सेंसिटिव पाचन तंत्र एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गट अनहेल्दी फूड्स, तनाव या लाइफस्टाइल में बदलाव को लेकर ज्यादा रिएक्ट करती हैं। इस समस्या में अक्सर लोगों को पेट में दर्द, ब्लोटिंग, दस्त या कब्ज जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। यह अक्सर आंतों में सेंसिटिविटी या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम से जुड़ा होता है, जिसमें ब्रेन-गट एक्सिस अहम भूमिका निभाता है। सेंसिटिव पाचन तंत्र वाले लोगों के लिए सही प्रोटीन चुनना बहुत जरूरी होता है। लेकिन, कई लोगों को प्रोटीन से भरपूर फूड्स खाने के बाद गैस, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में हल्के और आसानी से पचने वाले प्लांट-बेस्ड प्रोटीन सोर्स को चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है। आइए इस लेख में दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि सेंसिटिव पाचन को बेहतर रखने के लिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन फूड्स क्या हैं?
सेंसिटिव डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए प्लांट बेस्ड प्रोटीन फूड्स
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन सोर्स के लिए आप इन फूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
1. अंकुरित मूंग
अंकुरित मूंग सेंसिटिव पाचन तंत्र वाले लोगों के लिए सबसे अच्छे प्लांट-बेस्ड प्रोटीन सोर्स में से एक है। जब मूंग को अंकुरित किया जाता है तो उसमें मौजूद गैस बनाने वाले तत्व कम हो जाते हैं, जिससे यह पचने में आसान हो जाता है। 100 ग्राम अंकुरित मूंग में लगभग 7 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा इसमें आयरन, फोलेट और फाइबर भी होता है, जो गट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है। इसे आप सलाद, मूंग स्प्राउट्स चिल्ला या हल्का स्टीम करके खा सकते हैं।
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2. टोफू
टोफू सोया से बनने वाला एक बेहतर प्लांट-बेस्ड प्रोटीन है। इसका टेक्सचर मुलायम होता है और यह पेट के लिए हल्का माना जाता है। टोफू में सभी जरूरी अमीनो एसिड होते हैं, इसलिए इसे कम्प्लीट प्रोटीन के रूप में भी देखा जाता है। 100 ग्राम टोफू में लगभग 8 से 10 ग्राम प्रोटीन होता है। यह कम फैट वाला होता है, जिसके कारण इसे खाने से ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है। टोफू को आप सब्जी, स्टिर-फ्राई, सलाद या सूप के रूप में खा सकते हैं।

3. चने
चना भी एक अच्छा प्लांट-बेस्ड प्रोटीन सोर्स है। आधा कप पके हुए चने में लगभग 7 ग्राम प्रोटीन मिलता है। हालांकि, इसमें फाइबर ज्यादा होता है, इसलिए, सेंसिटिव पाचन वाले लोगों को इसे कम मात्रा में लेना शुरू करना चाहिए। चने को भिगोकर और अच्छी तरह पकाकर खाने से यह ज्यादा आसानी से पचता है। आप इसे हुमस, चना सलाद, हल्की करी आदि तरीकों से खा सकते हैं।
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4. दालें
भारत के खाने में दालों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है और प्लांट बेस्ड प्रोटीन के सोर्स का ये सबसे बेहतर विकल्प होता है। एक कप पकी हुई दाल में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। सेंसिटिव पेट वाले लोगों के लिए मूंग की दाल या मसूर की दाल हल्की मानी जाती है। दाल को पकाने से पहले भिगोना और अच्छी तरह पकाना पाचन को आसान बनाता है। NCBI के रिसर्च के अनुसार दालों और अनाजों को भिगोने, अंकुरित करने और फर्मेंट करने जैसे तरीके पाचन शक्ति को काफी बढ़ा देती है। ये प्रक्रियाएं फाइटेट्स और टैनिन जैसी एंटी-पोषक तत्वों को कम करती है, जिससे आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे मिनरल्स का अवशोषण बेहतर होता है।
5. सीड्स
कई सीड्स भी अच्छे प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के सोर्स होते हैं और अक्सर आसानी से पच जाते हैं। आप अपनी डाइट में चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स और कद्दू के बीज का सेवन कर सकते हैं। इनमें प्रोटीन के साथ-साथ ओमेगा-3, फाइबर और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं।
पाचन को बेहतर बनाने के लिए क्या करें?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, अगर आपका पाचन तंत्र सेंसिटिव है तो इन टिप्स को अपनाने से प्रोटीन को आसानी से पचाने में मदद मिल सकती है-
- दाल और बीन्स को हमेशा भिगोकर पकाएं।
- शुरुआत में कम मात्रा से इसका सेवन करना शुरू करें।
- अदरक, जीरा और हींग जैसे मसालों का इस्तेमाल अपने खाने में जरूर करें।
- फर्मेंटेड फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें।
- बहुत ज्यादा फाइबर को एक साथ खाने से बचें।
निष्कर्ष
सेंसिटिव पाचन तंत्र होने का मतलब यह नहीं है कि आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं ले सकते हैं। बल्कि आप अपनी डाइट में प्लांट बेस्ड प्रोटीन के रूप में अंकुरित मूंग, टोफू, दालें, चने और सीड्स जैसे हल्के और पौष्टिक फूड्स का सेवन कर सकते हैं। सही मात्रा और सही पकाने के तरीकों से इसे खाने से पाचन समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
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Mar 07, 2026 10:26 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Mar 07, 2026 10:26 IST
Modified By : Katyayani TiwariMar 07, 2026 10:26 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra