Fri Oct 23, 2026 | 12:15 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

खाना ठीक से पचता नहीं है? पेट की पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय

बार-बार गैस, पेट फूलना या खाना पचने में परेशानी की समस्या से कई लोग परेशान रहते हैं। यहां डॉक्टर से जानिए, पाचन शक्ति बेहतर करने के लिए किन आदतों को अपनाएं और खाने के बाद कौन सी गलतियां करने से बचें।
खाना ठीक से पचता नहीं है? पेट की पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपायखाना ठीक से पचता नहीं है? पेट की पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय

खाना खाने के बाद पेट भारी होना, बार-बार डकार आना, पेट फूलना, मतली या थोड़ी खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होना पाचन से जुड़ी आम समस्याएं हैं। ऐसा कभी-कभार हो सकता है, लेकिन अगर समस्या बार-बार होने लगे तो इसके पीछे केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि पेट से जुड़ी दूसरी समस्या भी हो सकती है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अगर आपको खाना खाने के बाद पेट में असहजता, गैस या भारीपन महसूस होता है, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-सी आदतें आपकी समस्या को बढ़ा रही हैं। कुछ लोगों को ज्यादा फैट वाले फूड्स से परेशानी होती है तो वहीं कुछ में कैफीन, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स कुछ खास फूड्स लक्षण बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं कि पेट की पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?

पेट की पाचन बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, पाचन से जुड़ी समस्याएं अगर कभी-कभार होती है तो खान-पान और डेली रूटीन में कुछ बदलाव और घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं लेकिन अगर पाचन की समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।

1. खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि पाचन यानी डाइजेशन अच्छा रखने के लिए भोजन करने का तरीका भी बहुत जरूरी है। जल्दबाजी में खाना खाने से ज्यादा हवा निगलने की संभावना बढ़ सकती है, जिससे डकार और पेट में गैस की समस्या हो सकती है। कोशिश करें कि भोजन बैठकर और धीरे-धीरे खाएं। हर निवाले को अच्छी तरह चबाने से भोजन छोटे हिस्सों में टूटता है और पाचन तंत्र यानी डाइजेस्टिव सिस्टम पर बोझ कम हो सकता है।

साल 2019 में Integrative Medicine: Clinician's Journal में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार-

  • माइंडफुल ईटिंग (सचेत होकर भोजन करना) आपकी डाइजेशन प्रोसेस को बेहतर बनाने और मानसिक शांति पाने का एक बेहतरीन तरीका है।
  • जब आप तनाव कम करके आराम से और ध्यान से खाना खाते हैं, तो आपका तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम शांत होता है और शरीर "रेस्ट-एंड-डाइजेस्ट" (आराम और पाचन) मोड में आ जाता है।
  • यह विज्ञान द्वारा प्रमाणित है कि भोजन के प्रति सचेत दृष्टिकोण आपके पूरे शरीर के स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देता है।

2. मसालेदार भोजन कम करें

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि अगर आपको बार-बार अपच, पेट में जलन या भारीपन महसूस होता है, तो अपने भोजन पर ध्यान देना जरूरी है। बहुत ज्यादा तला-भुना, चिकना और मसालेदार भोजन कुछ लोगों में अपच के लक्षण बढ़ा सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए परेशानी पैदा करने वाले फूड्स अलग हो सकते हैं। इसलिए ध्यान दें कि किन चीजों को खाने के बाद गैस, जलन या पेट फूलने की समस्या बढ़ती है और जरूरत के अनुसार उनका सेवन कम करें।

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3.पर्याप्त पानी पिएं और फाइबर को डाइट लें

डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। पानी मल को नरम रखने और शरीर से अपशिष्ट बाहर निकालने की प्रोसेस में मदद करता है। वहीं फाइबर युक्त भोजन कब्ज से बचाने और आंतों के सामान्य कामकाज को बनाए रखने में मदद कर सकता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें फाइबर के अच्छे सोर्स हैं।

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साल 2025 में Harvard Health Publishing में प्रकाशित जानकारी के अनुसार-

  • फाइबर हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया के लिए प्रीबायोटिक का काम करता है। भरपूर फाइबर खाने से पेट की सेहत अच्छी रहती है, कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं और आंतों की सूजन कम होती है।
  • हमें हर दिन 21 से 38 ग्राम फाइबर जरूर खाना चाहिए। इसके लिए अपनी डाइट में फलियां, साबुत अनाज, एवोकाडो, शकरकंद, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, बेरीज, हरी पत्तेदार सब्जियां और मेवे व बीज जैसी चीजें जरूर शामिल करें।
  • हेल्दी और तंदुरुस्त रहने के लिए फाइबर से भरपूर भोजन अपनाना बेहद जरूरी है।

4. चाय-कॉफी का सेवन सीमित करें

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि अगर आपको अपच या पेट में जलन की शिकायत रहती है तो चाय, कॉफी और अन्य कैफीन युक्त या ड्रिंक्स पर ध्यान दें। कुछ लोगों में ये ड्रिंक्स लक्षणों को बढ़ा सकती हैं। खासकर अगर किसी खास ड्रिंक के बाद लगातार जलन, डकार या पेट फूलने की समस्या होती है, तो उसका सेवन न करें।

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5. खाने के तुरंत बाद न लेटें

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि रात में भोजन करने के तुरंत बाद बिस्तर पर लेट जाना अपच और एसिड ऊपर आने की समस्या को बढ़ा सकता है। अगर आपको रात में जलन या खट्टी डकार की शिकायत रहती है, तो सोने से करीब 3-4 घंटे पहले भोजन कर लेना बेहतर हो सकता है।

निष्कर्ष

पाचन को बेहतर बनाने के लिए किसी एक घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय रोजाना की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। धीरे-धीरे खाना, पर्याप्त पानी पीना, फाइबर युक्त बैलेंस डाइट लेना, तला-भुना भोजन सीमित करना, खाने के बाद तुरंत न लेटना पाचन संबंधी परेशानियों को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अगर अपच लगातार बनी रहती है या इसके साथ वजन कम होना, बार-बार उल्टी, खून की उल्टी, काले मल या तेज और लगातार पेट दर्द जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

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FAQ

  • पाचन के लिए पानी पीने का सही समय क्या है?

    पानी पीने के लिए कोई एक समय नहीं होता है बल्कि दिनभर पीते रहना चाहिए। बेहतर पाचन के लिए रोजाना 2 से 3 लीटर पानी दिनभर में पिएं।
  • क्या दूध पीने से अपच बढ़ सकती है?

    कुछ लोगों में दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन के बाद पेट फूलना, गैस या अन्य पाचन संबंधी लक्षण हो सकते हैं। यदि हर बार ऐसा होता है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • क्या रोज गैस बनना नॉर्मल है?

    डाइजेशन प्रोसेस के दौरान हल्की गैस बनना नॉर्मल है लेकिन अगर गैस बहुत ज्यादा हो, अचानक बढ़ जाए या इसके साथ पेट दर्द, दस्त, कब्ज या वजन कम होने जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 26, 2026 12:15 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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