जीईआरडी रोग (Gastroesophageal Reflux Disease) के मरीजों को अक्सर हार्ट और पेट में जलन महसूस होती है। पेट में जलन के साथ-साथ एसिडिटी, पेट दर्द, खाना निगलने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मेरे मामा को जीईआरडी की समस्या थी, वह अक्सर ठंडी तासीर वाली चीजोंं का सेवन करते थे। उनकी टेबल पर हमेशा सौंफ की डिब्बी रखी रहती थी। मामाजी बताते थे कि जीईआरडी रोग में सौंफ का सेवन करने से खाना आसानी से पच जाता है। मामाजी को हमेशा ही मैंने कम तेल-मिर्च वाला खाना खाते ही देखा है। जब भी वह घर आते थे, मां उनका खाना भी अलग ही बनाती थीं, तब मुझे पहली बार जीईआरडी के बारे में पता चला था।
विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी संगठन (World Gastroenterology Organisation) की मानें, तो जीईआरडी को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए। इससे व्यक्ति को आगे चलकर परेशानी हो सकती है, काम की प्रोडक्टिविटी घट सकती है, अनिद्रा की समस्या हो सकती है और रोज के रूटीन पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। जीईआरडी रोग को दूर करने के लिए कुछ हेल्दी फूड्स को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। इन फूड्स में मौजूद पोषक तत्वोंं से पाचन बेहतर होगा और जीईआरडी के लक्षण भी कम हो जाएंगे। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
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1. दही खाने से पेट की जलन दूर होती है- Curd Cures Stomach Burning
दही का सेवन करने से पेट के एसिड को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। दही खाने से पेट की जलन भी दूर होती है। दही का सेवन करने से ब्लोटिंग की समस्या को भी दूर करने में मदद मिलती है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स की मदद से डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। दही के गुड बैक्टीरिया पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
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2. चावल की कांंजी- Rice Kanji
चावल की कांजी में प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं। इसे पीने से पेट में गुड बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ती है और कब्ज की समस्या से राहत मिलती है। चावल की कांजी का सेवन करने से ब्लोटिंग की समस्या भी दूर होती है और यह आसानी से पच जाती है। जीईआरडी के मरीज इस मौसम में कांजी का सेवन कर सकते हैं।
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3. मुलेठी जड़ की चाय- Liquorice Root Tea

एसिडिटी और जीईआरडी के लक्षणों को कम करने के लिए मुलेठी की जड़ से बनी चाय का सेवन फायदेमंद होता है। मुलेठी की जड़ से बनी चाय का सेवन दोपहर या रात के खाने के बाद कर सकते हैं। दिनभर में एक कप चाय का सेवन काफी है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी के मुताबिक, मुलेठी जड़ का सेवन करने से हार्टबर्न और जीईआरडी के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है।
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4. आंवला से पेट के एसिड कंट्रोल होते हैं- Amla Benefits For GERD

जीईआरडी से राहत के लिए आंवला का सेवन फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी पाया जाता है। आंवला का सेवन करने से पेट में बन रहे एसिड को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। ScienceDirect की एक स्टडी के मुताबिक, आंवला का सेवन करने से सीने में जलन कम होती है और जीईआरडी के मरीजों में लक्षणाें को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
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5. उबली हुई सब्जियां- Boiled Vegetables
उबली हुई सब्जियों में फैट की मात्रा कम होती है, ये आसानी से पच जाती हैं और जीईआरडी के मरीजों के लिए खासकर फायदेमंद होती हैं। जीईआरडी से राहत के लिए ब्रोकली, गाजर, बीन्स, मटर वगैरह का सेवन कर सकते हैं। इन सब्जियों में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जिससे पाचन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष:
जीईआरडी के मरीजों को उबली हुई सब्जियांं, दही, मुलेठी जड़ की चाय, आंंवला और चावल की कांंजी का सेवन करना चाहिए। इन फूड्स से पेट को आराम मिलता है और पाचन बेहतर होता है।
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Video Credit: Dietitian Shweta J Panchal
FAQ
जीईआरडी क्या होती है?
जीईआरडी एक पाचन समस्या है जिसमें पेट का एसिड भोजन की नली में आ जाता है जिससे हार्ट बर्न, खट्टा स्वाद, खाना निगलने में परेशानी होती है। जीईआरडी में तला-भुना भोजन खाने से बचना चाहिए।जीईआरडी के कारण क्या हैं?
अगर आप मोटापा, धूम्रपान और गलत लाइफस्टाइल का शिकार हैं, तो जीईआरडी की समस्या हो सकती है। जो लोग बहुत मसालेदार या तला-भुना खाते हैं, उन्हें भी यह समस्या हो सकती है।जीईआरडी के लक्षण क्या हैं?
जीईआरडी होने पर खट्टी डकार, हार्टबर्न, सीने में दर्द जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। जीईआरडी के लक्षण और भी ज्यादा खराब हो सकते हैं अगर आपके शरीर में पानी की कमी है।
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Feb 16, 2026 14:23 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Feb 16, 2026 14:23 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 16, 2026 14:23 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha