Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Praveen Gautam , Yoga Therapist

दिनभर स्क्रीन पर काम करने के बाद थकी आंखों को आराम देने के लिए करें ये 3 प्राणायाम

लंबे समय तक स्क्रीन का इस्तेमाल करने से आंखों में थकान, ड्राइनेस और जलन की समस्या हो सकती है, जिससे राहत पाने के लिए आप प्राणायाम कर सकते हैं। भ्रामरी, नाड़ी शोधन और शीतली प्राणायाम करना फायदेमंद होता है।

वर्तमान में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट का इस्तेमाल हमारी रोजमर्रा का अहम हिस्सा बन चुका है। लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने से आंखों में थकान, सूखापन, जलन, धुंधला दिखना और सिरदर्द जैसी समस्याएं होना काफी आम हो जाता है। हालांकि, स्क्रीन टाइम कम करना आंखों की थकान को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है। हालांकि, रोजाना कुछ प्राणायाम करने से भी आप स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करने के कारण आंखों में होने वाली थकान को कम कर सकते हैं। आइए Praveen Gautam, Yoga Therapist at Yoga Junction, Uttam Nagar से जानते हैं।

स्क्रीन देखने के बाद थकी आंखों को आराम देने वाले प्राणायाम

योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियां लंबे समय तक एक ही जगह केंद्रित रहती हैं। इससे आंखों पर तनाव बढ़ता है और आंखें जल्दी थकने लगती है। इसके अलावा, स्क्रीन देखते समय लोग नॉर्मल से कम पलकें झपकाते हैं। इस स्थिति में आंखों को राहत दिलाने के लिए आप इन प्राणायाम को आजमा सकते हैं।

1. भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम मानसिक तनाव को कम करने और आंखों को आराम देने में फायदेमंद माना जाता है। इसकी गुंजली आवाज मन को शांत करती है और चेहरे के साथ आंखों के आसपास की मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करती है।

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भ्रामरी प्राणायाम कैसे करें?

इस प्राणायाम को करने के लिए आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं, आंखें बंद करें और गहरी सांस लें। सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी म् की आवाज निकालें। 5 से 10 बार इस पूरी प्रक्रिया को दोहराएं।

2. नाड़ी शोधन प्राणायाम

नाड़ी शोधन प्राणायाम करने से शरीर और मन में संतुलन बनाने में मदद मिलती है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से तनाव कम होता है, जिसका सकारात्मक असर हमारी आंखों के थकान पर भी पड़ता है।

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नाड़ी शोधन प्राणायाम कैसे करें?

नाड़ी शोधन प्राणायाम करने के लिए दाईं नासिका को अंगूठे से बंद करें और बाईं नासिका से सांस लें। इसके बाद बाईं नासिका बंद करें और दाईं से सांस छोड़ें। इसी क्रम को 5 से 10 मिनट तक दोहराएं।

3. शीतली प्राणायाम

लंबे समय तक स्क्रीन का इस्तेमाल करने से आंखों में होने वाले तनाव को कम करने में शीतली प्राणायाम फायदेमंद होता है। शीतली प्राणायाम का आंखों की थकान, खासकर स्क्रीन टाइम या लगातार पढ़ाई से होने वाले तनाव को कम करने में सीधा और गहरा असर होता है। यह सांस लेने की एक ऐसी विधि है, जो शरीर और दिमाग को शांत करती है।

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शीतली प्राणायाम कैसे करें?

शीतली प्राणायाम करने के लिए जीभ को मोड़कर ट्यूब का आकार बनाएं। मुंह से धीरे-धीरे सांस अंदर लें और नाक से सांस बाहर की ओर छोड़ें। 8 से 10 बार इस प्राणायाम का अभ्यास करें।

प्राणायाम के साथ आंखों को राहत देने के लिए अपनाएं ये उपाय

प्राणायाम करने से आंखों की थकान को कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसके साथ आप 20-20-20 नियम का पालन कर सकते हैं। हर 20 मिनट बाद 20 सेकेंड के लिए 20 फीट दूर देखें। इसके अलावा बार-बार अपनी पलकें झपकाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

निष्कर्ष

भ्रामरी, नाड़ी शोधन और शीतली प्राणायाम का नियमित अभ्यास आंखों की थकान और मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। इन्हें नियमित रूप से करने के साथ सही तरह से आराम करने औऱ स्क्री से ब्रेक लेना भी जरूरी है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • ज्यादा देर तक स्क्रीन देखने से क्या होता है?

    ज्यादा देर तक स्क्रीन देखने से डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या हो सकती है।
  • आंख खराब होने का पता कैसे लगाएं?

    आंख खराब होने पर धुंधला दिखना, सिरदर्द होना, आंखों में लगातार पानी आना या ड्राइनेस की समस्या होने लगती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 14, 2026 12:22 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jun 14, 2026 12:22 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Praveen Gautam

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