Thu Oct 15, 2026 | 05:36 AM IST

Medically Reviewed by Dr Purendra Bhasin , Ophthalmologist

देर तक फोन-लैपटॉप चलाने के कारण थक गईं आंखें? राहत के लिए अपनाएं ये टिप्स

लगातार मोबाइल-लैपटॉप के इस्तेमाल से होने वाली डिजिटल आई स्ट्रेन और आंखों की थकान से राहत पाने के लिए डॉक्टर ने कई आसान टिप्स बताए हैं। इनमें 20-20-20 नियम, पलकें झपकाना और पर्याप्त नींद लेना शामिल है।
देर तक फोन-लैपटॉप चलाने के कारण थक गईं आंखें? राहत के लिए अपनाएं ये टिप्सदेर तक फोन-लैपटॉप चलाने के कारण थक गईं आंखें? राहत के लिए अपनाएं ये टिप्स

आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और टीवी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। काम, पढ़ाई, ऑनलाइन मीटिंग, सोशल मीडिया और टाइम पास के लिए अक्सर लोग कई घंटे स्क्रीन के सामने समय बिताते हैं। लगातार स्क्रीन देखने के बाद आंखों में थकान, जलन, सूखापन, पानी आना, धुंधला दिखाई देना या सिरदर्द जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।

इस समस्या को आमतौर पर डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम कहा जाता है। साल 2024 में PLoS One में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, रोजाना दो घंटे से ज्यादा डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल, महामारी के बाद बढ़ी फोन का ज्यादा इस्तेमाल और छोटे ब्रेक न लेना डिजिटल आई स्ट्रेन के खतरे को बढ़ा सकता है। यह आंखों में थकान का कारण बनता है। Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Ratan Jyoti Netralaya Ophthalmic Institute & Research Centre, Gwalior के अनुसार, कुछ आसान आदतों को अपनाकर आंखों की थकान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्क्रीन टाइम से थकी आंखों को आराम देने के तरीके

Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि साल 2022 में Ophthalmology and Therapy में प्रकाशित एक रिव्यू के अनुसार, स्क्रीन के इस्तेमाल के कारण आंखों की थकान से बचने के लिए 20-20-20 नियम का पालन करें, लगातार स्क्रीन देखने के बजाय बार-बार पलकें झपकाएं, स्क्रीन टाइम सीमित करें, स्क्रीन से दूर बैठे और कमरे की रोशनी को सही रखना जरूरी है।

1. 20-20-20 नियम अपनाएं

आंखों को आराम देने का सबसे आसान तरीका है 20-20-20 नियम अपनाना। इसका मतलब है कि हर 20 मिनट में लगभग 20 फीट दूर किसी चीज को कम से कम 20 सेकेंड तक देखें। स्क्रीन को लगातार पास से देखने के बजाय थोड़ी देर के लिए दूर देखने से आंखों की फोकस करने वाली मांसपेशियों को आराम मिलता है। अगर आप लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं तो इसे अपनी रोज की आदत बनाने की कोशिश करें।

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2. पलकें झपकाना न भूलें

स्क्रीन देखते समय हम अक्सर सामान्य से कम बार पलकें झपकाते हैं। इससे आंखों की सतह सूख सकती है और जलन या किरकिरापन महसूस हो सकता है। इसलिए, जानबूझकर कुछ सेकेंड के लिए आंखें बंद करें और धीरे-धीरे कई बार पलकें झपकाएं। लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करते समय नियमित रूप से ऐसा करना आंखों की नमी को बनाए रखने में मदद कर सकता है।

3. स्क्रीन की ब्राइटनेस सही रखें

बहुत ज्यादा चमकदार या बहुत कम रोशनी वाली स्क्रीन दोनों ही आंखों के लिए असुविधा का कारण बन सकती हैं। स्क्रीन की ब्राइटनेस को कमरे की रोशनी के अनुसार एडजस्ट करना जरूरी है। अगर स्क्रीन और आसपास के वातावरण की रोशनी में बहुत ज्यादा अंतर है तो आंखों पर ज्यादा तनाव महसूस हो सकता है। रात में बहुत तेज रोशनी वाली स्क्रीन देखने से भी बचें।

4. स्क्रीन की दूरी और ऊंचाई सही रखें

कंप्यूटर या लैपटॉप स्क्रीन को आंखों के बहुत करीब रखकर काम करने से बचना चाहिए। स्क्रीन आंखों से इतनी दूरी पर होना चाहिए कि आपको अक्षर पढ़ने के लिए आगे झुकना न पड़े। स्क्रीन का ऊपरी हिस्सा आंखों के लेवल पर या थोड़ा नीचे रखना आरामदायक हो सकता है। इससे गर्दन और कंधों पर पड़ने वाला दबाव भी कम किया जा सकता है।

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5. थोड़ी-थोड़ी देर में ब्रेक लें

सिर्फ आंखों को नहीं, बल्कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से थकान होती है। लगातार कई घंटे काम करने के बजाय बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें। ब्रेक के दौरान स्क्रीन देखने के बजाय उठकर थोड़ा चलें, दूर देखें या कुछ देर आंखें बंद करके आराम करें। इससे आंखों के साथ-साथ गर्दन, कंधे और पीठ को भी राहत मिलती है।

6. आंखों को रगड़ने से बचें

आंखों में थकान या खुजली होने पर उन्हें रगड़ना आसान लगता है, लेकिन ऐसा करने से आंखों में जलन की समस्या बढ़ सकती है। अगर आंखों में धूल या कोई बाहरी कण जाने की आशंका हो तो उन्हें साफ पानी से धोने के बजाय मेडिकल एक्सपर्ट से कंसल्ट करके आंखों को सही तरीके से साफ करना जरूरी है। अगर आंखें बार-बार सूखती हैं तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेकर सही आई ड्रॉप्स के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

7. पर्याप्त नींद लें

आंखों की थकान सिर्फ स्क्रीन टाइम से नहीं, बल्कि नींद की कमी से भी बढ़ सकती है। रोज पर्याप्त और नियमित नींद लेने की कोशिश करना जरूरी है। सोने से ठीक पहले लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने की आदत को कम करना भी उपयोगी हो सकता है। रात में स्क्रीन का इस्तेमाल करना पड़े तो ब्राइटनेस और कमरे की रोशनी को आरामदायक रखें।

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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

स्क्रीन के कारण आंखों में थकान की समस्या को आराम और आदतों में बदलाव से बेहतर हो सकती है। हालांकि, अगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधला दिखाई देना, बार-बार सिरदर्द, रोशनी से बहुत ज्यादा परेशानी, आंखों में रेडनेस या अन्य लक्षण बने रहें तो आंखों के डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। अगर अचानक नजर कम हो जाए, आंखों में तेज दर्द या आंखों की रोशनी में अचानक कोई बड़ा बदलाव आए तो तुरंत मेडिकल एक्सपर्ट से कंसल्ट करना जरूरी है।

निष्कर्ष

Dr. Purendra Bhasin का कहना है कि स्क्रीन से पूरी तरह दूरी बनाना आज की जिंदगी में हमेशा संभव नहीं होता है, लेकिन स्क्रीन इस्तेमाल करने का तरीका बदलना काफी मददगार हो सकता है। 20-20-20 नियम अपनाना, पलकें नियमित झपकाना, स्क्रीन की दूरी और ब्राइटनेस सही रखना, छोटे ब्रेक लेना और पर्याप्त नींद लेना आंखों की थकान कम करने के आसान तरीके हैं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • 1 दिन में कितने घंटे मोबाइल चलाना चाहिए?

    1 दिन में सामान्य तौर पर 2 घंटे से कम मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल आंखों और सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • मोबाइल का उपयोग करने से क्या नुकसान होते हैं?

    मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और रोजमर्रा के जीवन पर कई नकारात्मक असर पड़ते हैं।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 30, 2026 16:20 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Purendra Bhasin