति रात के वक्त दर्द अक्सर बढ़ जाता है, जिसकी वजह से सोने में काफी कठिनाई होती है। दर्द इतना तेज और अचानक होता है कि मरीज हाथ को जरा भी हिला नहीं पाता। इसे आपातकालीन स्थिति माना जाता है।
काम पर असर कपड़े पहनना, बाल बनाना या पीठ के पीछे हाथ ले जाना जैसे साधारण काम करना मुश्किल हो जाता है। हाथ का कोई भी सामान्य कार्य करना तुरंत असंभव हो जाता है क्योंकि कंधे का जोड़ अपनी जगह पर नहीं रहता।
जोड़ की स्थिति इसमें हड्डी अपनी जगह पर रहती है, लेकिन उसका मूवमेंट करने वाला हिस्सा जकड़ जाता है। इसमें कंधे की हड्डी का ऊपरी सिरा अपने सॉकेट से पूरी तरह बाहर निकल जाता है।
इलाज का तरीका इसमें दर्द कम करने की दवाइयों, एंटी-इंफ्लेमेटरी ट्रीटमेंट और कंधे की मूवमेंट वापस लाने के लिए फिजियोथेरेपी व एक्सरसाइज पर जोर दिया जाता है।

इसे खुद से ठीक करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए, डॉक्टर एक्स-रे या जांच के बाद इसे सुरक्षित तरीके से वापस अपनी जगह पर जोड़ते हैं, जिसके बाद आराम की जरूरत होती है।

साल 2023 में NIH की Bookshelf में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, कंधे का अपनी जगह से खिसकना शरीर में सबसे आम है, जो ज्यादातर आगे की तरफ होता है। ऐसा किसी तेज झटके, गिरने, सड़क दुर्घटना या खेल के दौरान चोट लगने के कारण होता है, जिससे हड्डियों को जोड़ने वाले टिश्यू खिंच या फट जाते हैं। इस गंभीर समस्या की सही पहचान और इलाज के लिए डॉक्टर और पूरी मेडिकल टीम का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है ताकि मरीज को जल्द से जल्द सुरक्षित और सही राहत मिल सके।

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frozen shoulder vs dislocated shoulder

कंधे की समस्या में कब डॉक्टर को दिखाएं?

ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक अरोड़ा सलाह देते हैं कि अगर कंधे में दर्द अचानक हो, कंधे का आकार बदला हुआ दिखाई दे या हाथ बिल्कुल न हिल पाए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। वहीं, अगर कंधे में लंबे समय से दर्द और जकड़न है तथा धीरे-धीरे हाथ की मूवमेंट कम हो रही है, तो ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

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निष्कर्ष

फ्रोजन शोल्डर और कंधा खिसकना दोनों कंधे की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन इनके कारण और लक्षण अलग हैं। फ्रोजन शोल्डर में धीरे-धीरे दर्द और जकड़न बढ़ती है, जबकि कंधा खिसकना आमतौर पर चोट के बाद अचानक तेज दर्द और कंधे की स्थिति बदलने के साथ होता है। सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेकर ही इलाज कराना चाहिए और कंधे को खुद से ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या फ्रोजन शोल्डर अचानक हो सकता है?

    आमतौर पर फ्रोजन शोल्डर की समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है। शुरुआत में हल्का दर्द या जकड़न महसूस हो सकती है, जो समय के साथ बढ़कर कंधे की मूवमेंट को प्रभावित कर सकती है।
  • क्या कंधा खिसकने के बाद दोबारा भी खिसक सकता है?

    एक बार कंधा खिसकने के बाद कुछ लोगों में दोबारा खिसकने का खतरा भी बढ़ सकता है।
  • क्या फ्रोजन शोल्डर दोनों कंधों में हो सकता है?

    कुछ लोगों में अलग-अलग समय पर दोनों कंधों में फ्रोजन शोल्डर की समस्या हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति में दोनों कंधे प्रभावित हों, यह जरूरी नहीं है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 21, 2026 16:30 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Deepak Kumar Arora

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