Wed Oct 14, 2026 | 08:12 PM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

भरपेट खाना खाने के बाद भी भूख क्यों लगती है? जानिए इसके पीछे क्या है कारण

भरपेट खाना खाने के बाद भी भूख लगने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रोटीन-फाइबर की कमी, तेजी से खाना और नींद पूरी न होना शामिल है। डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं।
भरपेट खाना खाने के बाद भी भूख क्यों लगती है? जानिए इसके पीछे क्या है कारणभरपेट खाना खाने के बाद भी भूख क्यों लगती है? जानिए इसके पीछे क्या है कारण

कई लोगों को भरपेट खाना खाने के तुरंत बाद भी ऐसा महसूस होता है जैसे पेट पूरी तरह नहीं भरा है। कभी-कभी यह नॉर्मल हो सकता है, लेकिन कई बार शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं और खान-पान की खराब आदतों की ओर इशारा करती है। खाना खाने के तुरंत बाद भूख लगने की स्थिति आमतौर खान-पान, नींद, तनाव, खाने की आदतों या किसी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ी हो सकती हैं। सिर्फ पेट भरना और शरीर को लंबे समय तक संतुष्ट रखना एक ही बात नहीं होती है। इसलिए, आइए इस लेख में दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि पेट भरने के बाद भी बार-बार भूख लगने का एहसास क्यों होता है? 

भरपेट खाने के बाद भी भूख लगने के कारण

Cleveland Clinic के अनुसार, भरपेट भोजन करने के बाद भी लगातार और ज्यादा भूख महसूस होने की स्थिति आमतौर पर डायबिटीज का संकेत हो सकती है। इसके अलावा, हाइपरथायरायडिज्म भी लगातार भूख लगने का कारण बनती है। पीएमसी हार्मोनल में बदलाव, या लो ब्लड शुगर जैसी हार्मोनल स्थितियां भी हो सकती हैं। पोषक तत्वों की कमी या अवशोषण की समस्या के कारण भी बार-बार भूख लगने की समस्या बढ़ सकती है।

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, भरपेट खाना खाने के बावजूद तुरंत भूख लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

1. खाने में प्रोटीन की कमी

अगर आपके खाने में प्रोटीन की मात्रा कम है तो पेट भरने का एहसास लंबे समय तक नहीं रह सकता है। प्रोटीन भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन और तृप्ति के संकेतों को प्रभावित करता है। इसलिए, सिर्फ चावल, रोटी, ब्रेड या मीठे फूड्स को खाने के बाद जल्दी भूख लग सकती है।

अपने हर भोजन में दाल, चना, राजमा, पनीर, दही और अन्य प्रोटीन से भरपूर फूड्स शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। अपने खाने में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है, न कि सिर्फ किसी एक चीज की मात्रा बढ़ाना।

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2. फाइबर कम होना भी एक कारण

खाने में फाइबर की मात्रा कम होना भी बार-बार भूख लगने की समस्या को बढ़ा सकता है। इतना ही नहीं, बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे मीठे ड्रिंक्स, मिठाइयां, बिस्कुट और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स खाने से भोजन पौष्टिक होने के बजाय कैलोरी का सोर्स बन सकता है। इसलिए, खाने में फाइबर की मात्रा संतुलित रखने की कोशिश करें।

फाइबर से भरपूर भोजन लेना पाचन को धीमा करने और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद कर सकता है। सब्जियां, साबुत अनाज, फल, दालें, बीन्स और ड्राई फ्रूट्स फाइबर के अच्छे सोर्स होते हैं। फाइबर पेट में भोजन की मात्रा और पाचन क्रिया को प्रभावित करता है, जिससे पेट भरने का एहसास ज्यादा देर रह सकता है।

3. बहुत तेजी से खाना

खाना कितनी तेजी से खाया जाता है, इसका असर भी पेट भरने के एहसास पर पड़ता है। जब हम बहुत जल्दी खाते हैं तो शरीर में दिमाग को भोजन से मिलने वाले पेट भरने के संकेतों को महसूस करने के लिए सही समय नहीं मिल सकता है। धीरे-धीरे खाना खाने और अच्छी तरह चबाकर भोजन करने से खाना अच्छी तरह पचता है और संतुष्टि को बेहतर तरीके से कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। साथ ही भोजन के दौरान टीवी या मोबाइल पर लगातार ध्यान देने के स्थान पर खाने पर फोकस देना फायदेमंद हो सकता है।

4. नींद पूरी न होना

नींद और भूख दोनों के बीच गहरा कनेक्शन होता है। पर्याप्त नींद न लेने पर भूख और पेट भरने के एहसास को कंट्रोल करने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं, जिससे ज्यादा भूख या खाने की इच्छा महसूस हो सकती है। अगर रोजाना देर रात तक जागने की आदत है और दिन में बार-बार स्नैक खाने की क्रेविंग होती है तो अपने सोने और जागने के समय पर ध्यान देना जरूरी है।

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5. डिहाइड्रेशन को भूख समझना

कभी-कभी शरीर में पानी की जरूरत को हम भूख समझ लेते हैं। खासकर कुछ खाने के बाद अचानक दोबारा भूख लगने का एहसास होने पर पहले एक गिलास पानी पीकर कुछ देर इंतजार करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, हर बार भूख को सिर्फ पानी की कमी मानना सही नहीं है। अगर सच में भूख लगी है तो संतुलित भोजन या पौष्टिक स्नैक लेना बेहतर होता है।

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6. स्वास्थ्य समस्याएं

लगातार और असामान्य रूप से तेज भूख को मेडिकल भाषा में पॉलीफेजिया कहा जाता है। यह डायबिटीज, हाइपरथायरायडिज्म जैसी कुछ स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। डायबिटीज में ज्यादा भूख के साथ बहुत ज्यादा प्यास, बार-बार पेशाब आना और बिना कोशिश के वजन कम होने जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। अगर भूख में अचानक या लगातार बदलाव आया है, खासकर वजन कम होने, बहुत ज्यादा प्यास लगने या बार-बार पेशाब आने के साथ तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

भूख को नियंत्रित करने के लिए क्या करें?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के मुताबिक, भूख को कंट्रोल करने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-

  • भोजन को संतुलित बनाएं और उसमें प्रोटीन, फाइबर, सब्जिया, साबुत अनाज और हेल्दी फैट से भरपूर फूड्स शामिल करें।
  • प्यास को भूख समझने की गलती करने से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • खाने को हमेशा धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं, ताकि पेट को भरने का एहसास सही तरह से हो सके।
  • पर्याप्त और अच्छी नींद लेने से भी फूड की क्रेविंग को कम किया जा सकता है। इसलिए, रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें।
  • ज्यादा मीठे और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने से बचें।

निष्कर्ष

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि भरपेट खाना खाने के बाद भी तुरंत भूख लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें खाने में प्रोटीन और फाइबर की कमी, बहुत तेजी से भोजन करना, नींद पूरी न होना, प्यास को भूख समझना और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी शामिल हैं। ध्यान रहे, जरूरी बात यह है कि सिर्फ पेट भरने के बजाय पोषक तत्वों और संतुलित भोजन पर ध्यान दें। अगर भरपेट खाने के बाद भी लगातार तेज भूख लगती है तो डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।
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FAQ

  • कौन सी बीमारी में भूख ज्यादा लगती है?

    ज्यादा भूख लगना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर छिपी किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल स्थिति का एक संकेत हो सकता है।
  • बार-बार भूख लगे तो क्या करें?

    बार-बार भूख लगने पर एक साथ ज्यादा खाने के बजाय दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर में पौष्टिक भोजन करें, जिसमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में शामिल हो। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 29, 2026 23:28 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dt Rakshita Mehra