Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

कंधों की पुरानी अकड़न से पाएं छुटकारा, रोज करें ये 4 एक्‍सरसाइज

लंबे समय तक कंधे में अकड़न रहने से रोज के कामों पर असर पड़ सकता है। रेगुलर स्ट्रेचिंग और मोबिलिटी एक्सरसाइज से लचीलापन बढ़ सकता है और तनाव कम हो सकता है। जानें ऐसी 4 एक्‍सरसाइज के बारे में।

कंधों में अकड़न एक सामान्‍य समस्‍या है जो क‍ि हर उम्र में हो सकती है। यह समस्‍या ज्‍यादातर उन लोगों में होती है जो लगातार बैठकर काम करते हैं। कंधों में अकड़न के कारण द‍िनचर्या प्रभाव‍ित हो सकती है। लंबे समय तक कंधों की अकड़न के कारण बॉडी पॉश्चर प्रभाव‍ित हो सकता है। कंधों की अकड़न को दूर करने के ल‍िए कुछ आसान एक्‍सरसाइज की मदद ले सकते हैं। इन्‍हें करने का तरीका भी बेहतर आसान है। कंधों की अकड़न दूर करने वाली एक्‍सरसाइज और उसे फायदे जानने के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

Mayo Clinic के मुताब‍िक, कंधों में अकड़न के कारण फ्रोजन शोल्‍डर होने का खतरा बढ़ जाता है। फ्रोजन शोल्‍डर की समस्‍या उन लोगों में ज्‍यादा आम है ज‍िन्‍हें डायब‍िटीज, हार्ट की बीमारी या थायराइड की समस्‍या है। पार्किंसन रोग से पीड़ित मरीजोंं में भी इसका खतरा बढ़ सकता है।

1. पेंडुलम स्ट्रेच

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  • पेंडुलम स्‍ट्रेच से कंधे की जकड़न और दर्द को कम करने में मदद म‍िल सकती है।
  • एक हाथ को टेबल पर रखें और आगे की ओर झुकें।
  • ज‍िस कंधे में द‍िक्‍कत है, उस हाथ को ढीला छोड़ दें।
  • हाथ को धीरे-धीरे छोटे घेरे में 30 से 60 सेकंड तक घुमाएं।
  • इस एक्‍सरसाइज से ख‍िंचाव कम होता है और जोड़ों की मोबि‍ल‍िटी को बढ़ाने में मदद म‍िलती है।

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2. क्रॉस-बॉडी शोल्डर स्ट्रेच

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  • यह स्‍ट्रेच, कंधे के पीछे की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है, जिससे अकड़न और तनाव कम हो सकता है।
  • एक हाथ को अपनी छाती के सामने लेकर आएं।
  • दूसरे हाथ से उसे धीरे-धीरे अपनी ओर खींचें।
  • 20 से 30 सेकंड तक उसी पोजीशन में रहें और दोनों तरफ दोहराएं।
  • यह स्‍ट्रेच कंधे की प‍िछली मांसपेश‍ियों पर काम करता है और लचीलापन बढ़ाता है।

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3. वॉल स्लाइड्स

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  • यह एक्सरसाइज कंधों और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है।
  • इस एक्‍सरसाइज को करने के ल‍िए दीवार की ओर मुंह करके खड़े हाे जाएं।
  • अपनी बाहों के न‍िचले ह‍िस्‍से को दीवार पर ट‍िकाएं।
  • दीवार के संपर्क को बनाए रखते हुए धीरे-धीरे अपनी बाहों को ऊपर की ओर ख‍िसकाएं।
  • फ‍िर पहले वाली पोजीशन में लौट आएं।
  • कंधे का पॉश्चर बनाए रखने के ल‍िए इसे 10 से 15 बार दोहराएं।

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4. डोरवे चेस्ट स्ट्रेच

  • यह स्‍ट्रेच, छाती और कंधों के सामने की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है, जो लंबे समय तक बैठने से टाइट हो सकती हैं।
  • दरवाजे के दोनों तरफ अपनी फोरआर्म्स को रखें।
  • धीरे-धीरे तब तक आगे बढ़ें जब तक आपको छाती और कंधों में खिंचाव महसूस न हो।
  • 20 से 30 सेकंड तक रोककर रखें।
  • यह एक्सरसाइज लंबे समय तक बैठने और गलत पॉश्चर के कारण होने वाली जकड़न को दूर करने में मदद करती है।

इन एक्सरसाइज को नियमित रूप से और आराम से हो सकने वाली सीमा के भीतर करें। अगर दर्द बना रहता है या बढ़ जाता है, तो प्रोफेशनल से सलाह लें।

न‍िष्‍कर्ष:

कंधों की पुरानी अकड़न से छुटकारा पाने के ल‍िए पेंडुलम स्ट्रेच, क्रॉस-बॉडी शोल्डर स्ट्रेच, वॉल स्लाइड्स और डोरवे चेस्ट स्ट्रेच कर सकते हैं। ये एक्‍सरसाइज कंंधे की अकड़न को दूर करने में मदद करेंगी।

image text: gstatic.com

FAQ

  • कंधों में अकड़न के कारण क्‍या हैं?

    एक ही पोजीशन में बैठना, गलत पॉश्चर, मांसपेश‍ियों में ख‍िंचाव या चोट लगने से कंधों में अकड़न हो सकती है।
  • कंधों में अकड़न को दूर करने के घरेलू उपाय क्‍या हैं?

    गर्म स‍िंकाई करें, हल्‍की स्‍ट्रेच‍िंग करें, आराम करें, एक ही पोजीशन में बैठने से बचें और नीलग‍िरी के साथ नार‍ियल तेल म‍िक्‍स करके माल‍िश करें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 15, 2026 16:52 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 15, 2026 16:52 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

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