पीरियड्स के दौरान अक्सर महिलाओं को बार-बार और कुछ अलग खाने की क्रेविंग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा भूख लगने लगती हैं। इतनी भूख की उन्हें हर समय कुछ न कुछ खाने का मन करता है। पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा होने वाली फूड क्रेविंग्स के पीछे शरीर के अंदर हार्मोन्स में होने वाले बदलाव कारण होते हैं। पीरियड से पहले और इस दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल तेजी से ऊपर-नीचे होता है, जो भूख को कंट्रोल करने वाले संकेतों को प्रभावित करता है। इसके अलावा, इस समय शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। इसलिए, आइए इस लेख में Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान हार्मोन्स आपकी भूख और खाने की इच्छा को कैसे प्रभावित करते हैं?
पीरियड के दौरान ज्यादा भूख लगने का कारण कौन-से हार्मोन हैं?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani ने बताया कि पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा भूख लगना कमजोरी या बुरी आदत नहीं है। पीरियड्स के समय आपकी भूख और फूड क्रेविंग्स में आने वाला यह बदलाव पूरी तरह से आपके शरीर में होने वाले हार्मोन्ल उतार-चढ़ाव के कारण होता है।
1. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का असंतुलन
Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, हमारे शरीर में पीरियड साइकिल मुख्य रूप से दो प्रमुख सेक्स हार्मोन्स द्वारा कंट्रोल होती है, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन। ये दोनों हार्मोन आपकी भूख को सीधे प्रभावित करते हैं।
- एस्ट्रोजन: ओव्यूलेशन के समय शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। एस्ट्रोजन, एक तरह का एपेपेटाइट सप्रेसेंट (Appetite Suppressant) यानी भूख को कम करने वाला हार्मोन है। इसलिए, पीरियड्स के लगभग दो हफ्ते पहले आप नॉर्मल या कम भूख महसूस करती हैं।
- प्रोजेस्टेरोन: ओव्यूलेशन के बाद, प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल तेजी से बढ़ता है। प्रोजेस्टेरोन आपकी भूख को बढ़ा देता है। पीरियड्स शुरू होने से ठीक पहले जब प्रोजेस्टेरोन का लेवल बहुत ज्यादा होता है तो आपको बार-बार और ज्यादा खाने की इच्छा होती है।
जब पीरियड्स शुरू होने वाले होते हैं तो ये दोनों हार्मोन्स अचानक तेजी से नीचे गिरते हैं। हार्मोन के इस अचानक बदलाव से दिमाग को समझ नहीं आता और भूख का संतुलन बिगड़ जाता है।
साल 2012 में Journal of Psychopathology And Clinical Science में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, ओवेरियन हार्मोन (जिनमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन शामिल हैं) और खान-पान की आदतों के बीच सीधा कनेक्शन देखा गया है। पीरियड साइकिल के दौरान इमोशनल ईटिंग में काफी उतार-चढ़ाव देखे जाते हैं। ओवेरियन हार्मोन और बिंज ईटिंग के बीच के कनेक्शन को लेकर किए गए स्टडी से पता चलता है कि साइकल के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण ज्यादा मात्रा में खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है।
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2. सेरोटोनिन का गिरता लेवल और मीठे की क्रेविंग
Dr.(Prof.) Anju Suryapani ने बताया कि पीरियड्स के दिनों में डार्क चॉकलेट, पेस्ट्री या आइसक्रीम खाने की क्रेविंग अक्सर बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और इसका कारण सेरोटोनिन नाम का ब्रेन केमिकल है। सेरोटोनिन को हम फील-गुड हार्मोन कहते हैं, जो हमारे मूड को बेहतर बनाता है। जब पीरियड्स से ठीक पहले एस्ट्रोजन का लेवल कम होता है तो इसके साथ ही दिमाग में सेरोटोनिन का लेवल भी काफी नीचे आ जाता है।
साल 2018 में Revista Brasileira de Ginecologia e Obstetrícia में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पीरियड साइकिल के अलग-अलग स्टेज के दौरान कई महिलाएं अपने खान-पान की आदतें बदल लेती हैं। इस दौरान शरीर में सेरोटोनिन का प्रोडक्शन बढ़ने से लक्षण कम होते हैं, इसलिए ज्यादा खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है।
3. मेटाबॉलिज्म का बढ़ना
Dr.(Prof.) Anju Suryapani ने बताया कि पीरियड्स आने से पहले के दिनों में महिला के शरीर की अंदरूनी मशीनरी को गर्भाशय की परत को संभालने के लिए ज्यादा एनर्जी खर्च करनी पड़ती है। साल 2020 में PLOS One Journal में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पीरियड्स में होने वाले बदलाव शरीर की मेटाबॉलिक रेट को भी प्रभावित करते हैं, जिससे एनर्जी की जरूरतें बदलती हैं और महिलाओं को पीरियड साइकिल के आसपास नॉर्मल से ज्यादा भूख महसूस हो सकती है।

4. भूख के हार्मोन्स का असंतुलन
Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, हमारे शरीर में दो मुख्य हार्मोन्स घ्रेलिन और लेप्टिन भूख का अहसास कराते हैं। घ्रेलिन भूख बढ़ाता है और लेप्टिन पेट भरने का संकेत देता है। पीरियड्स के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स में होने वाले बदलाव घ्रेलिन और लेप्टिन जैसे हार्मोन्स को प्रभावित करते हैं।
साल 2022 में Appetite Journal में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम से पीड़ित महिलाओं में ल्यूटियल फेज के दौरान कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट का सेवन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसके उलट, बिना प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम वाली महिलाओं में खाने को लेकर ऐसा कोई बदलाव नहीं देखा गया है। प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम वाली महिलाओं में एनर्जी को रेगुलर करने के लिए जिम्मेदार घ्रेलिन और लेप्टिन हार्मोन की भूमिका नॉर्मल महिलाओं से अलग हो सकती है। हार्मोन में होने वाले यही बदलाव ज्यादा भूख और कैलोरी की खपत का मुख्य कारण बनती है।
पीरियड्स क्रेविंग्स को हेल्दी तरीके से कैसे मैनेज करें?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि पीरियड्स के दौरान डाइटिंग करने या भूखा रहने से महिलाओं को बचना चाहिए। भूख को दबाने के स्थान पर उसे सही पोषण देकर शांत करना चाहिए।
- अगर आपको कार्ब्स की क्रेविंग हो रही है तो मैदा या चीनी के स्थान पर ओट्स, दलिया, शकरकंज और ब्राउन राइस खाएं। ये धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।
- अगर मीठे की बहुत ज्यादा क्रेविंग हो रही है तो 70% या उससे ज्यादा कोको वाली डार्क चॉकलेट खा सकती हैं। इसमें मैग्नीशियम होता है, जो पीरियड्स के ऐंठन को कम करने में प्रभावी हो सकते हैं।
- अपने खाने में अंडा, पनीर, दालें, दही और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें, ताकि पेट लंबे समय तक भरा रहे और बार-बार खाने की क्रेविंग कम हो।
- ज्यादा चाय या कॉफी और पैकेट वाले नमकीन खाने से बचें, क्योंकि यह पेट में गैस और जलन का कारण बन सकते हैं।
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डॉक्टर से कब मिलें?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, पीरियड्स के दौरान थोड़ी भूख बढ़ना और हल्की-फुल्की क्रेविंग होना नॉर्मल होता है। लेकिन अगर-
- बहुत ज्यादा बिंज ईटिंग यानी खुद पर बिना कंट्रोल के बहुत ज्यादा खाना खाने की समस्या हो रही हो।
- खाना खाने के बाद ज्यादा तनाव महसूस हो रहा हो।
- ज्यादा खाना आपके रोजाना की लाइफ और वजन पर बुरा असर डाल रहा हो।
- इन स्थितियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत किसी डॉक्टर या गायनेलॉजिस्ट से मिलकर सलाह लेना चाहिए।
निष्कर्ष
Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि पीरियड्स के दौरान अपनी भूख में बदलाव को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं लेनी चाहिए। यह इस बात का इशारा होता है कि आपकी बायोलॉजिकल क्लॉक और हार्मोनल सिस्टम सही तरह से काम कर रहे हैं। अपने शरीर के इस नेचुरल प्रोसेस को समझें, खुद को भूखा न रखें और अनहेल्दी जंक फूड खाने के स्थान प हेल्दी फूड्स का सेवन करें।
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FAQ
अचानक तेज भूख लगने का क्या कारण हो सकता है?
अचानक ज्यादा भूख लगने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें प्रोटीन या फाइबर की कमी, नींद में कमी और तनाव शामिल हैं। यह स्थिति खान-पान की गलत आदतों या शरीर में हार्मोन के बदलाव का संकेत हो सकती हैं।हर समय भूख लगना बंद कैसे करें?
हर समय भूख लगने की समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा भरपूर मात्रा में पानी पिएं और नींद पूरी करें।
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Jul 29, 2026 13:12 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani