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Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

Anxiety और Depression को बढ़ा सकते हैं ये फूड्स, एक्सपर्ट से जानें क्या न खाएं

आज के समय में एंग्जायटी और डिप्रेशन सिर्फ मानसिक नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं बन चुकी हैं। काम का प्रेशर, नींद की कमी, रोजाना ज्यादा स्क्रीन टाइम और गलत खानपान इन समस्याओं को और गंभीर बना देते हैं। यहां जानिए, कौन से फूड्स एंग्जायटी और डिप्रेशन को बढ़ाते हैं?
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आज की तेज रफ्तार जिंदगी और बिगड़ी लाइफस्टाइल में एंग्जायटी और डिप्रेशन सिर्फ एक मेंटल प्रॉब्लम नहीं रह गए हैं, बल्कि ये हमारी रोजमर्रा की आदतों और खाने-पीने के तरीके से गहराई से भी जुड़े हुए हैं। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि उदासी, घबराहट या बेचैनी का कारण सिर्फ तनाव, काम का दबाव या पारिवारिक समस्याएं हैं, लेकिन बहुत कम लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि उनकी थाली में क्या है। हैरानी की बात यह है कि कुछ आम दिखने वाले फूड्स हमारे मूड को बिगाड़ने और मानसिक बेचैनी बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

कई बार लोग बिना वजह घबराए रहते हैं, नींद पूरी नहीं होती, मन भारी-सा लगता है या छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। ऐसे में अक्सर सलाह दी जाती है कि पॉजिटिव सोचो या तनाव मत लो लेकिन असली वजह कहीं और छुपी हो सकती है। मीठा, जंक फूड, ज्यादा चाय-कॉफी या पैकेज्ड चीजें कुछ समय के लिए आराम तो देती हैं, लेकिन बाद में यही चीजें एंग्जायटी और डिप्रेशन को और बढ़ा देती हैं। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानिए, कौन से फूड्स एंग्जायटी और डिप्रेशन को बढ़ाते हैं?

कौन से फूड्स एंग्जायटी और डिप्रेशन को बढ़ाते हैं?

जयपुर की जानी-मानी डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, दिमाग और पेट का कनेक्शन बेहद खास होता है। जो हम खाते हैं, वही हमारे दिमागी केमिकल्स और हार्मोन को प्रभावित करता है। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि गलत फूड चॉइस न सिर्फ शरीर को कमजोर बनाती है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बिगाड़ सकती है। अगर आप भी बार-बार बेचैनी, उदासी या मन की थकान महसूस करते हैं, तो आगे जानिए कौन-से फूड्स आपकी एंग्जायटी और डिप्रेशन को चुपचाप बढ़ा रहे हैं?

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1. ज्यादा चीनी वाला खाना

डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि मीठा खाने से कुछ समय के लिए दिमाग को राहत मिलती है, लेकिन ज्यादा चीनी वाला खाना ब्लड शुगर को तेजी से ऊपर-नीचे करता है, जिससे चिड़चिड़ापन, थकान और घबराहट बढ़ सकती है। मिठाइयां, सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस जैसे फूड्स नियमित रूप से खाने से मूड स्विंग्स और एंग्जायटी के लक्षण गंभीर हो सकते हैं।

एक स्टडी के अनुसार, चीनी के सेवन और चिंता (anxiety) के बीच उम्र के आधार पर अलग-अलग संबंध देखे गए। 45 वर्ष से कम आयु के लोगों में, अधिक चिंता वाले व्यक्तियों ने 'एडेड शुगर' (added sugar) का सेवन काफी अधिक किया। इसके विपरीत, 45 वर्ष से अधिक आयु के चिंतित व्यक्तियों में ताजे फलों और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम पाया गया। हालांकि यह प्रभाव बहुत गहरा नहीं था, लेकिन यह संकेत देता है कि खान-पान की आदतें मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

2. प्रोसेस्ड और जंक फूड

फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, पिज्जा और इंस्टेंट नूडल्स जैसे प्रोसेस्ड फूड्स में पोषण की कमी होती है और ट्रांस फैट व रिफाइंड कार्ब्स ज्यादा होते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन के मुताबिक, ये फूड्स दिमाग में सूजन (inflammation) बढ़ा सकते हैं, जिससे डिप्रेशन का खतरा बढ़ता है।

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एक स्टडी के निष्कर्ष से पता चलता है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स, जिनमें एडेड शुगर की मात्रा अधिक होती है, का अत्यधिक सेवन मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। स्टडी के अनुसार, हाई शुगर और प्रोसेस्ड भोजन का सेवन करने वाले व्यक्तियों में एंग्जायटी (घबराहट) के लक्षणों का जोखिम लगभग 48% ज्यादा पाया गया।

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3. ज्यादा कैफीन से एंग्जायटी

कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और ज्यादा चाय पीने की आदत भी मानसिक स्वास्थ्य पर गलत असर डाल सकती है। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि रोजाना ज्यादा कैफीन नर्वस सिस्टम को ओवरस्टिमुलेट करता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी, घबराहट और नींद न आने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। जिन लोगों को पहले से एंग्जायटी की समस्या है, उनके लिए ज्यादा कैफीन ट्रिगर की तरह काम कर सकता है।

4. आर्टिफिशियल स्वीटनर

डाइटिशियन अर्चना जैन के मुताबिक, आर्टिफिशियल स्वीटनर और ज्यादा प्रिजर्वेटिव वाले पैकेज्ड फूड्स दिमागी केमिकल्स को प्रभावित कर सकते हैं। इससे सिरदर्द, मूड स्विंग्स और एंग्जायटी बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए लंबे समय तक ऐसे फूड्स का सेवन मानसिक सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

निष्कर्ष

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, अगर सही समय पर गलत फूड्स को पहचानकर डाइट से हटाया जाए, तो मानसिक स्वास्थ्य में सुधार देखा जा सकता है। दवा के साथ-साथ सही खानपान अपनाना मानसिक शांति को बेहतर करने में मदद करता है।

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FAQ

  • क्या कैफीन घंटों बाद चिंता पैदा कर सकता है?

    जिन लोगों को एंग्जायटी की समस्या होती है, उनमें कैफीन नर्वस सिस्टम को उत्तेजित कर बेचैनी और घबराहट बढ़ा सकता है।
  • एंग्जायटी के लक्षण क्या-क्या होते हैं?

    एंग्जायटी होने पर व्यक्ति को घबराहट, तेज दिल की धड़कन, सांस लेने में तकलीफ, पसीना आना, मांसपेशियों में तनाव, नींद न आना और हर समय बेचैनी महसूस हो सकती है। 
  • एंग्जायटी को कैसे खत्म करें?

    एंग्जायटी खत्म करने के लिए गहरी सांस लें, योग, मेडिटेशन, नियमित एक्सरसाइज करें और बैलेंस डाइट का सेवन करें। कैफीन और शराब से बचें और यदि समस्या गंभीर हो तो एक्सपर्ट से मदद लें।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 16, 2026 14:18 IST

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  • Feb 16, 2026 14:18 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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