Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Ms Veena V , Clinical Dietician

एसिड रिफ्लक्स की समस्या है? एक्सपर्ट से जानें सुबह नाश्ते में क्या खाएं और किन चीजों से बचें

अगर सुबह उठते ही एसिडिटी या हार्टबर्न की समस्या रहती है, तो सही नाश्ता इस समस्या से राहत दिला सकता है। यहां जानिए, एसिड रिफ्लक्स में कौन-से ब्रेकफास्ट ऑप्शन फायदेमंद हैं।

जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन, खट्टी डकार, गैस या अपच जैसी समस्याएं रहती हैं, उनके लिए नाश्ते में सही चीजों का चुनाव करना बेहद जरूरी हो जाता है। कई बार सुबह खाली पेट चाय-कॉफी पीना, ज्यादा मसालेदार या तला-भुना नाश्ता करना एसिडिटी की समस्या को बढ़ा सकता है। एस्टर व्हाइटफील्ड, बेंगलुरु के क्लिनिकल न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स विभाग की चीफ क्लिनिकल डाइटीशियन और HOD वीणा वी. के अनुसार, एसिड रिफ्लक्स से परेशान लोगों को अपने नाश्ते में ऐसे फूड्स शामिल करने चाहिए, जो आसानी से पच सकें और पेट में अतिरिक्त एसिड बनने की संभावना को कम करें।

एसिड रिफ्लक्स की समस्या वालों को क्या नाश्ता खाना चाहिए?

डाइटीशियन वीणा वी. के अनुसार, एसिड रिफ्लक्स से परेशान लोगों को नाश्ते में ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और ज्यादा फैट वाले फूड्स से बचना चाहिए। इसकी जगह ऐसे फूड्स शामिल करें जिनमें फाइबर हो और पाचन में आसान हों।

1. फाइबर से भरपूर नाश्ता

डाइटीशियन वीणा वी. बताती हैं कि ओट्स एसिड रिफ्लक्स वाले लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो डाइजेशन को बेहतर बनाने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। ओट्स को दूध या दही के साथ लिया जा सकता है, लेकिन यदि दूध से एसिडिटी बढ़ती है तो लो-फैट विकल्प चुनना बेहतर है। इसके अलावा जिन लोगों को लैक्टोज इंटॉलरेंस की समस्या है उन्हें भी दूध के साथ ओट्स नहीं लेना चाहिए, इसके बजाय आप सब्जियों के साथ नमकीन ओट्स का सेवन कर सकते हैं।

साल 2018 में World Journal of Gastroenterology में प्रकाशित स्टडी से पता चलता है कि फाइबर से भरपूर डाइट NERD और GERD के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। फाइबर युक्त भोजन लेने से निचले इसोफेजियल स्फिंक्टर पर कम दबाव पड़ता है, जिससे पेट का एसिड ऊपर नहीं आता। इसके कारण गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स के दौरों की संख्या में कमी आती है। परिणामस्वरूप, मरीजों को हर हफ्ते होने वाली सीने में जलन की समस्या से काफी राहत मिलती है।

इसे भी पढ़ें: 7 फूड्स जिनके कारण बढ़ सकती है GERD की समस्या, डॉक्टर ने दी सावधानी बरतने की सलाह

2. पोहा और उपमा

डाइटीशियन वीणा वी. के अनुसार, पोहा और वेजिटेबल उपमा हल्के और आसानी से पचने वाले नाश्ते के ऑप्शन हैं। इनमें सब्जियां मिलाने से फाइबर और पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। इन्हें कम तेल में बनाकर खाने से एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है।

3. केले और कम एसिड वाले फल

डाइटीशियन वीणा वी. सलाह देती हैं कि एसिड रिफ्लक्स की समस्या में ऐसे फलों का चुनाव करना चाहिए जो पेट में जलन न बढ़ाएं। केला, सेब और नाशपाती जैसे कम एसिड वाले फल कई लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। वहीं संतरा, कीवी और अन्य खट्टे फलों का सेवन कुछ लोगों में एसिडिटी बढ़ा सकता है।

इसे भी पढ़ें: क्या पेट का एसिड गले में आने (एसिड रिफ्लक्स) का कारण तनाव हो सकता है? बता रहे हैं पेट के डॉक्टर

साल 2023 में Nutrients Journal में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, केले कम एसिडिटी वाले माने जाते हैं और ये पेट के तेजाब को शांत करने में मदद कर सकते हैं। ये क्षारीय (alkaline) प्रकृति के होते हैं और इनमें पेक्टिन नाम का घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। पेक्टिन भोजन को पाचन तंत्र में आसानी से आगे बढ़ाता है, जिससे खाना पेट में ज्यादा देर तक अटका नहीं रहता। पेट में भोजन जमा न रहने से एसिड कम बनता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन की संभावना काफी घट जाती है।

breakfast for acid reflux

4. दही और प्रोबायोटिक फूड्स

डाइटीशियन वीणा वी. सलाह बताती हैं कि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों की हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। कुछ लोगों में दही डाइजेशन के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन जिन लोगों को खट्टे या ठंडे फूड्स से परेशानी होती है, उन्हें रिएक्शन देखकर इसका सेवन करना चाहिए। बारिश के मौसम के दौरान दही और इडली जैसी चीजों से परहेज करना बेहतर होता है।

नाश्ते में किन चीजों से बचना चाहिए?

डाइटीशियन वीणा वी. के अनुसार, एसिड रिफ्लक्स वाले लोगों को सुबह के समय तली हुई चीजें, ज्यादा मसालेदार भोजन, खाली पेट चाय-कॉफी और बहुत ज्यादा तेल वाले नाश्ते से बचना चाहिए। ये चीजें पेट में एसिड बढ़ाकर हार्टबर्न की समस्या को बढ़ा सकती हैं।

डाइटीशियन की सलाह

डाइटीशियन वीणा वी. बताती हैं कि सिर्फ नाश्ते का चुनाव ही नहीं, बल्कि खाने का तरीका भी जरूरी होता है।

  • जल्दी-जल्दी खाने की बजाय धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए।
  • सुबह उठने के बाद लंबे समय तक खाली पेट रहने से भी कुछ लोगों में एसिडिटी बढ़ सकती है।
  • इसलिए समय पर नाश्ता करना फायदेमंद रहता है। एसिड रिफ्लक्स को कंट्रोल करने के लिए डाइट के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव भी जरूरी हैं।
  • नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त पानी पीना, तनाव कम करना और रात में सोने से कुछ घंटे पहले भोजन करना पाचन को बेहतर बना सकता है।

निष्कर्ष

एसिड रिफ्लक्स से परेशान लोगों के लिए सही नाश्ता चुनना लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। डाइटीशियन वीणा वी. के अनुसार, ओट्स, पोहा, उपमा, फाइबर युक्त भोजन और कम एसिड वाले फल अच्छे विकल्प हो सकते हैं। वहीं तले-भुने, मसालेदार और ज्यादा फैट वाले फूड्स से दूरी बनाना बेहतर है। अगर सीने में जलन, खट्टी डकार या एसिडिटी की समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या एसिडिटी में कॉफी पी सकते हैं?

    कुछ लोगों में कॉफी पेट में एसिड बढ़ाकर सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को बढ़ा सकती है।
  • क्या नाश्ता छोड़ने से एसिडिटी होती है?

    कई लोगों में लंबे समय तक खाली पेट रहने से एसिडिटी के लक्षण बढ़ सकते हैं। इसलिए समय पर हल्का और बैलेंस नाश्ता करना फायदेमंद हो सकता है।

Read Next

5 मानसून ड्रिंक्स जो इम्यूनिटी बढ़ाकर आपको रखेंगे फिट

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jul 31, 2026 14:51 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Ms Veena V

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content