आज की बिजी मॉडर्न लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान, कम पानी पीने की आदत और फिजिकल एक्टिविटी में कमी के कारण क्रॉनिक कब्ज (Chronic Constipation) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह केवल पेट से जुड़ी एक सामान्य परेशानी नहीं है, बल्कि लंबे समय तक बनी रहने पर यह कई अन्य बीमारियों का कारण भी बन सकती है। कब्ज होने पर पेट ठीक से साफ नहीं होता, मल त्याग में कठिनाई होती है, पेट भारी महसूस होता है और कई बार गैस, पेट दर्द तथा भूख न लगने जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। ऐसे में लोग अक्सर तुरंत राहत पाने के लिए दवाइयों या लैक्सेटिव का सहारा लेते हैं, जबकि कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन पायल दत्त का मानना है कि खानपान और लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय में ज्यादा असरदार साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि कब्ज से राहत पाने के लिए सुबह के नाश्ते में क्या शामिल करना चाहिए और किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
कब्ज होने पर नाश्ते में क्या खाना चाहिए?
डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, सुबह उठने के बाद हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम स्वाभाविक रूप से एक्टिव होने लगता है। ऐसे में इस समय लिया गया पौष्टिक और फाइबर से भरपूर नाश्ता मल त्याग की प्रोसेस को आसान बनाने में मदद कर सकता है। सही भोजन न केवल कब्ज की समस्या को कम करता है, बल्कि पूरे दिन डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर तरीके से काम करने में भी मदद करता है।
डाइटीशियन पायल दत्त बताती हैं, ''कब्ज से राहत पाने के लिए सबसे पहले नाश्ते में पर्याप्त मात्रा में फाइबर शामिल करना चाहिए। फाइबर पानी बनाए रखता है, जिससे मल नरम रहता है और आसानी से बाहर निकल पाता है। हालांकि, केवल फाइबर खाना ही पर्याप्त नहीं है। यदि शरीर में पानी की कमी होगी, तो फाइबर अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाएगा। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी उतना ही जरूरी है। फाइबर और हाइड्रेशन का यह बैलेंस कब्ज को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है।''
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- डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, 1 कटोरी ओटमील कब्ज से राहत के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसमें छिलके सहित सेब, नाशपाती, बेरीज, कीवी या एक चम्मच चिया सीड्स या पिसी हुई अलसी मिलाकर इसकी फाइबर मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।
- आप सब्जियों से भरपूर वेजिटेबल ओट्स, वेजिटेबल पोहा, ढेर सारी सब्जियों वाला दाल चीला या मल्टीग्रेन रोटी के साथ दही और एक मौसमी फल भी का सेवन भी नाश्ते में कर सकते हैं।
- इसके अलावा पपीता, अमरूद और रातभर भिगोए हुए प्रून्स यानी सूखे आलूबुखारे कई लोगों में नियमित मल त्याग को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो सकते हैं।
National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वयस्कों को हेल्दी रहने के लिए हर दिन लगभग 22 से 34 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। उम्र और लिंग के आधार पर इसकी मात्रा अलग हो सकती है। अक्सर बढ़ती उम्र में भूख कम लगने या खान-पान में रुचि घटने के कारण बुजुर्गों को पर्याप्त फाइबर नहीं मिल पाता है। इसलिए, सही और बैलेंस डाइट प्लान बनाने के लिए किसी डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना एक बेहतर विकल्प है। भोजन में फाइबर की मात्रा को अचानक बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे शामिल करना चाहिए, ताकि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम इस बदलाव को आसानी से स्वीकार कर सके और आपको पेट से जुड़ी कोई समस्या न हो।
इस रिपोर्ट के अनुसार, फाइबर से भरपूर डाइट के लिए आप अपनी डेली डाइट में साबुत अनाज जैसे चोकर वाले अनाज, ओट्स, रागी को शामिल कर सकते हैं, इसके अलावा दालें और फलियां, फल जैसे सेब, बेरीज, संतरे और नाशपाती, सब्जियां जैसे गाजर, ब्रोकली, हरी मटर और पत्तेदार सब्जियां डाइट में शामिल कर सकते हैं।

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कब्ज होने पर क्या न खाएं?
डाइटीशियन पायल दत्त सलाह देती हैं कि कब्ज की समस्या से परेशान लोगों को सुबह ऐसे फूड्स से बचना चाहिए जिनमें फाइबर बहुत कम होता है। डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, सफेद ब्रेड, पेस्ट्री, रिफाइंड सीरियल्स और ज्यादा तेल में तले हुए नाश्ते कब्ज की समस्या को कम करने में मदद नहीं करते। ये पेट को लंबे समय तक हेल्दी रखने के बजाय पाचन को धीमा कर सकते हैं। इसलिए सुबह के भोजन में ताजे फल, साबुत अनाज और सब्जियों को प्राथमिकता देना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
डाइटीशियन की सलाह
डाइटीशियन पायल दत्त यह भी स्पष्ट करती हैं कि कब्ज दूर करने के लिए कोई एक मैजिक ब्रेकफास्ट नहीं होता। यदि पूरे दिन पर्याप्त फाइबर नहीं लिया जाएगा, पानी कम पिया जाएगा और फिजिकल एक्टिविटी नहीं होगी, तो केवल सुबह का नाश्ता पर्याप्त नहीं होगा। नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त पानी, बैलेंस डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल मिलकर ही डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी बनाए रखते हैं। इसलिए कब्ज से राहत पाने के लिए इन सभी आदतों को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाना जरूरी है।
निष्कर्ष
क्रॉनिक कब्ज से राहत पाने के लिए सुबह का नाश्ता अहम भूमिका निभा सकता है। फाइबर से भरपूर फूड्स, पर्याप्त पानी और बैलेंस लाइफस्टाइल मिलकर डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाते हैं और मल त्याग को नियमित रखने में मदद करते हैं। यदि कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय किसी एक्सपर्ट डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना सबसे सही तरीका है।
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FAQ
पेट साफ करने के लिए कौन सा फल खाना चाहिए?
पेट साफ करने के लिए पपीता, अमरूद, कीवी, नाशपाती, सेब और आलू बुखारा खा सकते हैं। इन फलों के सेवन से कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है।कब्ज में ओट्स खाना चाहिए?
कब्ज में ओट्स का सेवन कर सकते हैं। यदि ओट्स के साथ पर्याप्त पानी और बैलेंस डाइट ली जाए, तो यह कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
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Current Version
Jul 15, 2026 16:08 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jul 15, 2026 16:08 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dt Payal Dutt