Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्‍या व‍िटाम‍िन्‍स से वाकई ड्राई आई की समस्‍या दूर होती है? जानें क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट और र‍िसर्च

लगातार लैपटॉप या स्‍क्रीन देखने के कारण आंखें ड्राई हो जाती हैं। ड्राई आंखों की समस्‍या के ल‍िए कुछ र‍िसर्च में व‍िटाम‍िन को फायदेमंद माना जाता है। एक्‍सपर्ट्स से जानते हैं क‍ि क्‍या डाइट में व‍िटाम‍िन्‍स को शाम‍िल करने से वाकई ड्राई आई की समस्‍या दूर होती है?

मैं लगातार कई घंटे स्‍क्रीन देखने के कारण ड्राई आई का शि‍कार हो जाती हूं। मेरे फैम‍िली डॉक्‍टर की सलाह पर मैं रोज आई ड्रॉप्‍स का इस्‍तेमाल करती हूं ताकि‍ आंखों को ड्राईनेस से बचाया जा सके, लेक‍िन आई ड्रॉप्‍स का लगातार इस्‍तेमाल भी आंखों के नेचुरल ट‍ियर्स को नुकसान पहुंचाता है, ऐसे में आंखों को ड्राईनेस से बचाने के ल‍िए उसकी नमी को बचाना जरूरी है यानी आंखों को ड्राईनेस से बचाना जरूरी है ताक‍ि वे हेल्‍दी रहें। कुछ स्‍टडीज कहती हैं क‍ि व‍िटाम‍िन्‍स का सेवन ड्राई आई की समस्‍या को दूर करने में असरदार होता है, लेक‍िन क्‍या वाकई यह सच है? एक्‍सपर्ट से बातचीत के आधार पर पता चला क‍ि व‍िटाम‍िन ए, व‍िटाम‍िन डी और व‍िटाम‍िन बी12 आंखों की सेहत के ल‍िए ज्‍यादा फायदेमंद माने जाते हैं। इस लेख में जानेंगे उनके फायदे और समझेंगे क‍ि ये ड्राई आंखों के ल‍िए क्‍यों जरूरी है?

can-vitamin-helps-to-cure-dry-eyes

1. व‍िटाम‍िन ए- Vitamin A

व‍िटाम‍िन ए आंखों की सेहत के ल‍िए एक फायदेमंद व‍िटाम‍िन माना जाता है। Dr. Vinit Mathur, Eye Specialist, Center For Sight Eye Hospital, Ghaziabad ने बताया क‍ि इसकी कमी से ड्राई आई की समस्‍या हो सकती है ओर कॉर्न‍िया को नुकसान पहुंच सकता है। बचपन में अक्‍सर मां से यह सलाह म‍िलती थी क‍ि गाजर खाओ क्‍योंक‍ि गाजर में व‍िटाम‍िन ए होता है जो आंंखों की सेहत के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है। National Library Of Medicine की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, ज‍िन लोगों ने लगातार तीन द‍िन तक ड्राई आई के ल‍िए व‍िटाम‍िन ए सप्‍लीमेंट ल‍िया उनमें ट‍ियर क्‍वॉल‍िटी को बेहतर होते देखा गया।

2. व‍िटाम‍िन डी- Vitamin D

ड्राई आई की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए व‍िटाम‍िन डी भी फायदेमंंद माना जाता है। ज‍िन लोगों में व‍ि‍टाम‍िन डी की कमी होती है उनमें ड्राई आई के लक्षण देखे जाते हैं। The Journal Of Cornea And External Disease की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, ज‍िन लोगों ने व‍िटाम‍िन डी सप्‍लीमेंट ल‍िया उसमें ड्राई आई के ल‍िए ल‍िया गया आई ड्रॉप का असर बेहतर हुआ। अगर शरीर में व‍िटाम‍िन डी की कमी है, तो डॉक्‍टर की सलाह पर सप्‍लीमेंट्स ले सकते हैं।

3. व‍िटाम‍िन बी12- Vitamin 12

Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि व‍िटाम‍िन बी12 ऑप्‍ट‍िक नर्व की सुरक्षा में अहम भूम‍िका न‍िभाता है। व‍िटाम‍िन बी12 युक्‍त आहार की मदद से आंखों की सेहत को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। अंडा, दूध, डेयरी प्रोडक्‍ट्स में व‍िटाम‍िन बी12 पाया जाता है। स्‍वस्‍थ आंखों के ल‍िए इनका सेवन कर सकते हैं। National Library Of Medicine की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, 76 लोगों की आंखों पर व‍िटाम‍िन बी के असर को देखा गया और यह पाया क‍ि व‍िटाम‍िन बी से ड्राई आई की समस्‍या ठीक हुई।

न‍िष्‍कर्ष:

Nutritionist Neha Sinha के मुताब‍िक ड्राई आई की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए व‍िटाम‍िन ए, व‍िटाम‍िन डी और वि‍टाम‍िन बी12 जैसे व‍िटाम‍िन्‍स फायदेमंद होते हैं। वहीं Eye Specialist, Dr. Vinit Mathur के मुताबि‍क, व‍िटा‍म‍िन्‍स की कमी से ड्राई आई की समस्‍या हो सकती है। National Library Of Medicine और The Journal Of Cornea And External Disease की स्‍टडीज के आधार पर व‍िटाम‍िन ए, व‍िटाम‍िन डी और व‍िटाम‍िन बी12 ड्राई आंखों की समस्‍या को दूर करने में असरदार पाए गए।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों के साथ शेयर करें। सेहत से संबंधि‍त अन्‍य जानकारी के ल‍िए ओनलीमायहेल्‍थ के साथ बने रहें।

FAQ

  • आंखों में ड्राईनेस कब होती है?

    आंखों में ड्राईनेस तब होती है जब आंसू बनते नहीं हैं या जल्‍दी सूख जाते हैं। ज्‍यादा स्‍क्रीन टाइम, एसी में रहना या हार्मोनल बदलाव भी इसके कारण हो सकते हैं।
  • आंखों की ड्राईनेस दूर करने के ल‍िए क्‍या करें?

    हर 20 म‍िनट में स्‍क्रीन से ब्रेक लेंं, पर्याप्‍त पानी प‍िएं, आई ड्रॉप्‍स का इस्‍तेमाल करें, कमरे में नमी बनाएं, आहार में ओमेगा और व‍िटाम‍िन को शाम‍िल करें।
  • आंखों में ड्राईनेस के लक्षण क्‍या हैं?

    आंखों में ड्राईनेस होने पर चुभन या जलन महसूस होती है, रेडनेस और खुजली का एहसास होता है। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

Read Next

पेट के लिए सबसे हल्की और जल्दी पचने वाली दाल कौन सी है? जानें एक्सपर्ट की राय

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Mar 05, 2026 19:06 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Mar 05, 2026 19:06 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content