Sun Oct 11, 2026 | 01:36 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chanchal Sharma , BAMS-Ayurveda

पाचन की समस्या दूर करेगा दूध और गुलकंद, एक्सपर्ट से जानें फायदे

गुलकंद में बहुत से औषधीय गुण होते हैं। ऐसे में इसको दूध के साथ लेने से पाचन में सुधार करने और इससे जुड़ी समस्याओं से राहत देने में मदद मिलती है। 
पाचन की समस्या दूर करेगा दूध और गुलकंद, एक्सपर्ट से जानें फायदेपाचन की समस्या दूर करेगा दूध और गुलकंद, एक्सपर्ट से जानें फायदे

अनहेल्दी खानपान और फिजिकल एक्टिविटीज न करने जैसे लाइफस्टाइल से जुड़ी अदतों के कारण लोगों को कब्ज, अपच और एसिडिटी जैसी पाचन संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अक्सर लोगों को हल्के और पेट को ठंडक देने वाले फूड्स को खाने की सलाह दी जाती है। गर्मियों में गुलकंद का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। गुलकंद की तासीर ठंडी होती है। ऐसे में इसका सेवन करने से पेट को ठंडक देने और पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत देने में मदद मिलती है। आइए आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जानेंगे कि गुलकंदा का सेवन करने से पाचन को क्या लाभ मिलते हैं और इसका सेवन कैसे करें?

पाचन के लिए गुलकंद और दूध के फायदे

डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, "औषधीय गुणों से भरपूर गुलकंद को दूध के साथ लेने पाचन के लिए फायदेमंद होता है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो पेट को ठंडक देने में सहायक है। इससे कब्ज और जलन जैसी पाचन की कई समस्याएं दूर होती हैं।"

कब्ज से राहत दे

गुलकंद में अच्छी मात्रा में फाइबर और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं। ऐसे में दूध के साथ गुलकंद का सेवन करने से कब्ज और ऐंठन जैसी समस्या से राहत देने में मदद मिलती है।

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एसिडिटी में फायदेमंद

गुलकंद की तासीर ठंडी होती है। ऐसे में इसको दूध के साथ लेने से एसिडिटी या सीने में जलन, गैस, एसिड रिफ्लक्स और खट्टी डकार जैसी समस्याओं से राहत देने में मदद मिलती है। यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

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पेट की गर्मी शांत करे

गर्मियों में अक्सर लोगों को पेट में गर्मी होने की समस्या होती है, जिसके कारण शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है। ऐसे में गुलकंद और दूध का सेवन करने से पेट को ठंडक देने और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

पाचन में सुधार करे

गुलकंद में प्रीबायोटिक के गुण होते हैं। ऐसे में इसको दूध के साथ लेने से पेट को ठंडक देने, गट में सुधार करने, पाचन प्रक्रिया में सुधार करने और भूख को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। 

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पाचन के लिए कैसे करें गुलकंद और दूध का सेवन?

डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, रात को सोने से पहले हल्के गर्म दूध के साथ 1 चम्मच गुलकंद का सेवन करना पाचन के लिए फायदेमंद होता है। इससे स्वास्थ्य को भी कई लाभ मिलते हैं।

सावधानियां

गुलकंद से किसी भी तरह की एलर्जी होने पर इसका सेवन करने से बचें। इसके अलावा, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। ब्लड शुगर की स्थिति में इसका सेवन न करें।

निष्कर्ष

दूध और गुलकंद का सेवन करने से गैस, कब्ज, एसिडिटी और पेट की गर्मी को शांत करने और पाचन प्रक्रिया में सुधार करने में मदद मिलती है। इसका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होता है, लेकिन ध्यान रहे, इसका सेवन सीमित मात्रा में करें और इसको खाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • क्या गुलकंद की तासीर ठंडी होती है?

    हां, गुलकंद की तासीर ठंडी गोती है। इसका सेवन करने से पेट की गर्मी को शांत करने और शरीर के तापमान को बैलेंस रखने में मदद मिलती है।
  • कब्ज की समस्या में गुलकंद कैसे मदद करता है?

    गुलकंद में फाइबर और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा होते हैं। जब इसे दूध के साथ लिया जाता है, तो यह मल को नरम बनाने और पेट की ऐंठन को कम करने में मदद करता है, जिससे कब्ज से राहत मिलती है।
  • पाचन सुधारने के लिए गुलकंद लेने का सही समय क्या है?

    डॉक्टर के अनुसार, पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए रात को सोने से पहले 1 चम्मच गुलकंद को हल्के गर्म दूध के साथ लेना ज्यादा असरदार होता है।
  • क्या डायबिटीज के मरीज गुलकंद खा सकते हैं?

    नहीं, गुलकंद बनाने में चीनी या मिश्री का इस्तेमाल काफी अधिक मात्रा में किया जाता है, इसलिए ब्लड शुगर के मरीजों को इसका सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 27, 2026 16:08 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Apr 27, 2026 16:08 IST

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    Published By : Priyanka Sharma
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