Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

शिशु को खिलाएं अंकुरित रागी मिलेंगे ये 6 फायदे, जानें खिलाने का तरीका

शिशुओं की डाइट में अंकुरित रागी शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है। यह पाचन में आसान, हड्डियों को मजबूत बनाने, एनीमिया से बचाव समेत मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। 

6 महीने के बाद अक्सर माता-पिता अपने शिशुओं की डाइट में हेल्दी और पौष्टिक चीजों को शामिल करने की कोशिश करते हैं। शिशुओं की डाइट उनके मानसिक और शारीरिक विकास में काफी मददगार होती है। इसलिए, पेरेंट्स अपने छोटे बच्चों को क्या खिलाएं, इन बातों को लेकर हमेशा कंफ्यूज रहते हैं। ऐसे में रागी का सेवन बच्चों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। जब रागी को अंकुरित किया जाता है तो इसके पोषक तत्व और भी ज्यादा प्रभावी हो जाते हैं। शिशुओं की डाइट में अंकुरित रागी का सही तरीके से इस्तेमाल उनके शारीरिक और मानसिक विकास में बहुत फायदेमंद हो सकता है। खासकर 6 महीने की उम्र के बाद जब बच्चे को ठोस आहार देना शुरू किया जाता है तो अंकुरित रागी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसलिए आइए दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि शिशुओं को अंकुरित रागी खिलाने के क्या फायदे हैं?

शिशुओं के लिए अंकुरित रागी के फायदे

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि, 6 महीने के बाद शिशुओं की डाइट में अंकुरित रागी शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। इसे खिलाने से उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बेहतर रखने में मदद मिलती है।

1. पाचन में आसान

अंकुरित रागी शिशुओं के नाजुक पाचन तंत्र के लिए हल्का और आसानी से पचने वाला होता है। नॉर्मल रागी की तुलना में अंकुरित रागी पेट में गैस, अपच या कब्ज की समस्या को कम पैदा करती है। इसलिए, जिन बच्चों को नया फूड पचाने में दिक्कत होती है तो उनके लिए अंकुरित रागी बहुत फायदेमंद होती है।

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2. हड्डियां मजबूत बनाएं

रागी कैल्शियम से भरपूर होती है, खासकर अंकुरित रागी में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है, जो शिशुओं की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। बढ़ती उम्र में मजबूत हड्डियां आगे चलकर बच्चों के शारीरिक विकास में मदद करता है।

3. एनीमिया से बचाव

अंकुरित रागी आयरन से भरपूर होती है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। शिशुओं में आयरन की कमी से एनीमिया होने का जोखिम बना रहता है। इसलिए, नियमित रूप से अंकुरित रागी का सेवन इस कमी को दूर करने में मदद कर सकता है और बच्चे को एक्टिव और एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है।

4. इम्यूनिटी बढ़ाता है

रागी को अंकुरित करने पर उसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी मिनरल्स एक्टिव हो जाते हैं। ये तत्व शिशु की इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बच्चों को बार-बार होने वाले इंफेक्शन, सर्दी-खांसी और अन्य बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।

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5. वजन बढ़ाने में फायदेमंद

जो बच्चे कम वजन के होते हैं या जिनका शारीरिक विकास धीमा हो जाता है, उनके लिए अंकुरित रागी बहुत फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और जरूरी फैट्स बच्चे को पर्याप्त एनर्जी देता है और स्वस्थ वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।

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6. मस्तिष्क विकास के लिए उपयोगी

अंकुरित रागी में अमीनो एसिड्स और जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो शिशु के दिमाग के विकास में फायदेमंद होते हैं। यह बच्चे की याददाश्त, एकाग्रता और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

शिशु को अंकुरित रागी कैसे खिलाएं?

शिशुओं को अंकुरित रागी खिलाने के लिए आप सबसे पहले रागी को अच्छी तरह सुखाकर, भूनकर और पीसकर महीन आटा बना लें। इसके बाद आटे को पानी या मां के दूध के साथ पतली खीर या दलिया के रूप में तैयार करें। शुरुआत में एक या दो चम्मच से शुरू करें और फिर धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाएं।

निष्कर्ष

अंकुरित रागी शिशुओं के लिए एक पौष्टिक आहार है। यह न सिर्फ शारीरिक विकास में मदद करती है, बल्कि पाचन, इम्यूनिटी और दिमाग के विकास के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसलिए, सही उम्र, सही मात्रा और सही तरीके से दी जाए तो उनको कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिला सकता है।
Image Credit: Freepik

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jan 30, 2026 10:21 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jan 30, 2026 10:21 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dt Rakshita Mehra

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