Thu Oct 15, 2026 | 06:42 AM IST

Medically Reviewed by Dr Purendra Bhasin , Ophthalmologist

सोकर उठने पर आंखों में चिपचिपापन क्यों होता है? डॉक्टर से जानें

सुबह उठने पर आंखों में चिपचिपापन, सफेद या पीला पदार्थ जमा होना नॉर्मल है, जो रातभर में आंसू और डेड सेल्स के जमाव से होता है। हालांकि, ज्यादा चिपचिपापन, रेडनेस, दर्द या खुजली होने पर ये ब्लेफेराइटिस, ड्राई आई या इंफेक्शन का संकेत हो सकता है, जिसके लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
सोकर उठने पर आंखों में चिपचिपापन क्यों होता है? डॉक्टर से जानेंसोकर उठने पर आंखों में चिपचिपापन क्यों होता है? डॉक्टर से जानें

सुबह उठने पर कई लोगों को आंखों के कोनों में सफेद, हल्का पीला या चिपचिपा पदार्थ दिखता है और कई बार आंखों में चिपचिपापन महसूस होता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि सुबह उठने पर आंखें चिपचिपी क्यों लगती हैं और आंखों के कोनों में जमा होने वाला पदार्थ क्या है? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Ratan Jyoti Netralaya Ophthalmic Institute & Research Centre, Gwalior से जानें।

सुबह आंखें चिपचिपी क्यों लगती हैं?

डॉ. पुरेंद्र भसीन के अनुसार, सोकर उठने के बाद आंखों में हल्का चिपचिपापन या आंखों के कोनों में सफेद या हल्का पीला पदार्थ जमा होना आम बात है। इसका मुख्य कारण यह है कि नींद के दौरान हमारी पलकें बंद रहती हैं और हम पलकें नहीं झपकाते हैं।

दिनभर आंखों की सतह पर बनने वाले आंसू, म्यूकस, डेड सेल्स और बहुत छोटे कण रात में आंखों के कोनों में जमा हो सकते हैं। यही पदार्थ सुबह उठने पर चिपचिपा या सूखा हुआ दिखाई देता है। अगर यह थोड़ी मात्रा में है और इसके साथ कोई दूसरा लक्षण नहीं है, तो आमतौर पर यह सामान्य प्रक्रिया है।

आंखों के चिपचिपेपन को कब न करें नजरअंदाज?

डॉ. पुरेंद्र के अनुसार, चिपचिपापन अगर बहुत ज्यादा हो, बार-बार हो या आंखें सुबह उठते ही आपस में चिपकी हुई मिलें, तो इसके पीछे आंखों से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। पलकों के किनारों में सूजन यानी ब्लेफेराइटिस, ड्राई आई, एलर्जी या आंखों का इंफेक्शन इसके संभावित कारण हो सकते हैं। इन स्थितियों में चिपचिपे पदार्थ के साथ आंखों में जलन, खुजली, लालिमा, सूजन, पानी आना या किरकिरापन भी महसूस हो सकता है।

Cleveland Clinic के अनुसार, कंजक्टिवाइटिस, ब्लेफेराइटिस, ड्राई आई, डैक्रियोसिस्टाइटिस और केराटाइटिस जैसी समस्याओं के कारण आंखों में चिपचिपापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

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सफेद, पीला या हरा डिस्चार्ज क्यों होता है?

डॉ. पुरेंद्र बताते हैं, डिस्चार्ज का रंग और उसकी मात्रा भी कुछ संकेत दे सकती है, लेकिन सिर्फ उसके आधार पर इंफेक्शन का निदान नहीं किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, मोटा पीला या हरा डिस्चार्ज इंफेक्शन में देखा जा सकता है, जबकि एलर्जी में खुजली और पानी आने की समस्या ज्यादा हो सकती है। इसलिए लगातार या असामान्य लक्षण होने पर खुद से आई ड्रॉप या एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करने के बजाय आंखों की जांच कराना बेहतर है।

आंखों के पास जमाव को कैसे साफ करें?

डॉ. पुरेंद्र के अनुसार, सुबह आंखों में जमे पदार्थ को साफ करने के लिए कुछ काम किए जा सकते हैं। जिनसे इस परेशानी से भी बचा जा सकता है। इसके लिए साफ पानी या साफ गीले कपड़े से पलकों के आस-पास धीरे-धीरे सफाई की जा सकती है। आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जलन बढ़ सकती है और आंख की सतह को नुकसान भी पहुंच सकता है। अपना तौलिया, रूमाल या कॉस्मेटिक्स किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करना चाहिए, खासकर तब जब आंखों में इंफेक्शन का शक हो।

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खुद से आई ड्रॉप या एंटीबायोटिक लेना सही नहीं

डॉ. पुरेंद्र बताते हैं, आंखों में चिपचिपापन होने पर हर बार आई ड्रॉप या एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती है। अलग-अलग कारणों में इलाज भी अलग हो सकता है। इसलिए बिना जांच के खुद से एंटीबायोटिक, आई ड्रॉप या कोई अन्य दवा का इस्तेमाल करना सही नहीं है।

अगर समस्या लगातार बनी रहती है या बार-बार होती है, तो डॉक्टर से आंखों की जांच करानी चाहिए। इससे समस्या का सही कारण पता लगाने में मदद मिल सकती है और जरूरत के अनुसार इलाज किया जा सकता है।

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

डॉ. पुरेंद्र बताते हैं, अगर आंखों में दर्द, ज्यादा रेडनेस, रोशनी देखने में परेशानी, धुंधला दिखना, ज्यादा सूजन या लगातार बढ़ता हुआ डिस्चार्ज हो, तो आंखों के डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों को ऐसे लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

सुबह आंखों में थोड़ी-सी चिकनाहट या जमा हुआ पदार्थ होना आम बात है। चिंता तब करनी चाहिए जब इसकी मात्रा अचानक बढ़ जाए, यह लगातार बना रहे या इसके साथ आंखों में रेडनेस, दर्द, खुजली, सूजन या दृष्टि में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें। ऐसी स्थिति में इन लक्षणों को नजरअंदाज न करते हुए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से समय रहते बचा जा सके और इसका इलाज कराया जा सके।

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FAQ

  • आंखों का प्रेशर बढ़ने के क्या लक्षण हैं?

    आंखों में परेशानी होने या प्रेशर बढ़ने पर व्यक्ति को आंखों में दर्द, धुंधला दिखने, सिरदर्द, उल्टी, मतली और रोशनी से परेशानी होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • आंखें चिपचिपी होने पर क्या करें?

    आंखों के चिपचिपेपन से राहत के लिए आंखों को साफ या गुनगुने पानी से धोएं, इंफेक्शन से बचें, सूती कपड़े पहनें और कॉटन पैड का इस्तेमाल करें।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Priyanka Sharma
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