Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhinav Gupta , Consultant Neurologist & Director - Neurology Bhav Neuro Centre, Ghaziabad

क्यों कई पुरुष उदासी की बजाय गुस्से के रूप में डिप्रेशन के लक्षण दिखाते हैं? बता रहे हैं डॉक्टर

कई पुरुष अक्सर गुस्से में रहते हैं, लेकिन उन्हें इसका अंदाजा नहीं होता है। ऐसी स्थिति डिप्रेशन का संकेत हो सकती है। आइए, जानें कि कुछ पुरुषों को डिप्रेशन में गुस्सा अधिक क्यों आता है?

आमतौर पर हमारा समाज ऐसा है, जहां हम पुरुषों को रोते कम ही देखते हैं। हालांकि, पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक गुस्सा देखने को मिलता है। इसे हम उनकी आदत समझकर अक्सर इग्नोर कर देते हैं। यहां यह सवाल जरूर मन में उठता है कि क्या पुरुषों में हर बार गुस्सा सिर्फ नाराजगी की ओर इशारा करता है या फिर यह भावना उनमें डिप्रेशन का संकेत भी हो सकती है? कहने का मतलब है कि क्या कुछ पुरुष उदासी के बजाय गुस्से के रूप में अपने डिप्रेशन को दिखाते हैं? इस बारे में जानना इसलिए भी जरूरी है कि ताकि पुरुष अपनी स्थिति को समझकर समय पर अपना ट्रीटमेंट करवा सकें। इस बारे में जानने के लिए हमने ग्रेटर नोएडा स्थित सर्वोदय अस्पताल में Director-Neurology डॉ. अभिनव गुप्ता से बात की है।

क्यों पुरुषों में गुस्सा डिप्रेशन का लक्षण हो सकता है?

why some men express depression through anger and irritability instead of sadnes 01 (20)

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि पुरुष महिलाओं की तरह डिप्रेशन में उदास नहीं होते हैं। वे अपने अवसाद को गुस्से के रूप में जगजाहिर करते हैं। साल 2020 में Frontiers in Psychiatry में प्रकाशित एक लेख से पता चल रहा है कि पुरुष अक्सर डिप्रेशन के रूप में गुस्सा जाहिर करते हैं। हालांकि, यह अध्ययन नए बने पिता पर हुआ था। इसमें पता चलता है कि नए-नए पिता बनने के बाद उनके लिए सामाजिक सहयोग में कमी और जीवनसाथी के साथ या पेरेंटिंग में आपसी तालमेल की समस्याएं और पिता-शिशु के बीच कमजोर भावनात्मक जुड़ाव के कारण वे कई बार अपनी भावनाओं को सही तरह से समझ नहीं पाते हैं। ऐसे में उनमें अंदर ही अंदर गुस्सा भर जाता है। ऐसे में उन्हें अपने मानसिक स्वास्थ्य की और ध्यान देने की जरूरत है। सामान्य पुरुषों की बात करें, तो इस संबंध में विशेषज्ञ बताते हैं कि पुरुषों का पालन-पोषण महिलाओं से बिल्कुल भिन्न होता है। उन्हें हर परिस्थिति में सख्त रहने की सलाह दी जाती है। इसलिए, उनके लिए गुस्सा होना अधिक आसान होता है।

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पुरुष डिप्रेशन में गुस्सा क्यों होते हैं?

हमेशा टफ रहने की सलाहः पुरुषों को बचपन से ही सख्त रहने की सलाह दी जाती है। उन्हें अपने इमोशंस और कमजोरी छिपाने के लिए कहा जाता है। ऐसी परिस्थितियां पुरुषों को उदास होने से रोकती हैं।

गुस्सा दिखाना आसानः पुरुषों को बचपन से ही समाज रोने या उदास होने से रोकता है। उन्हें कहा जाता है कि तुम पुरुष हो चीजों को हैंडल करना आना चाहिए। ऐसे में पुरुष अपनी कमजोरियों को जगजाहिर होने से रोकते हैं। ऐसे में उन्हें गुस्सा दिखाना आसान लगता है, इसलिए वे अवसाद में होने पर गुस्सा दिखाना पसंद करते हैं।

निराशा और लाचारीः जब हम डिप्रेशन में होते हैं, तो खुद को फंसा हुआ, निराश या बेबस महसूस करना एक आम बात होती है। ऐसा लगना जैसे कोई भी चीज सही नहीं हो रही है। इस तरह की चीजें सोचना असामान्य नहीं है, लेकिन पुरुषों की बात करें तो वे लाचारी की यह भावना उदासी के बजाय गुस्से के रूप में बाहर निकालने लगते हैं।

निष्कर्ष

ऐसा कभी नहीं कहा जा सकता है कि सभी पुरुष एक जैसे होते हैं। कुछ पुरुष अवसाद में बिल्कुल वैसा ही महसूस करते हैं, जैसे महिलाएं। इसका मतलब है कि डिप्रेशन होने में वे थकान, निराशा और उदासी ही महसूस करते हैं। हालांकि, ऐसे पुरुषों की कमी नहीं है, जिन्हें डिप्रेशन में गुस्सा आने लगता है। अगर आप कभी यह महसूस करें कि आपका गुस्सा बढ़ गया है, तो एक बार प्रोफेशनल की मदद लेने में गुरेज न करें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या पुरुषों में डिप्रेशन का गुस्सा उनकी आम नाराजगी से अलग होता है?

    हां, डिप्रेशन वाला गुस्सा बिना किसी वजह के होता है और हफ्तों तक लगातार बना रह सकता है।
  • अगर किसी पुरुष में डिप्रेशन के कारण गुस्सा बढ़ रहा है, तो क्या करें?

    पुरुष में डिप्रेशन के कारण गुस्सा बढ़ने पर एक्सपर्ट या थेरेपिस्ट से संपर्क करें।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 30, 2026 19:59 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jun 30, 2026 19:59 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Abhinav Gupta

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