मेनोपॉज के बाद स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसमें हड्डियों का कमजोर होना, मेटाबाॅलिज्म धीमा होना और हृदय स्वास्थ्य आदि शामिल हैं। कुछ महिलाएं मेनोपॉज के बाद बालों का पतला और हेयर फॉल बढ़ने की शिकायत करती भी देखी जाती हैं। इसलिए, यहां यह सवाल जरूर उठता है कि क्या वाकई मेनोपॉज के बाद हेयर फॉल बढ़ जाता है? आइए, जानते हैं राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा की राय और कुछ बचाव के टिप्स।
क्या वाकई मेनोपॉज के बाद हेयर फॉल बढ़ जाता है?
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मेनोपॉज के बाद बाल झड़ने की प्रक्रिया का तेज होना पूरी तरह नॉर्मल है। इस बारे में साल 2025 में Maturitas में प्रकाशित एक रिव्यू आर्टिकल से पता चलता है कि मेनोपॉज के दौरान बालों का झड़ना बढ़ जाता है और यह पूरी तरह से स्वाभाविक है। ऐसा मेनोपॉज के बाद हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। कई महिलाओं को फ्रंटल फाइब्रोसिस एलोपेशिया हो जाता है और कुछ मामलों में महिलाओं के बाल स्थायी रूप से झड़ सकते हैं।
इस बारे में डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर गिरता है और एंड्रोजन यानी पुरुष हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। ये एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बालों की ग्रोथ और हेयर फॉल को कंट्रोल करने के लिए जरूरी होते हैं। यही कारण है कि मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में बाल झड़ने और उनके पतले होने का जोखिम बढ़ जाता है।"
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मेनोपॉज के बाद हेयर फॉल बढ़ने के मुख्य कारण
- जैसा कि यह पहले भी बताया गया है कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन में गिरावट आ जाती है। ऐसे में हेयर फॉल बढ़ जाता है और बाल पहले की तुलना में अधिक कमजोर हो जाते हैं।
- मेनोपॉज के बाद न सिर्फ एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में गिरावट आती है, जो कि बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, बल्कि पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) अधिक सक्रिय हो जाते हैं। Abstract में छपे रिसर्च पेपर से भी इस बात की पुष्टि होती है कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। साल 2023 में Biomedicines में प्रकाशित पीयर-रिव्यूड के अनुसार, एंड्रोजन के कारण हेयर फॉलिकल्स सिकुड़ जाते हैं, कमजोर हो जाते हैं, जिससे फीमेल पैटर्न हेयर लॉस बढ़ जाता है।
- मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन में भारी गिरावट के कारण स्कैल्प में ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए स्कैल्प को सही पोषक तत्व और ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऐसे में हेयर फॉल अपने आप बढ़ने लगता है।
- मेनोपॉज के बाद हार्मोनल असंतुलन होने लगता है। इस वजह से कई महिलाओं में थायराइड जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। यह परेशानी सीधे-सीधे हेयर फॉल को बढ़ाती है और बालों को कमजोर तथा बेजान भी बनाती है।
- मेनोपॉज के बाद कई महिलाओं के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। दरअसल, एक उम्र के बाद महिलाओं की डाइट कम हो जाती है, जिसकी वजह से उनके शरीर में आयरन, विटामिन डी, जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जो हेयर फॉल को बढ़ा सकते हैं।
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मेनोपॉज के बाद हेयर फॉल से बचाव कैसे करें?
मेनोपॉज के बाद हेयर फॉल कम करने के लिए डॉ. करुणा मल्होत्रा द्वारा दिए गए बचाव के टिप्स अपनाएं-
- मेनोपॉज के बाद हार्मोनल इंबैलेंस हो जाता है, जिससे तनाव बढ़ सकता है। तनाव के स्तर को कम करके आप हेयर फॉल को भी कम कर सकते हैं।
- मेनोपॉज के बाद अक्सर महिलाओं को लंबी और गहरी नींद लेने में दिक्कत आती है। अच्छी नींद नहीं लेने से भी बालों का झड़ना बढ़ सकता है। कोशिश करें कि रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें।
- साल 2016 में Abstract में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार हेयर फॉल कम करने में डाइट का एहम योगदान होता है। डाइट का पूरा ध्यान रखें। मेनोपॉज के बाद डाइट में जिंक, विटामिन डी, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स आदि डाइट में शामिल करें। इससे स्कैल्प की सूजन कम होती है, जिससे बालों को मजबूती मिलती है।
- मेनोपॉज के बाद बालों की अच्छी केयर करना न भूलें। इस उम्र के बाद सल्फेट-फ्री और मॉइश्चराइजिंग शैंपू काफी मददगार हो सकता है।
- मेनोपॉज के बाद तमाम उपाय और बचाव के तरीके अपनाने के बावजूद हेयर फॉल कम न हो, तो इसे हल्के में न लें। डाॅक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करवाएं।
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निष्कर्ष
मेनोपॉज के बाद हेयर फॉल बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में कमी और पुरुष हार्मोन में बढ़ोतरी के कारण होता है। इस प्राकृतिक प्रकिया को रोका नहीं जा सकता है। हालांकि, डाइट और लाइफस्टाइल में सुधार करके आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं। इसके बावजूद, बालों का झड़ना कम न हो, तो बेहतर होगा कि आप डाॅक्टर से मिलें और अपनी जांच करवाएं। कई बार कुछ मेडिकल कंडीशन भी बाल झड़ने का कारण हो सकती हैं।
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FAQ
मेनोपॉज के बाद हेयर फॉल के कारण जानने के कौन से ब्लड टेस्ट करवाए जाते हैं?
सीरम फेरिटिन, हीमोग्लोबिन, थायराइड प्रोफाइल (TSH, T3, T4), विटामिन B12, विटामिन D3 और हार्मोनल पैनल (FSH, LH, फ्री टेस्टोस्टेरोन) जैसे टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।क्या मेनोपॉज के बाद बालों को दोबारा उगाने के लिए मिनॉक्सिडिल इस्तेमाल सेफ होता है?
हां, एक्सपर्ट की सलाह पर फीमेल पैटर्न हेयर लॉस के लिए 2% या 5% मिनॉक्सिडिल सॉल्यूशन का इस्तेमाल काफी प्रभावी माना जाता है।
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Jul 28, 2026 15:30 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra