Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

पेट की जलन को शांत करते हैं ये 5 फूड्स, GERD के मरीजों के लिए हैं बेस्ट

गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स रोग (GERD) एक पाचन समस्‍या है। इस बीमारी में पेट का एस‍िड फ‍िर से खाने की नली में आ जाता है। जीईआरडी से राहत के ल‍िए कुछ हेल्‍दी फूड्स को डाइट का ह‍िस्‍सा बन सकते हैं। इन फूड्स को खाने से पेट की जलन शांत होती है और पाचन बेहतर रहता है। 

जीईआरडी रोग (Gastroesophageal Reflux Disease) के मरीजों को अक्‍सर हार्ट और पेट में जलन महसूस होती है। पेट में जलन के साथ-साथ एस‍िड‍िटी, पेट दर्द, खाना न‍िगलने में परेशानी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। मेरे मामा को जीईआरडी की समस्‍या थी, वह अक्‍सर ठंडी तासीर वाली चीजोंं का सेवन करते थे। उनकी टेबल पर हमेशा सौंफ की ड‍िब्‍बी रखी रहती थी। मामाजी बताते थे क‍ि जीईआरडी रोग में सौंफ का सेवन करने से खाना आसानी से पच जाता है। मामाजी को हमेशा ही मैंने कम तेल-म‍िर्च वाला खाना खाते ही देखा है। जब भी वह घर आते थे, मां उनका खाना भी अलग ही बनाती थीं, तब मुझे पहली बार जीईआरडी के बारे में पता चला था।

विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी संगठन (World Gastroenterology Organisation) की मानें, तो जीईआरडी को हल्‍के में लेने की गलती नहीं करनी चाह‍िए। इससे व्‍यक्‍त‍ि को आगे चलकर परेशानी हो सकती है, काम की प्रोडक्‍ट‍िव‍िटी घट सकती है, अन‍िद्रा की समस्‍या हो सकती है और रोज के रूटीन पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। जीईआरडी रोग को दूर करने के ल‍िए कुछ हेल्‍दी फूड्स को अपनी डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं। इन फूड्स में मौजूद पोषक तत्‍वोंं से पाचन बेहतर होगा और जीईआरडी के लक्षण भी कम हो जाएंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

 

 

 

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1. दही खाने से पेट की जलन दूर होती है- Curd Cures Stomach Burning

दही का सेवन करने से पेट के एस‍िड को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। दही खाने से पेट की जलन भी दूर होती है। दही का सेवन करने से ब्‍लोट‍िंग की समस्‍या को भी दूर करने में मदद म‍िलती है। दही में मौजूद प्रोबायोट‍िक्‍स की मदद से डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। दही के गुड बैक्‍टीर‍िया पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

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2. चावल की कांंजी- Rice Kanji

चावल की कांजी में प्रोबायोट‍िक्‍स मौजूद होते हैं। इसे पीने से पेट में गुड बैक्‍टीर‍िया की मात्रा बढ़ती है और कब्‍ज की समस्‍या से राहत म‍िलती है। चावल की कांजी का सेवन करने से ब्‍लोटि‍ंग की समस्‍या भी दूर होती है और यह आसानी से पच जाती है। जीईआरडी के मरीज इस मौसम में कांजी का सेवन कर सकते हैं।

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3. मुलेठी जड़ की चाय- Liquorice Root Tea

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एस‍िड‍िटी और जीईआरडी के लक्षणों को कम करने के ल‍िए मुलेठी की जड़ से बनी चाय का सेवन फायदेमंद होता है। मुलेठी की जड़ से बनी चाय का सेवन दोपहर या रात के खाने के बाद कर सकते हैं। द‍िनभर में एक कप चाय का सेवन काफी है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, मुलेठी जड़ का सेवन करने से हार्टबर्न और जीईआरडी के लक्षणों को कम करने में मदद म‍िलती है।

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4. आंवला से पेट के एस‍िड कंट्रोल होते हैं- Amla Benefits For GERD

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जीईआरडी से राहत के ल‍िए आंवला का सेवन फायदेमंद होता है। इसमें व‍िटाम‍िन सी पाया जाता है। आंवला का सेवन करने से पेट में बन रहे एस‍िड को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। ScienceDirect की एक स्‍टडी के मुताबि‍क, आंवला का सेवन करने से सीने में जलन कम होती है और जीईआरडी के मरीजों में लक्षणाें को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

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5. उबली हुई सब्‍ज‍ियां- Boiled Vegetables

उबली हुई सब्‍ज‍ियों में फैट की मात्रा कम होती है, ये आसानी से पच जाती हैं और जीईआरडी के मरीजों के ल‍िए खासकर फायदेमंद होती हैं। जीईआरडी से राहत के ल‍िए ब्रोकली, गाजर, बीन्‍स, मटर वगैरह का सेवन कर सकते हैं। इन सब्‍ज‍ियों में फाइबर की अच्‍छी मात्रा होती है ज‍िससे पाचन को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है।

न‍िष्‍कर्ष:

जीईआरडी के मरीजों को उबली हुई सब्‍ज‍ियांं, दही, मुलेठी जड़ की चाय, आंंवला और चावल की कांंजी का सेवन करना चाह‍िए। इन फूड्स से पेट को आराम म‍िलता है और पाचन बेहतर होता है।

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Video Credit: Dietitian Shweta J Panchal

FAQ

  • जीईआरडी क्‍या होती है?

    जीईआरडी एक पाचन समस्‍या है ज‍िसमें पेट का एस‍िड भोजन की नली में आ जाता है ज‍िससे हार्ट बर्न, खट्टा स्‍वाद, खाना न‍िगलने में परेशानी होती है। जीईआरडी में तला-भुना भोजन खाने से बचना चाह‍िए। 
  • जीईआरडी के कारण क्‍या हैं?

    अगर आप मोटापा, धूम्रपान और गलत लाइफस्‍टाइल का श‍िकार हैं, तो जीईआरडी की समस्‍या हो सकती है। जो लोग बहुत मसालेदार या तला-भुना खाते हैं, उन्‍हें भी यह समस्‍या हो सकती है। 
  • जीईआरडी के लक्षण क्‍या हैं?

    जीईआरडी होने पर खट्टी डकार, हार्टबर्न, सीने में दर्द जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। जीईआरडी के लक्षण और भी ज्‍यादा खराब हो सकते हैं अगर आपके शरीर में पानी की कमी है। 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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