Fri Sep 11, 2026 | 08:59 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

कहीं डाइट ही तो नहीं बाल झड़ने की वजह? जानें खानपान और हेयर फॉल का कनेक्शन

कहीं आपकी क्रैश डाइट या खराब खानपान की आदतें बाल झड़ने की असली वजह तो नहीं है? इस लेख में एक्सपर्ट जानें डाइट और हेयर फॉल के बीच क्या कनेक्शन है?

आमतौर पर हम हेयर फाॅल के लिए बालों की खराब केयर, हार्मोनल बदलाव और प्रदूषण की मार को जिम्मेदार मानते हैं। क्या आप जानते हैं कि बालों के झड़ने के पीछे आपकी खराब डाइट भी जिम्मेदार हो सकती है? हां, यह पूरी तरह सच है। हालांकि, खानपान और हेयर फाॅल का क्या कनेक्शन है और इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है, यह जानना जरूरी है। अगर आप भी हेयर फाॅल से परेशान हैं, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा और Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की है।

क्या खराब डाइट के कारण हेयर फाॅल हो सकता है?

could your diet be causing excessive hair fall 01 (18)

इसमें कोई दो राय नहीं है कि खराब डाइट हेयर फाॅल का कारण हो सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है, क्योंकि हमारे बाल केराटीन से बनते हैं, जो कि एक किस्म का प्रोटीन है। इसको अधिक सरल शब्दों में डॉ. करुणा मल्होत्रा समझाती हैं, "हेयर फाॅल किसी एक कारण से कभी नहीं होता है। इसमें डाइट की भूमिका भी अहम है। असल बात ये है कि जब शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, कोई क्रैश डाइट फाॅलो करता है या शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है। ये सभी कारण हेयर फाॅल को बढ़ावा देते हैं। यहां तक कि पोषक तत्वों की कमी के कारण बालों की ग्रोथ रुक सकती है और इसके वाॅल्यूम पर भी असर पड़ सकता है।"

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खराब डाइट हेयर फाॅल को कैसे प्रभावित करती है?

पोषक तत्वों की कमीः दिव्या गांधी कहती हैं, "मजबूत और घने बालों के लिए शरीर को पर्याप्त पोषक तत्वों मिलने जरूरी हैं। अगर शरीर में आवश्यक मिनरल्स, विशेषककर जिंक और आयरन, विटामिन जैसे बायोटिन, बी-काॅम्प्लेक्स और विटामिन की कमी हो जाती है, तो बाल पतले होने लगते हैं। असल में, आयरन ऑक्सीजन सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है पोषक तत्व है। अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो शरीर के सभी अंगों के साथ-साथ हेयर फाॅलिकल्स तक में ऑक्सीजन सप्लाई की कमी हो जाती है। इसका बुरा प्रभाव बालों पर भी पड़ता है।"

क्रैश डाइटः कई लोग वजन कम करने के लिए क्रैश डाइट फाॅलो करते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करके वे तेजी से अपने वजन को कंट्रोल कर लेंगे। हालांकि, ऐसा करके वे कैलोरी इनटेक एकदम से कम कर देते हैं। ऐसे में बाल टेलोजन स्थिति में जा सकते हैं। इसका मतलब होता है कि बाल आराम की स्थिति में चले गए, जिससे कुछ समय के लिए हैवी हेयर फाॅल होने लगता है

प्रोसेस्ड फूडः जो लोग प्रोसेस्ड या रिफाइंड फूड का सेवन बहुत ज्यादा मात्रा में करते हैं, उनको भी हेयर फाॅल की समस्या अधिक होती है। दरअसल, ज्यादा कार्ब्स या शुगर लेने की वजह से इंसुलिन और एंड्रोजन का स्तर तेजी से स्पाइक कर सकता है। अगर समय पर डाइट में सुधार न किया जाए, तो स्कैल्प में सूजन हो सकती है, जिससे हेयर फाॅल बढ़ जाता है।

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निष्कर्ष

हेयर फाॅल के पीछे डाइट का बहुत बड़ा योगदान होता है। इसलिए, डाइट में कभी भी ऐसी चीजों को शामिल नहीं करना चाहिए, जो हेयर फाॅल को बढ़ावा देते हैं। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हेयर फाॅल कम करने के लिए प्रोटीन, आयरन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और जिंक जैसे पोषक तत्वों को डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए। हां, अगर हेयर फाॅल जेनेटिक कारणों या हार्मोनल बदलाव की वजह से हो रहा है, तो इस संबंध में डाॅक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

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FAQ

  • क्रैश डाइट बंद करने के कितने दिनों बाद बालों का झड़ना रुकता है?

    क्रैश डाइट छोड़ने और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेने के बाद भी बालों का झड़ना पूरी तरह रुकने में 3 से 6 महीने का समय लग सकता है।
  • बालों की मजबूती के लिए डाइट में कौन से सुपरफूड्स शामिल करने चाहिए?

    अंडे, पालक, कद्दू के बीज, बादाम, अखरोट, दही और दालें हेयर फॉल को कम करने में मदद करते हैं।
  • क्या शाकाहारी लोगों में डाइट की कमी से हेयर फॉल ज्यादा होता है?

    आमतौर पर शाकाहारी लोगों में विटामिन B12 और आयरन की कमी देखी जाती है, जो हेयर फॉल की बड़ी वजह हैं।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 19, 2026 12:12 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 19, 2026 12:12 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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