Wed Oct 14, 2026 | 06:11 AM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

पेट के लिए सबसे हल्की और जल्दी पचने वाली दाल कौन सी है? जानें एक्सपर्ट की राय

दालों से हमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं, जो शरीर को ताकत देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं, लेकिन कई लोगों को दाल खाने के बाद गैस, पेट फूलना या भारीपन की समस्या महसूस होती है। यहां जानिए, पेट के लिए सबसे हल्की और जल्दी पचने वाली दाल कौन सी है?
पेट के लिए सबसे हल्की और जल्दी पचने वाली दाल कौन सी है? जानें एक्सपर्ट की रायपेट के लिए सबसे हल्की और जल्दी पचने वाली दाल कौन सी है? जानें एक्सपर्ट की राय

घर की साधारण दाल-चावल हो, खिचड़ी हो या फिर रोटी के साथ गर्मागर्म दाल, यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाती है बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देती है। प्रोटीन से भरपूर दालें शाकाहारी लोगों के लिए खास तौर पर बहुत अहम मानी जाती हैं, लेकिन कई बार लोग दाल खाने के बाद पेट फूलना, गैस, भारीपन या अपच जैसी समस्याओं की शिकायत करते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना बिल्कुल स्वाभाविक है कि क्या सभी दालें हर किसी के लिए एक जैसी होती हैं या फिर कुछ दालें ऐसी भी हैं जो पचने में ज्यादा आसान होती हैं। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, पेट के लिए सबसे हल्की और जल्दी पचने वाली दाल कौन सी है?

पेट के लिए सबसे हल्की और जल्दी पचने वाली दाल कौन सी है?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि कुछ दालें ऐसी होती हैं जो हल्की होती हैं और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए भी अच्छी मानी जाती हैं।

1. मूंग दाल

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, अगर सबसे आसानी से पचने वाली दाल की बात की जाए तो मूंग दाल सबसे ऊपर आती है। खासतौर पर धुली मूंग दाल बहुत हल्की होती है और पेट पर ज्यादा दबाव नहीं डालती। इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को भी अक्सर मूंग दाल खाने की सलाह दी जाती है। मूंग दाल का सेवन खिचड़ी, सूप या हल्की दाल के रूप में किया जा सकता है। अगर किसी को एसिडिटी, गैस या अपच की समस्या रहती है तो मूंग दाल एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

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स्टडी

NIH की स्टडी के अनुसार, मूंग दाल पाचन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी है। इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर (पेक्टिन) और प्रीबायोटिक गुण आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जिससे पाचन क्रिया सुचारू रहती है। अन्य फलियों की तुलना में मूंग दाल के कार्बोहाइड्रेट पचाने में आसान होते हैं, जो गैस और पेट फूलने (bloating) की समस्या को कम करते हैं। यह कब्ज से राहत देने और आंतों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधारने में भी सहायक है।

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2. मसूर दाल

मसूर दाल भी बाकी दालों के मुकाबले हल्की दालों में शामिल है। यह जल्दी पक जाती है और पचने में भी आसान होती है। डाइटिशियन अर्चना जैन के मुताबिक, मसूर दाल में प्रोटीन के साथ-साथ आयरन और फोलेट भी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है, जो शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है। हालांकि, कुछ लोगों को मसूर दाल से भी गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए इसे अच्छी तरह भिगोकर और सही मसालों के साथ पकाना जरूरी है। अदरक, हींग और जीरा जैसे मसाले दाल को और भी सुपाच्य बना देते हैं।

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दाल को सुपाच्य बनाने के आसान तरीके

डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि सिर्फ दाल का प्रकार ही नहीं, बल्कि उसे बनाने का तरीका भी पाचन पर असर डालता है। दाल को कम से कम 30 मिनट से 2 घंटे तक भिगोकर पकाने से यह जल्दी पकती है और पचने में भी आसान हो जाती है। इसके अलावा, दाल बनाते समय हींग, जीरा, अदरक और हल्दी जैसे मसालों का इस्तेमाल करना चाहिए। ये मसाले पाचन को बेहतर बनाते हैं और गैस बनने की समस्या को कम कर सकते हैं। साथ ही बहुत ज्यादा तेल या मसालेदार दाल खाने से भी बचना चाहिए।

निष्कर्ष

दालें सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं, लेकिन किसी भी चीज का ज्यादा सेवन परेशानी का कारण बन सकता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार रोजाना अलग-अलग प्रकार की दालों को संतुलित मात्रा में खाना सबसे बेहतर होता है। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं और पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव भी नहीं पड़ता। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार गैस, पेट दर्द या अपच की समस्या रहती है तो उसे हल्की दालों जैसे मूंग या मसूर को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

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FAQ

  • दाल खाने के बाद गैस क्यों बनती है?

    दालों में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं जिन्हें पचाने में समय लगता है। अगर दाल ठीक से पकी न हो या ज्यादा मात्रा में खाई जाए तो पेट में गैस और भारीपन की समस्या हो सकती है।
  • किन दालों को पचाने में ज्यादा समय लगता है?

    उड़द दाल और चना दाल भारी मानी जाती हैं। इनमें फाइबर और प्रोटीन ज्यादा होता है, इसलिए कमजोर पाचन वाले लोगों को इन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए।
  • क्या दाल को पकाने से पहले भिगोना जरूरी है?

    दाल को 30 मिनट से 2 घंटे तक भिगोकर पकाने से यह जल्दी पकती है और पचने में भी आसान हो जाती है। भिगोने से दाल में मौजूद कुछ ऐसे तत्व भी कम हो जाते हैं जो गैस की समस्या बढ़ा सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 05, 2026 18:59 IST

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  • Mar 05, 2026 18:59 IST

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