Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhinav Gupta , Consultant Neurologist & Director - Neurology Bhav Neuro Centre, Ghaziabad

क्या पिता बनने के बाद नींद की कमी पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती है? जानें डॉक्टर से

पिता बनने के बाद नींद की कमी कई पुरुषों में हो जाती है और इसका बुरा प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसा क्यों होता है और इस स्थिति में क्या किया जा सकता है? जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें।

आमतौर पर जब भी हम किसी नए पेरेंट की बात करते हैं, तो यही माना जाता है कि शिशु की पूरी देखभाल अकेले मां करती हैं। हालांकि, धीरे-धीरे समय बदल रहा है और अब पिता भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी नई मां की तरह कई परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। विशेषकर, रात के समय शिशु की केयर करने की वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। क्या आप जानते हैं कि हर स्थिति में हमारी नींद पूरी होनी चाहिए। नए पिता के लिए भी यही नियम मायने रखता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नींद पूरी न होने पर इसका बुरा प्रभाव उनकी मेंटल हेल्थ पर पड़ सकता है? आइए, जानते हैं ग्रेटर नोएडा स्थित सर्वोदय अस्पताल में Director-Neurology डॉ. अभिनव गुप्ता से।

पिता बनने के बाद नींद की कमी का पुरुषों की मेंटल हेल्थ पर असर

how sleep deprivation affects mental health of new fathers paternal depression 01 (20)

नींद की कमी हर व्यक्ति को प्रभावित करती है, इससे पुरुष भी अछूते नहीं हैं। विशेषकर 0 से 12 माह के शिशुओं के पिता में नींद की कमी उन्हें अलग तरह से प्रभावित करती है। इस संबंध में 2020 में Midwifery में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, 0 से 12 माह के शिशुओं के पिता की कमी होना बहुत सामान्य हो गया है और उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। इसकी वजह से उनमें डिप्रेशन के लक्षण नजर आने लगते हैं और इसका उनके वैवाहिक जीवन पर भी बुरा असर पड़ता है। हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि इस संबंध में और रिसर्च की जरूरत है।

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पिता बनने के बाद नींद की कमी होने पर किस तरह की मानसिक समस्याएं होती हैं?

पेटर्नल पोस्टपार्टम डिप्रेशन

डॉ. अभिनव गुप्ता के अनुसार, "डिलीवरी के बाद से पिताओं की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि उनकी पत्नी की रिकवरी सही तरह से हो और शिशु की देखभाल में भी कोई कमी न रहे। हालांकि, इस स्थिति में वे अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते और नींद की कमी होने लगती है। नींद की भारी कमी और लगातार रहने वाली थकान पुरुषों में डिप्रेशन की वजह बन जाता है। आमतौर पर इस तरह के डिप्रेशन में पिता उदास होने के बजाय अजीब सा गुस्सा, सबसे अलग-थलग रहना या जोखिम भरे व्यवहार दिखाने लगता है।"

भावनाओं को कंट्रोल न कर पाना

जब नए बने पिता लंबे समय तक अच्छी और गहरी नींद नहीं ले पाते हैं, तो ऐसे में उनके लिए अपनी भावनाओं पर कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो जाता है। इस वजह से, रोते हुए बच्चे को संभालते समय पिताओं में चिड़चिड़ापन, खीझ और मूड स्विंग्स जैसी परेशानियां होने लगती हैं।

आत्मविश्वास की कमी

जब पिता अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते हैं, तो इसका बहुत बुरा प्रभाव उन पर पड़ता है। उनमें खुद को लेकर डाउट होने लगता है कि क्या वे भविष्य में अच्छे पिता बन सकेंगे? उन्हें अपनी पेरेंटिंग स्टाइल पर डाउट होने लगता है। ऐसे में उन्हें अपने नवजात शिशु के साथ बेहतर बॉन्ड बनाने में दिक्कतें आती हैं, क्योंकि उनमें आत्मविश्वास की काफी कमी हो जाती है।

वैवाहिक जीवन में खटास

डॉ. अभिनव गुप्ता के मुताबिक, "जब नए पिताओं की नींद पूरी नहीं होती है और उन्हें खुद पर डाउट होने लगता है, तो इसका बुरा प्रभाव उनके वैवाहिक जीवन पर भी पड़ने लगता है। दरअसल, नींद की कमी के कारण नए बने पिता मेंटली फिट नहीं रह पाते हैं, तनाव गहराता जाता है और थकान बढ़ती जाती है, जिसकी वजह से पति-पत्नी के बीच कहा-सुनी होने लगती है और कई बार बहस बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।"

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नए पिता बनने के बाद नींद की कमी की समस्या से कैसे निपटें?

नए पिता बनने के बाद नींद की कमी होना स्वाभाविक हो जाता है, क्योंकि शिशु को हर समय मां या पिता की जरूरत होती है। ऐसे में जरूरी है कि पिता अपनी जीवनशैली को इस तरह मैनेज करें, ताकि नींद की कमी को दूर किया जा सके, जैसे-

  1. नए पेरेंट्स शिफ्ट में शिशु की जिम्मेदारी लें। जैसे एक पेरेंट 9 बजे से 1 बजे शिशु की देखभाल करें। इस दौरान दूसरा पेरेंट अच्छी और गहरी नींद ले लें।
  2. जब भी मौका मिले, दिन भर में एक बार पाॅवर नैप ले लें। 20 मिनट की नींद भी मेंटल हेल्थ में सुधार के लिए आवश्यक है।
  3. कई बार नए पेरेंट्स के लिए अपने शिशु की देखभाल करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में घर के बुजुर्गों की मदद ली जा सकती है।
  4. स्लीप हाइजीन का ध्यान रखें। इसका मतलब है कि सोने से पहले कैफीन का सेवन न करें, मोबाइल स्क्रीन से दूर रहें और शराब का सेवन करने से भी बचें।
  5. अगर नींद की कमी के कारण सेहत में बदलाव हो रहा है, तो बेहतर है कि आप उसे मॉनिटर करें। यह आपके स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

निष्कर्ष

मांओं की तरह नए पिता भी नींद की कमी के कारण पोस्टपार्टम डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं। ऐसा किसी के साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि वे अपनी नींद पूरी करें और जरूरी हो, तो किसी दोस्त या करीबी की मदद लें। हां, अगर नींद की कमी हो गई है तथा मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, तो इसे इग्नोर न करें। इस संबंध में तुरंत डॉक्टर की मदद लें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • पेटर्नल पोस्टपार्टम डिप्रेशन क्या है?

    शिशु के जन्म के बाद पिताओं में नींद की भारी कमी, थकावट और अचानक बढ़ी जिम्मेदारियों के कारण पेटर्नल पोस्टपार्टम डिप्रेशन हो सकता है।
  • माताओं की तुलना में नए पिताओं में डिप्रेशन या मानसिक तनाव के लक्षण कैसे अलग होते हैं?

    आमतौर पर माएं डिप्रेशन होने पर अक्सर उदास हो जाती हैं या रोने लगती हैं, वहीं पुरुष डिप्रेशन होने पर अत्यधिक गुस्सा, चिड़चिड़ापन या खुद को सबसे अलग-थलग करने लगते हैं।

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Disclaimer

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 02, 2026 19:10 IST

    Modified By : Meera Tagore
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