सुबह की शुरुआत अगर हेल्दी हो तो पूरा दिन एनर्जेटिक रहता है और इसी सोच के साथ आजकल ज्यादातर लोग अपनी प्लेट में अंकुरित मूंग शामिल कर रहे हैं। जिम जाने वाले हों, वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोग हों या फिर डायबिटीज को कंट्रोल में रखना चाहने वाले, हर कोई अंकुरित मूंग को सुपरफूड मानकर खा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स तक, हर जगह इसके फायदे गिनाए जा रहे हैं लेकिन क्या वाकई अंकुरित मूंग रोज खाना उतना ही सुरक्षित है जितना बताया जाता है? दरअसल, अंकुरित मूंग पोषण से भरपूर जरूर है, लेकिन इसका असर व्यक्ति के पाचन तंत्र, उम्र और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है। यही वजह है कि इसे खाने का सही तरीका और सही मात्रा जानना बेहद जरूरी हो जाता है। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, क्या अंकुरित मूंग रोज खाना सुरक्षित है?
क्या हम रोज अंकुरित मूंग खा सकते हैं?
मूंग दाल को जब भिगोकर अंकुरित किया जाता है तो उसमें मौजूद पोषक तत्व और ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि अंकुरित मूंग में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। अंकुरण की प्रक्रिया से दाल को पचाना आसान हो जाता है और न्यूट्रिएंट्स की बॉडी में एब्जॉर्प्शन भी बेहतर होती है।
डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ज्यादातर हेल्दी लोगों के लिए अंकुरित रोज खाना सुरक्षित है, बशर्ते इसे सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए। यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने, कब्ज दूर करने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। हालांकि, हर व्यक्ति का पाचन तंत्र अलग होता है, इसलिए सभी के लिए एक ही नियम लागू नहीं होता।
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रोज अंकुरित मूंग खाने के फायदे
- रोज सीमित मात्रा में अंकुरित मूंग खाने से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है।
- इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है और कब्ज की समस्या से राहत देता है।
- प्रोटीन की अच्छी मात्रा होने के कारण यह मसल्स हेल्थ और एनर्जी लेवल को सपोर्ट करता है।
- डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि डायबिटीज के मरीजों के लिए भी अंकुरित मूंग फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है।
प्रतिदिन कितना अंकुरित मूंग खाना चाहिए?
डाइटिशियन अर्चना जैन के मुताबिक, रोज 1 कटोरी (लगभग 30-40 ग्राम कच्चे अंकुरित मूंग) पर्याप्त होती है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर गैस, ब्लोटिंग या पेट दर्द की समस्या हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर पाचन वाले लोगों को मात्रा और भी कम रखनी चाहिए।
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अंकुरित मूंग खाने का सही तरीका क्या है?
- अंकुरित मूंग को कच्चा खाना सबसे आम तरीका है, लेकिन यह हर किसी को सूट नहीं करता।
- अगर आपका पाचन कमजोर है तो अंकुरित मूंग को हल्का उबालकर या भाप में पकाकर खाना बेहतर रहता है।
- डाइटिशियन अर्चना जैन सलाह देती हैं कि इसमें नींबू, खीरा या टमाटर मिलाया जा सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा तीखे मसाले डालने से बचें। सुबह या दोपहर के समय इसका सेवन ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए तो अंकुरित मूंग रोज खाना सुरक्षित और फायदेमंद है। यह वजन कंट्रोल, पाचन सुधार और पोषण की कमी दूर करने में मदद कर सकता है लेकिन अगर पाचन से जुड़ी समस्या है तो इसे पकाकर खाएं और जरूरत से ज्यादा सेवन न करें। बेहतर होगा कि अपनी सेहत के अनुसार डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।
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FAQ
अंकुरित मूंग को कैसे खाना चाहिए?
जिन लोगों का पाचन मजबूत है, वे अंकुरित मूंग कच्चे खा सकते हैं। कमजोर पाचन, गैस या एसिडिटी की समस्या वाले लोगों के लिए हल्का उबालकर या भाप में पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित रहता है।क्या हम 3 दिन पुराने स्प्राउट्स खा सकते हैं?
ताजे अंकुरित सबसे सुरक्षित होते हैं। फ्रिज में रखने पर भी इन्हें 1-2 दिन के अंदर इस्तेमाल कर लेना चाहिए। ज्यादा दिन रखने से बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा रहता है।क्या डायबिटीज के मरीज अंकुरित मूंग खा सकते हैं?
डायबिटीज के मरीज अंकुरित खा सकते हैं क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और ये ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। फिर भी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
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Jan 27, 2026 13:32 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jan 27, 2026 13:32 IST
Modified By : Akanksha TiwariJan 27, 2026 13:32 IST
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Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Archana Jain