बच्चे के जन्म के बाद मां के पोस्टपार्टम डिप्रेशन के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन इस दौरान पिता को भी पोस्टपार्टम डिप्रेशन हो सकता है। इस बारे में कोई बात नहीं करता, क्योंकि पिता के पोस्टपार्टम डिप्रेशन के बारे में काफी लोगों को पता ही नहीं होता। इस कंडीशन में पिता सिर्फ उदास ही नहीं होता, बल्कि इससे उसके परिवार, समाज और कामकाज पर भी असर पड़ सकता है। इस बारे में हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि मेल पोस्टपार्टम डिप्रेशन हर नए पिता की समस्या नहीं होती, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसका खतरा काफी बढ़ जाता है।
मेल पोस्टपार्टम डिप्रेशन का खतरा किन पुरुषों में ज्यादा हो सकता है?
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “अगर किसी पुरुष को बहुत ज्यादा एंग्जाइटी, जरूरत से ज्यादा चिड़चिड़ापन और थकान महसूस हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए, क्योंकि ये मेल पोस्टपार्टम के लक्षण हो सकते हैं। कुछ खास पुरुषों को मेल पोस्टपार्टम का रिस्क हो सकता है।”
पहले से मेंटल हेल्थ की समस्या होना
Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “अगर किसी पुरुष को पहले डिप्रेशन, एंग्जायटी, पैनिक डिसऑर्डर या किसी अन्य मानसिक बीमारी की हिस्ट्री रही हो, तो शिशु के जन्म के बाद मेंटल स्ट्रेस बढ़ने की संभावना ज्यादा हो सकती है। ऐसे पुरुषों को पोस्टपार्टम डिप्रेशन का खतरा भी ज्यादा रहता है।”
मां का पोस्टपार्टम डिप्रेशन से गुजरना
Dr. Vineet Malhotra ने बताया कि अगर डिलीवरी के बाद मां डिप्रेशन से गुजर रही हो, तो पिता पर भी इमोशनल असर पड़ सकता है। इससे पिता पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में उसके डिप्रेशन में जाने का रिस्क बढ़ सकता है।

पहली बार पिता बनने पर पोस्टपार्टम डिप्रेशन होना
Dr. Vineet Malhotra के अनुसार, “जो पहली बार पिता बनते हैं, उनके बच्चे की देखभाल, नई जिम्मेदारियां और भविष्य की चिंता मेंटल प्रेशर को बढ़ा सकती है। अगर स्ट्रेस कम नहीं होता, तो यह डिप्रेशन का रूप भी ले सकता है।”
नींद की कमी होना
Dr. Vineet Malhotra ने कहा कि कई बार शिशु रातभर जागते हैं और इस वजह से पिता की नींद पूरी नहीं हो पाती। नींद पूरी न होने के कारण चिड़चिड़ापन और थकान महसूस होती है। अगर लंबे समय तक थकान रहती है, तो पिता पोस्टपार्टम डिप्रेशन के ज्यादा शिकार हो सकते हैं।
आर्थिक और परिवार का प्रेशर
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं कि शिशु के जन्म के बाद खर्चे बढ़ने से लेकर नौकरी की चिंता और परिवार की आर्थिक जरूरतें कई पुरुषों के लिए तनाव का कारण बनती हैं। इसके अलावा, पति-पत्नी के बीच बढ़ते मतभेद और रिश्तों में तनाव के कारण भी डिप्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।
पोस्टपार्टम के किन लक्षणों की पहचान करना जरूरी
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “शिशु के जन्म के बाद कुछ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन, कोर्टिसोल और अन्य हार्मोन के स्तर में बदलाव हो सकते हैं, जो मूड को प्रभावित कर सकते हैं। अगर किसी पुरुष को शिशु के जन्म के बाद परिवार व दोस्तों से दूरी बनाने का मन करने, हर समय थकान रहे, काम में जरूरत से ज्यादा डूब जाए और लगातार गुस्सा आता रहे, तो यह डिप्रेशन के लक्षण हो सकते हैं।”
निष्कर्ष
Dr. Vineet Malhotra सलाह देते हैं कि अगर किसी पुरुष को ये लक्षण दो या इससे ज्यादा हफ्ते तक बने रहें, तो तुरंत एक्सपर्ट को दिखाना चाहिए। इस बात का सभी को ध्यान रखना चाहिए कि मां के साथ पिता के इमोशन्स को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। अगर समय पर डिप्रेशन की पहचान हो जाए, तो इस समस्या का इलाज किया जा सकता है।
FAQ
क्या डिप्रेशन के कारण पुरुष गलत आदतों की तरफ झुक सकते हैं?
पुरुष अपनी मानसिक उलझन और तनाव को दबाने के लिए अक्सर शराब, सिगरेट या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा देते हैं। इसके अलावा, वे खतरनाक ड्राइविंग या जुआ खेलने जैसे आक्रामक और जोखिम भरे कामों में भी शामिल हो सकते हैं।पुरुषों में इस डिप्रेशन के शारीरिक लक्षण क्या दिखाई देते हैं?
मानसिक तनाव के कारण पुरुषों को लगातार बिना किसी डॉक्टरी कारण के सिरदर्द, पेट की गड़बड़ी और मांसपेशियों में भयंकर दर्द की शिकायत रह सकती है। इसके अलावा, रात में नींद न आना या दिनभर अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस होना भी इसके लक्षण हैं।
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Jun 29, 2026 18:45 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jun 29, 2026 18:45 IST
Modified By : Aneesh RawatJun 29, 2026 18:45 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra