Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr. G. Krishna Mohan Reddy , Consultant Physician & Diabetologist

क्या डायबिटीज की वजह से बढ़ जाता है फ्रोजन शोल्डर का खतरा? डॉक्टर से जानें

डायबिटीज की समस्या के दौरान लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर शोल्डर स्टिफनेस और दर्द का खतरा बढ़ा सकती है। यहां डॉक्टर से जानें इसके कारण और संकेत क्या हैं?

डायबिटीज का असर शरीर के कई हिस्सों पर पड़ सकता है, अगर डायबिटीज के साथ कंधे में लगातार दर्द, अकड़न या हाथ हिलाने में परेशानी हो रही है, तो इसे केवल थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह फ्रोजन शोल्डर की समस्या हो सकती है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी बताते हैं कि लंबे समय तक ब्लड में शुगर का लेवल ज्यादा रहने से शरीर के कुछ टिश्यू में बदलाव हो सकते हैं। इसका असर कंधे के आसपास मौजूद टिश्यूज की लचक पर भी पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर डायबिटीज मरीज को फ्रोजन शोल्डर होगा।

क्या डायबिटीज से फ्रोजन शोल्डर का खतरा बढ़ता है?

डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, डायबिटीज वाले लोगों में फ्रोजन शोल्डर होने की संभावना सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकती है। फ्रोजन शोल्डर की समस्या में कंधे के जोड़ के आसपास मौजूद टिश्यू मोटे और सख्त हो सकते हैं, जिससे जोड़ की मूवमेंट सीमित होने लगती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर डायबिटीज मरीज को फ्रोजन शोल्डर होगा ही, कई अन्य कारण भी इस समस्या की संभावना को प्रभावित कर सकते हैं।

  • लंबे समय तक ब्लड में शुगर का लेवल ज्यादा रहने से शरीर के कुछ टिश्यू में संरचनात्मक बदलाव हो सकते हैं।
  • इसका असर कंधे के आसपास के टिश्यू की लचक पर भी पड़ सकता है। इसके कारण कंधे में जकड़न विकसित होने की संभावना बढ़ सकती है।
  • इसलिए डायबिटीज में ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना केवल आंखों, किडनी और हार्ट जैसे अंगों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि मसल्स और जोड़ों की हेल्थ के लिए भी जरूरी है।

साल 2023 में BMJ Journals में प्रकाशित मेटा-एनालिसिस के अनुसार, डायबिटीज से पीड़ित लोगों को फ्रोजन शोल्डर होने का खतरा आम लोगों से ज्यादा होता है। हालांकि, इस विषय पर अब तक हुई रिसर्च सीमित है और उसमें कुछ कमियां भी हैं। इस संबंध को पूरी तरह समझने के लिए बेहतर और हाई क्वालिटी वाली स्टडीज की जरूरत है।

मौजूदा जानकारी को देखते हुए, डॉक्टरों को सलाह दी जाती है कि वे रूटीन चेकअप के दौरान डायबिटीज के मरीजों से कंधे के दर्द के बारे में जरूर पूछें। यदि इस समस्या का समय पर पता चल जाए, तो डॉक्टर मरीज को दर्द और कंधे के काम न करने की परेशानी से राहत दिलाने के लिए सही इलाज समय पर शुरू कर सकते हैं। शुरुआती जांच से काफी सुधार हो सकता है और आगे की गंभीर परेशानियों से बचा जा सकता है।

Can Diabetes cause Frozen Shoulder

क्या ब्लड शुगर कंट्रोल रखने से जोखिम कम हो सकता है?

डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी बताते हैं कि डायबिटीज को कंट्रोल रखना शरीर के लिए बेहद जरूरी है। रोजाना बैलेंस भोजन, नियमित फिजिकल एक्टिविटी और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही तरीके से सेवन ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, केवल ब्लड शुगर कंट्रोल रखने से फ्रोजन शोल्डर की पूरी तरह बचाव की गारंटी नहीं दी जा सकती। कंधे में दर्द या जकड़न शुरू होने पर समय पर जांच और उचित इलाज जरूरी है।

फ्रोजन शोल्डर का इलाज कैसे किया जाता है?

डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी बताते हैं कि फ्रोजन शोल्डर का इलाज व्यक्ति के लक्षणों और समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है। डॉक्टर दर्द कम करने वाली दवाएं, कंधे के लिए एक्सरसाइज और फिजिकल इलाज की सलाह दे सकते हैं। कुछ मरीजों में कंधे की मूवमेंट वापस लाने के लिए नियमित एक्सरसाइज और शारीरिक इलाज की जरूरत पड़ सकती है। बिना सलाह के जोरदार कसरत या कंधे को जबरदस्ती खींचने से बचना चाहिए।

साल 2021 में Archives of Rehabilitation Research and Clinical Translation में प्रकाशित सिस्टेमेटिक रिव्यू से यह शुरुआती संकेत मिलते हैं कि डायबिटीज के मरीजों में फ्रोजन शोल्डर का रिजल्ट ज्यादा खराब हो सकता है। फिर भी, यदि दर्द या हाथ की कमजोरी लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टरों को डायबिटीज के ऐसे मरीजों पर खास नजर रखनी चाहिए और आगे के इलाज की सलाह देनी चाहिए।

भविष्य की रिसर्च में यह जांचना जरूरी है कि क्या डायबिटीज के मरीजों पर साधारण इलाज का असर गैर-डायबिटीज मरीजों की तुलना में कम होता है। इसके अलावा, यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या डायबिटीज कुछ खास इलाजों के असर को प्रभावित करती है।

निष्कर्ष

डायबिटीज और फ्रोजन शोल्डर के बीच संबंध हो सकता है और डायबिटीज वाले लोगों में इस समस्या का खतरा बढ़ सकता है। लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर कंधे के आस-पास के टिश्यू की लचक को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, हर डायबिटीज मरीज को फ्रोजन शोल्डर हो, यह जरूरी नहीं है। डॉक्टर जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, कंधे में लगातार दर्द, जकड़न या हाथ चलाने में परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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FAQ

  • क्या फ्रोजन शोल्डर में सूजन दिखाई देती है?

    हर मामले में बाहर से सूजन दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। कई बार समस्या दर्द और कंधे की मूवमेंट कम होने के रूप में सामने आती है।
  • क्या एक कंधे में फ्रोजन शोल्डर होने के बाद दूसरे कंधे में भी हो सकता है?

    कुछ लोगों में समय के साथ दूसरे कंधे में भी यह समस्या विकसित हो सकती है।
  • क्या फ्रोजन शोल्डर की समस्या महीनों तक रह सकती है?

    फ्रोजन शोल्डर का सुधार कई बार धीरे-धीरे होता है और समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है। समस्या कितने महीने तक रहेगी ये व्यक्ति की दिक्कत की गंभीरता पर निर्भर करता है।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 18, 2026 18:44 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr. G. Krishna Mohan Reddy

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