Fri Sep 11, 2026 | 07:34 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

वजन घटाना चाहते हैं तो खाना बनाने के तरीके में करें ये 5 बदलाव, दिखेगा असर

क्‍या आप भी वेट लॉस करने के बारे में सोच रहे हैं? अगर हां, तो खाना बदलने के बजाय खाने को बनाने का तरीका या कुक‍िंग स्‍टाइल बदलें। कुक‍िंग के दौरान छोटे-छोटे बदलाव करके आप अपने वजन में बड़ा अंतर देख सकते हैं। जो खाना हम खा रहे हैं, अगर उसे बनाने के तरीके में बदलाव करें, तो वेट लॉस में मदद म‍िल सकती है।

वजन कम करने के ल‍िए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं और फ‍िर भी फेल हो जाते हैं। एक्‍सरसाइज और डाइट के बाद भी उनका वजन कम नहींं होता, तो वे न‍िराश हो जाते हैं पर अक्‍सर यह देखा गया है क‍ि लोग वजन कम करने के ल‍िए क‍िसी डाइट चार्ट को फॉलो करने लगते हैं या जो एक्‍सरसाइज ट्रेड‍िंग होती है, उसे करने लग जाते हैं, इन तरीकों से वजन कम तो होता है, लेक‍िन पर‍िणाम कुछ ही समय तक टि‍कते हैं। अगर वेट लॉस करना है और आप चाहते हैं क‍ि वजन दोबारा न बढ़े और लंबे समय तक वेट लॉस के पर‍िणाम नजर आएं, तो कुक‍िंग स्‍टाइल पर गौर करें। खाना क्‍या बन रहा है, उसे कैसे पकाया जा रहा है, इसका सीधा कनेक्‍शन वेट लॉस से है। कुक‍िंग के तरीकों में छोटे-छोटे बदलाव करने से आपको वजन कम करने में मदद म‍िलेगी। आइए ऐसे पांच बदलावों के बारे में जानते हैं।

1. तेल की मात्रा कम करें- Reduce Oil Quantity In Food

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अगर आप वेट लॉस करना चाहते हैं, तो खाना पकाने के तरीके में सबसे पहले तेल की मात्रा कम करें। Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि कई लोग तेल का इस्‍तेमाल करते वक्‍त यह तर्क देते हैं क‍ि वह हेल्‍दी कुक‍िंग ऑयल जैसे ऑल‍िव ऑयल या नार‍ियल तेल का इस्‍तेमाल करते हैं, लेक‍िन अगर हेल्‍दी फैट्स को भी ज्‍यादा मात्रा में लेंगे, तो वजन बढ़ सकता है। एक बड़े चम्‍मच कुक‍िंग ऑयल में 130 से 140 कैलोरी हो सकती है इसल‍िए रोजाना दो से तीन चम्‍मच कुक‍िंग ऑयल का ही इस्‍तेमाल करें।

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2. केवल गेहूं का आटा न खाएं- Avoid Eating Only Wheat Flour

वेट लॉस के ल‍िए केवल गेहूं के आटे का सेवन करने के बजाय आटे को म‍िक्‍स करके खाएं। गेहूं के आटे में जौ, बाजरा, चना या ओट्स का आटा म‍िला सकते हैं। इससे फाइबर की मात्रा को बढ़ाने में मदद म‍िलती है। ज्‍यादा फाइबर से पाचन बेहतर होता है। National Library Of Medicine की एक स्‍टडी यह कहती है क‍ि रागी, बाजरा, ज्‍वार, सोयाबीन से बनी मल्‍टीग्रेन रोटी में गेहूं के आटे से बनी रोटी के मुकाबले जीआई कम होता है यानी यह डायब‍िटि‍क मरीजों के ल‍िए ज्‍यादा फायदेमंद होती है। मल्‍टीग्रेन रोटी खाने से शुगर स्‍पाइक कम होती है।

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3. मील्‍स में सब्‍जि‍यों की मात्रा को बढ़ाएं- Increase Vegetable Quantity In Meals

यह एक वेट लॉस हैक माना जाता है क‍ि जब आप अपनी पसंदीदा खाने की चीजों को वजन घटाने के ल‍िए नहीं बदलना चाहते, तो आप उसमें सब्‍ज‍ियों की मात्रा को बढ़ा दें। लौकी, तोरी, पालक, मेथी, भ‍िंडी, ट‍िंडा वगैरह में कैलोरी कम होती है और फाइबर की मात्रा ज्‍यादा होती है। उदाहरण के ल‍िए जब मैं वेट लॉस कर रही थी, तो मेरी डायटीश‍ियन ने मुझे प‍िज्‍जा न खाने के ल‍िए कहा था, मैंने उन्‍हें बताया क‍ि मुझे हफ्ते में कम से कम एक बार प‍िज्‍जा खाना ही होता है। फ‍िर उन्‍होंने मुझे सलाह दी क‍ि मैं सब्‍ज‍ियों की मात्रा को बढ़ाकर रोटी वाला प‍िज्‍जा ट्राई करूं ज‍िसे एक्‍ट्रेस नीना गुप्‍ता ने एक इंटरव्‍यू के दौरान बताया था और यह ट्र‍िक काम कर गई। अब मुझे बाहर प‍िज्‍जा खाने का मन नहीं होता, जब भी खाना होता है घर पर ही हेल्‍दी प‍िज्‍जा बना लेती हूं।

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4. तलने के बजाय स्‍टीम या ग्र‍िल करें- Steam Or Grill Food Instead Of Frying

इस बार होली पर मम्‍मी ने मेरे कहने पर पहली बार गुज‍िया को फ्राई नहीं क‍िया बल्‍क‍ि एयर फ्रायर में बेक कर ल‍िया। तली हुई गुज‍िया और बेक्‍ड गुज‍िया के स्‍वाद में ज्‍यादा अंतर नहीं था। आप भी अगर वेट लॉस कर रहे हैं, तो अपने कुक‍िंग मेथड को बदलें। पकौड़े या फ्राइड स्‍नैक्‍स बनाने के ल‍िए स्‍टीम्‍ड या बेक्‍ड व‍िकल्‍प को अपनाएं। National Library Of Medicine की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, ज्‍यादा तला हुआ खाने से मोटापे का र‍िस्‍क बढ़ता है और पेट के आसपास का फट यानी बेली फैटी भी काफी हद तक इससे जुड़ा है।

5. नमक और मसालों की मात्रा कम करें- Reduce Salt And Spices

वजन कम करना चाहते हैं, तो नमक और मसालों की मात्रा को सीमि‍त करें। स्‍वाद बढ़ाने के ल‍िए क‍िचन के मसाले जैसे लहसुन, अदरक, नींबू वगैरह का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इस तरह आप अत‍िर‍िक्‍त सोड‍ियम से बच पाएंगे। ज्‍यादा नमक का सेवन करने से सूजन बढ़ती है और वॉटर र‍िटेंशन की समस्‍या हो सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

Nutritionist Neha Sinha से हुई बातचीत के आधार पर यह न‍िष्‍कर्ष न‍िकलकर आया क‍ि वजन कम करने के ल‍िए ऑयल की मात्रा कम करनी चाह‍िए, तलने के बजाय बेक‍िंग या स्‍टीम मेथड को कुक‍िंंग में अपनाना चाह‍िए। National Library Of Medicine के दो शोध के आधार पर हमने तले हुए भोजन के नुकसान और मल्‍टीग्रेन आटे के फायदे भी जानें। एक्‍सपर्ट ने भी बताया क‍ि गेहूंं के आटे को खाने के बजाय वेट लॉस में मल्‍टीग्रेन आटे का सेवन ज्‍यादा असरदार होता है।

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FAQ

  • वेट लॉस के ल‍िए क्‍या करें?

    वेट लॉस के ल‍िए रोज 15 से 20 म‍िनट वॉक या एक्‍सरसाइज करें, बाहर का खाने से बचें, घर में ताजा और हल्‍का खाएं, हाइड्रेशन का ख्‍याल रखें और नींद को प्राथम‍िकता दें।
  • वेट लॉस में क्‍या खाएं?

    अगर आप वेट लॉस करना चाहते हैं, तो फाइबर युक्‍त फल और सब्‍ज‍ियों का सेवन करें, प्रोटीन को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं, सुबह उठकर गुनगुने पानी का सेवन करें और पोर्शन साइज कंट्रोल करें।
  • वेट लॉस में क्‍या न खाएं?

    वेट लॉस के ल‍िए ज्‍यादा तेल, नमक, म‍िर्च जैसी चीजों का सेवन करने से बचें। पैकेज्‍ड और प्रोसेस्‍ड स्‍नैक्‍स से भी दूरी बनाएं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 05, 2026 16:37 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Mar 05, 2026 16:37 IST

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    Published By : Yashaswi Mathur
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